Sunday, May 17, 2015

अल्ट्रा वायलेट किरण से बचना मुश्किल, मौसम विभाग ने किया आगाह

अल्ट्रा वायलेट किरण से बचना मुश्किल, मौसम विभाग ने किया आगाह

- पटना में सूर्य की किरण में पाया जाने लगा अल्ट्रा वायलेट किरण
- पिछले दस दिनों में पांच दिन रिकार्ड किये गये अल्ट्रा वायलेट किरण
संवाददाता, पटना
अभी तक अमेरिका और दूसरे बड़े देश और शहरों में ही अल्ट्रा वायलेट रे सूर्य की किरण में पाये जाने की बातें सूनने को मिलती थी. लेकिन अब यह अल्ट्रा वायलेट रे पटना में भी सूर्य की किरण में मौजूद होने की बातें सामने आयी हैं. पटना मौसम विभाग की माने तो अब पटना में अल्ट्रा वायलेट किरण की मौजूदगी होने लगी है. इससे यह कहा जा सकता है कि पटना में भी सूर्य की किरण में अल्ट्रा वायलेट रे मौजूद है और अब इससे आम पब्लिक को बचना होगा. खासकर स्कीन डिजीज वाले आम लोगों को तीखी धूप से बचना आवश्यक होगा. मौसम विभाग की माने तो जिस दिन धूप अधिक होती है उस दिन सूर्य की किरण में अल्ट्रा वायलेट की मौजूदगी पायी गयी हैं. मौसम विभाग की माने तो ओजोन लेयर कमजोर होता जा रहा हैं. इससे अल्ट्रा वायलेट किरण अब पटना के पृथ्वी पर भी आने लगा है.
- एयरपोर्ट परिसर में लगाया गया है यूबी रेडियो मीटर
पटना एयरपोर्ट स्थिति मौसम विभाग के परिसर में यूवी रेडियो मीटर केंद्रीय मौसम विभाग की ओर से लगाया गया हैं. केंद्रीय मौसम विभाग की माने तो पटना में पिछले दो सालों से काफी तीखी धूप हो रही है. ऐसे में सूर्य की किरण में अल्ट्रा वायलेट रे का शक मौसम वैज्ञानिकों ने जताई. इसके बाद केंद्रीय मौसम विभाग के सहयोग से यूवी रेडियो मीटर लगाया गया. पिछले छह महीने से मौसम विभाग यूवी रेडियो मशीन से अल्ट्रा वायलेट की रिकार्डिग कर रहा हैं. जो आंकड़े सामने आ रहे है उसे मौसम विभाग के शक को सही साबित कर दिया है.
- नॉर्मल रेंज से पांच प्वाइंट तक आगे बढ़ जाता है यूवी रेज
पिछले छह महीने से मौसम विभाग की ओर से पटना के वातावरण से सूर्य की किरणों में अल्ट्रा वायलेट रे की रिकार्डिग की जा रही हैं. ऐसे में कई दिन आयें हैं जब सूर्य की किरण में अल्ट्रा वायलेट रे पाया गया है. अगर हम एक मई से दस मई तक के आंकड़े की बात करें तो यह आंकड़ा बताते है किस तरह से यूवी किरण अपने नॉर्मल लेवल से पांच प्वाइंट अधिक पाया गया है. मौसम विभाग की माने तो 1 मई से दस मई के बीच में कई दिन यूवी किरण नॉर्मल से अधिक पाया गया है. दो मई तो यह लेवल छह प्वाइंट, तीन मई को सात प्वाइंट, चार मई को पांच प्वाइंट, पांच मई को तीन प्वाइंट, नौ मई को एक प्वाइंट बढ़ा हुआ रिकार्ड किया गया हैं. मौसम विभाग का मानना है कि बढ़ रही गर्मी में अब सिर्फ सन वर्न का ही खतरा नहीं है. बल्कि यूवी रेज की चपेट में आ गये तो फिर कई के क्रानिक स्कीन डिजीज का खतरा का भी चांस रहता हैं. इसलिए तेज धूप में निकलने से बचने की जरूरत है. अगर फिर भी निकलना है तो पूरी बॉडी को ढक कर ही घर से निकल वरना खतरा बना रहेगा.
- तीन स्तर पर होती है जांच
अल्ट्रा वायलेट रे की रिकार्डिंग मौसम विभाग तीन स्तर पर करता है. ए, बी और सी में बी की रिकार्डिग पूरी तरह से अल्ट्रा वायलेट रे को लेकर होता है. 24 घंटे हो रहे इस रिकार्डिग में मौसम विभाग सुबह 5 बजे से शाम के 5 बजे तक की रिकार्डिंग करता है. मौसम विभाग की माने तो यूवी किरण बी का नॉर्मल लेवल 20 से 21 मेगा जू प्रति सेंटीमीटर एक्वायर होता है. लेकिन कई दिन ऐसा देखा जाता है कि यह नॉर्मल से अधिक हो जाता है.

1 मई से दस मई के बीच अल्ट्रा वायलेट (यूवी) रे की रिकार्डिग
1 मई    -   17.41 मिली वॉट
2 मई    -   26.26 मिली वॉट
3 मई    -   27.02 मिली वॉट
4 मई   -   25. 86 मिली वॉट
5 मई   -  23.88 मिली वॉट
6 मई   -  21.62 मिली वॉट
7 मई   -  16. 26 मिली वॉट
8 मई   -  20.82 मिली वॉट
9 मई   -  22.21 मिली वॉट
10 मई  -  19. 52 मिली वॉट
नोट  - मौसम विभाग के अनुसार  इसमें जो भी रिकार्डिेंग 20 और 21 मिली वॉट से अधिक है उसका मतलब उस दिन पटना के सूर्य की किरण में अल्ट्रा वायलेट मौजूद हैं.

कोट
अल्ट्रा वायलेट की रिकार्डिग यूवी रेडियो मीटर के द्वारा किया जाता है. हर दिन इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है. आगे भविष्य में यह और बढ़ेगा. कई दिन इसका लेवल बढ़ा हुआ मिला है. जो एक चिंता का विषय है.  इसकी मॉनिटरिंग और स्टडी पूना से किया जाता है. फिर जिस तरह से वहां से जानकारी मिलती है, उसके हिसाब से काम किया जाता है.
एके गिरी, साइंटिस्ट, पटना मौसम विभाग 

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