Wednesday, May 6, 2015

टीचर्स का क्वालिफिकेशन तय करें स्कूल, सीबीएसइ ने जारी किया लिस्ट

टीचर्स का क्वालिफिकेशन तय करें स्कूल, सीबीएसइ ने जारी किया लिस्ट

- सीबीएसइ ने प्रायमरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के टीचर्स का क्वालिफिकेशन किया तय
- सीटीइटी के रिजल्ट के बाद सीबीएसइ ने तय किया टीचर्स की डिग्री
संवाददाता, पटना
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) ने देश भर के सीबीएसइ स्कूलों के क्वालिफिकेशन को तय कर दिया है. अभी तक सीबीएसइ स्कूलों में सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी लेवल के क्वालिफिकेशन पर ही फोकस किया जाता था. लेकिन अब तमाम सीबीएसइ स्कूलों में नर्सरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी लेवल तक के टीचर्स को उनके क्वालिफिकेशन को ही देख कर रखे जाने है. बोर्ड ने इसकी जानकारी तमाम स्कूलों को दे दिया है. नये सेशन शुरू हो चुका है. ऐसे में स्कूलों को टीचर्स का लिस्ट बोर्ड को प्रोवाइड करवानी है.
- सीटीइटी ने खोला टीचर्स का पोल
सीबीएसइ की ओर से साल में दो बार सीटीइटी (सेंट्रल टीचर्स इजिब्लिटी टेस्ट) की परीक्षा ली जाती है. इस टेस्ट को हर टीचर्स को देना और पास करना जरूरी होता है. सीबीएसइ के सीटीइटी के 2014 के जून और 2015 फरवरी के रिजल्ट की माने तो 17 फीसदी टीचर्स ही सीटीइटी में क्वालिफाई कर पायें. प्राइमरी से लेकर सेकेंडरी लेवल तक टीचर्स में टीचिंग लेवल की काफी कमी है. कुछ ऐसा ही हाल 2013 की सीटीइटी की परीक्षा में भी देखा गया है. इससे क्वालिटी एजुकेशन की काफी कमी देखी जा रही है.
- क्वालिफिकेशन को कर दिया जाता है इग्नोर
पटना के अधिकांश स्कूलों में टीचर्स के क्वालिफिकेशन को इग्नोर कर दिया जाता है. टीचर्स एप्वाइंटमेंट के समय कम पैसे पर अगर टीचर्स रहने को तैयार रहते है तो स्कूल क्वालिफिकेशन को साइड में रख कर टीचर की नियुक्ति कर लेता है. ऐसे में टीचर्स को पढ़ाने का तरीके की भी जानकारी है या नहीं, इसकी भी जानकारी स्कूल नहीं लेता है. सीबीएसइ की माने तो अधिकांश स्कूलों में एडहॉक टीचर्स की नियुक्ति कर दी जाती है. जो प्रति क्लास के हिसाब से पैसे लेते है. ऐसे टीचर्स स्टूडेंट्स के प्रति जिम्मेवारी नहीं लेते है. वहीं दूसरी ओर कम पैसे पर टीचर्स को स्कूल वाले रख लेते है. इन सभी का असर स्कूल के क्वालिटी एजुकेशन पर पड़ता है.
- टीचर्स की सैलरी होगी अब फिक्स
सीबीएसइ द्वारा क्वालिफाइड टीचर्स को लेने से स्कूलों में टीचर्स के बीच सैलरी का एक बड़ा गैप खत्म हो जायेगा. पटना के स्कूलों की माने तो टीचर्स के सैलरी के बीच बड़ा गैप है. इसका असर स्कूल में क्वालिटी एजुकेशन पर काफी पड़ता है. टीचर्स की अब तक कोई फिक्स सैलरी नहीं होती है. स्कूल अपनी मरजी से टीचर्स को सैलरी का लेने देन करता है. ऐसे में टीचर्स के बीच भी हमेशा तनाव वाली स्थिति बनी रहती है. सीबीएसइ के अनुसार क्वालिफाइड टीचर्स लेने के साथ टीचर्स की सैलरी फिक्स की जायेगी. हर टीचर्स को उनके लेवल के अनुसार सीबीएसइ के नॉम्स के मुताबिक सैलरी दी जायेगी.

सीबीएसइ ने स्कूलो को यह गाइड लाइन जारी किया गया है. इसमें टीचर्स रिक्यूटमेंट के समय स्कूल को एकेडेमिक और प्रोफेसनल क्वालिफिकेशन का ध्यान रखना है.

1. प्री-स्कूल और नर्सरी टीचर के लिए ये हो क्वालिफिकेशन (4 से 6 साल के बच्चों को पढ़ाने वाले टीचर)
- सेकेंडरी लेवल (10वीं) का सर्टिफिकेट हो. कम से कम 50 फीसदी अंक से पास हो
- एक साल का प्री-स्कूल डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स होना चाहिए

2. प्री-स्कूल और नर्सरी टीचर के लिए ये हो क्वालिफिकेशन (6 से 8 साल के बच्चों को पढ़ाने वाले टीचर)
- सीनियर सेकेंडरी (12वीं) का सर्टिफिकेट हो. कम से कम 45 फीसदी अंक से पास हो
- नर्सरी टीचिंग का डिप्लोमा कोर्स दो सालों का होना चाहिए

3. क्लास वन से 5वीं तक (प्रायमरी लेवल टीचर्स के लिए)
- सीनियर सेकेंडरी (12वीं) का सर्टिफिकेट हो. कम से कम 50 फीसदी अंक 12वीं में होना चाहिए
- दो सालों का माध्यमिक एजुकेशन में डिप्लोमा कोर्स होना अनिवार्य है.
- सीटीइटी पास होना चाहिए. स्टेट गवर्नमेंट द्वारा लिया गया टीइटी का सर्टिफिकेट को भी मान्यता दी जायेगी

4. क्लास 6ठीं से 8वीं तक (माध्यमिक लेवल टीचर्स के लिए)
- किसी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री हो. माध्यमिक एजुकेशन में दो सालों का डिप्लोमा कोर्स
- सीटीइटी पास होना चाहिए. टीइटी का सेकेंड पेपर का पास सर्टिफिकेट को भी मान्यता दी जायेगी

5. 9वीं और 10वीं के लिए (सेकेंडरी या हाइ स्कूल टीचर्स के लिए)
- बीएड की डिग्री होना चाहिए.

6. 11वीं और 12वीं के लिए (सीनियर सेकेंडरी स्कूल, इंटर लेवल के लिए)
- किसी विषय में मास्टर डिग्री होना चाहिए. इसके साथ बीएड की डिग्री होनी चाहिए

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