Rinku Jha
Sunday, April 3, 2016
आरटीइ नामांकन में केंद्रीय विद्यालय अव्वल, ले चुके है दस हजार बच्चों का नामांकन
- शिक्षा विभाग के आरटीइ स्कूलों की लिस्ट में केंद्रीय विद्यालय शामिल नहीं
संवाददाता, पटना
शिक्षा का अधिकार कानून को प्राइवेट स्कूल भले नकार रहा हो, नामांकन नहीं ले रहा हो, लेकिन अगर बात केंद्रीय विद्यालय की होगी तो हर साल यहां पर नामांकन होता है. 2011 में लागू हुआ आरटीइ कानून के तहत हर साल नामांकन लिये जाते है. पटना जिला में जहां अब तक 270 स्कूलों ने मिलकर मात्र 3511 बच्चाें का नामांकन 2011 से 2015 तक में लिया है, वहीं अगर केंद्रीय विद्यालय की बात करें तो पटना जिला में पांच केंद्रीय विद्यालय है. इन केंद्रीय विद्यालयों ने 2011 से 2015 तक 10 हजार बच्चों का नामांकन लिया है. लेकिन इसकी जानकारी शिक्षा विभाग को नहीं है. शिक्षा विभाग के आरटीइ नामांकन लेने वाले स्कूलों के लिस्ट में केंद्रीय विद्यालय शामिल नहीं है.
- पहले आरटीइ नामांकन प्रक्रिया होती है पूरी
केंद्रीय विद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया फरवरी से शुरू होती है. ऑन लाइन आवेदन लेने के बाद पहले आरटीइ नामांकन के लिए लाॅटरी निकाली जाती है. लॉटरी की सारी प्रक्रिया अभिभावकों के सामने होता है. लाॅटरी निकालने में अभिभावकों को भी शामिल किया जाता है. जिन बच्चों का नाम लॉटरी में आता है, उन बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कोटे या अन्य केटेगरी वाले बच्चे का नामांकन लिया जाता है.
- सात किलाेमीटर का दायरा करता पूरी
केंद्रीय विद्यालय आरटीइ नामांकन लेने में सात किलोमीटर का दायरा रखता है. सात किलोमीटर के बीच जो भी बच्चे होते है, उनका नामांकन संबंधित केंद्रीय विद्यालय में लिया जाता है. स्कूल में क्लास वन में जितने सेक्शन चलते है, उन हर सेक्शन में 10 बच्चों का नामांकन आरटीइ के तहत ली जाती है. यानी कम से कम 10 बच्चे का नामांकन तो केंद्रीय विद्यालय में होता ही है.
कोट
शिक्षा विभाग की ओर से कोई सूचना कभी मांगी नहीं गयी है. जब हमने सूचना मांगी जायेगी तभी तो हम देंगे. 2011 से ही प्रदेश भर के तमाम 51 केंद्रीय विद्यालय में आरटीइ नामांकन लिये जाते है. नये सत्र में पहले आरटीइ नामांकन होता है तभी दूसरे केटेगरी या कोटे वाले का नामांकन लिये जाते है.
एमएस चौहान, क्षेत्रीय निदेशक, केंद्रीय विद्यालय संगठन, पटना जोन
सूचना के अधिकार के तहत आरटीइ नामांकन की लिस्ट में तमाम प्राइवेट स्कूलों का नाम रहता है, लेकिन केंद्रीय विद्यालय में नामांकन की लिस्ट विभाग नहीं देता है. हर साल नामांकन की प्रक्रिया में प्राइवेट स्कूल का नाम आता है, लेकिन केंद्रीय विद्यालय उसमें शामिल नहीं होता है.
अजय कुमार चौरसिया, आरटीआइ एक्टिविस्ट
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