Monday, May 4, 2015

बोर्ड रिजल्ट से पहले करना होगा नाम में सुधार


बोर्ड रिजल्ट से पहले करना होगा नाम में सुधार
- सीबीएसइ ने मार्कशीट सुधार के नियम किये सख्त
- डेट ऑफ बर्थ में एक साल के अंदर ही करना होगा सुधार
संवाददाता, पटना
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से जारी होने वाले वाली दसवीं की मार्कशीट और एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट पर करेक्शन अब जल्दी हो सकेगा. डेट ऑफ बर्थ के साथ नेम और सरनेम बदलने की प्रक्रिया में परिवर्तन किया गया है. बोर्ड ने अभी तक चल रहे प्रक्रिया को पूरा करने के लिए समय का निर्धारण कर दिया है. सीबीएसइ के स्टूडेंटस को अब इन चीजों में सुधार के लिए समय निर्धारण का ख्याल करना होगा. डेट ऑफ बर्थ में किसी तरह के बदलाव के लिए स्टूडेंट्स को एक साल का समय दिया जायेगा. एक साल के अंदर ही स्टूडेंट्स को अपने जन्मतिथि में परिवर्तन करवा लेना होगा. एक साल बीत जाने के बाद जन्मतिथि में परिवर्तन स्टूडेंट्स नहीं करवा सकेंगे. सीबीएसइ ने इस संबंध में आदेश जारी कर तमाम रीजनल ऑफिस में भेज दिया है. सीबीएसइ के आदेश के अनुसार स्टूडेंट्स को जन्मतिथि में परिवर्तन के लिए एक साल का समय मिलेगा तो वहीं स्टूडेंट्स के नाम और सरनेम में परिवर्तन के लिए अपने आवेदन करना पड़ेगा. जल्द ही रीजनल ऑफिस के माध्यम से इसकी जानकारी स्कूलों को दिया जायेगा.
- 9वीं से 10वीं तक कर सकते है सुधार
सीबीएसइ ने तमाम रीजनल ऑफिस को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है.  बोर्ड के अनुसार यह 9वीं और 10वीं में लागू होगा. जो भी स्टूडेंट्स 9वीं क्लास में बोर्ड के तहत रजिस्ट्रेशन करवायेंगे. उन्हें उसी समय अपना जन्मतिथि सही से भर कर देना होगा. अगर किसी कारण से स्टूडेंट्स को जन्मतिथि में पविर्तन करवाना पड़ेगा तो अब उन्हें उसे 9वीं फाइनल परीक्षा तक सुधार करवा लेना होगा. 10वीं में जाने के बाद यह सुधार नहीं हो पायेगा. ज्ञात हो कि अभी तक जन्मतिथि में सुधार दो सालों तक (9वीं और 10वीं में) हो जाता था. लेकिन अब यह सुधार नहीं हो पायेगा. वहीं नेम और सरनेम में परिवर्तन करने के लिए 9वीं के रिजल्ट निकलने के पहले अप्लाई करना होगा. अगर स्टूडेंट्स 9वीं रिजल्ट के बाद नेम और सरनेम में परिवर्तन चाहेंगे तो उनके नेम और सरनेम में परिवर्तन नहीं किया जायेगा.
- नहीं था समय का निर्धारण
सीबीएसइ के अनुसार इन चीजों में परिवर्तन का पहले कोई समय सीमा नहीं था. पुराने बैक लॉग के अलावा स्टूडेंट्स अपनी सुविधा के अनुसार बोर्ड के पास जन्म तिथि, नेम और सरनेम में परिवर्तन करवाने आते थे. इसको लेकर पुराने केस के मामले में बोर्ड को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था. इस समय सीमा को इस सत्र से लागू किया गया है. 2015 सत्र में जो स्टूडेंट्स 9वीं में नामांकित हुए और जिनका रजिस्ट्रेशन जुलाई 2015 में होना तय है, उन स्टूडेंट्स के उपर यह लागू होता है.

कोट
सीबीएसइ की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नाम और जन्मतिथि में बदलाव के लिए नियमों का पालन सख्ती से किया जायें. बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को कहा है कि ऐसे मामलों को नियमों के आधार पर हल किया जायें. नियमों में स्पष्ट किया गया है कि अगर आवेदक अपनी जन्मतिथि में बदलाव करवाना चाहता है तो उसे अपने क्षेत्रीय कार्यालय में ही आवेदन करना होगा.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ पटना

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