अब एक साल का मिलेगा एफिलिएशन, सीबीएसइ कर रहा तैयारी
- डोमेन रहेगा तभी मिलेगा एफिलिएशन
- सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को डोमेन नाम को रजिस्टर करने का दिया निर्देश
संवाददाता, पटना
अब स्कूलों को एक साल का ही एफिलिएशन मिल सकता है. इसकी तैयारी सीबीएसइ ने शुरू कर दी है. यह अगले साल से लागू की जायेगी. जिन स्कूलों का एफिलिएशन 2016 में समाप्त होगा, उन स्कूलों पर यह लागू होगा. लेकिन जिन स्कूलों को अभी तीन साल से पांच साल का एफिलिएशन मिला हुआ है. उन स्कूलों पर अभी यह नियम लागू नहीं होगा. सीबीएसइ ने स्कूलों की मनमानी पर नजर रखने के लिए यह कदम उठाने की तैयारी कर रहा है. सीबीएसइ सूत्रों की माने तो कई स्कूलों एफिलिएशन लेने के बाद मनमानी तरीके से स्कूल में नामांकन और कई गलत गतिविधि करते है. एफिलिएशन मिलने के बाद स्कूल सीबीएसइ के कई नियमों का ताक पर रख कर अपनी मरजी से सारा काम करते है. इससे उस स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स, उनके अभिभावकों के साथ सीबीएसइ को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं.
- एफिलिएशन चार्ज किया गया कम
सीबीएसइ जहां एक साल का एफिलिएशन देने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए एक्सपर्ट से फीड बैक ली जा रही है. फीड बैक के बाद इसे लागू किया जायेगा. वहीं एक साल के एफिलिएशन का चार्ज भी सीबीएसइ ने कम करने जा रही है. अगर किसी स्कूल को एक साल का एफिलिएशन मिलने तो उस स्कूल को एफिलिएशन के रजिस्ट्रेशन के लिए 750 रुपये खर्च करने पड़ेंगे. सीबीएसइ सूत्रों के मुताबिक एक साल के एफिलिएशन के बाद सीबीएसइ उस स्कूल पर नजर रखेगी. अगर वो स्कूल सीबीएसइ के सारे नॉम्स का पालन करता है तो फिर उसे दो या तीन सालों का एफिलिएशन मिल सकता है.
- एफिलिएशन के लिए डोमेन नाम को अनिवार्य किया बोर्ड ने
जिस स्कूल के पास डोमेन नाम का रजिस्ट्रेशन नहीं रहेगा, उन्हें एफिलिएशन नहीं मिलेगा. इसके साथ ही एफिलिएशन को भी समाप्त कर दिया जायेगा. इसकी जांच जुलाई में स्कूलों में शुरू हो जायेगा. इसकी सूचना सीबीएसइ की ओर से तमाम स्कूलों को दे दिया गया है. अब सीबीएसइ एफिलिएटेड तमाम स्कूलों को डोमेन नेम बोर्ड से रजिस्टर करवाना होगा. सीबीएसइ सूत्रों के मुताबिक अधिकांश स्कूल डोमेन नेम का रजिस्टर नहीं करवाया है. इससे सीबीएसइ को स्कूल के वेबसाइट की जानकारी नहीं होती हैं. स्कूल का वेबसाइट चल रहा है या नहीं इस पर भी बोर्ड को डाउट हो रहा हैं. इस कारण सीबीएसइ ने देश भर के सीबीएसइ स्कूलों को दो डोमेन नेम रखने का निर्देश दिया है. सूत्रों की माने तो अब हर स्कूलों को अपना वेबसाइट का डोमेन नेम डॉट कॉम चेंज करना होगा. अब हर स्कूलों का डोमेन नेम डॉट एसी डॉट इन या डॉट इडीयू डॉट इन होगा. जिन स्कूलों का पहले से वेबसाइट बोर्ड द्वारा दिये गये डोमेन नेम पर है, उनका तो ठीक है लेकिन जिन स्कूलों का डोमेन नेम बोर्ड द्वारा दिये गये डोनेम नेम नहीं है, उन्हें चेंज करना होगा. यह परिवर्तन जून तक तमाम स्कूलों को कर लेना है. इसके बाद जुलाई से बोर्ड की ओर से जांच किया जायेगा. जिन स्कूलों का डोमेन नेम बोर्ड से रजिस्टर नहीं होगा, उसकी मान्यता को लेकर उसे नोटिस दिया जायेगा.
- ऑन लाइन भरना होगा फार्म
डोमेन नेम के परिवर्तन के लिए स्कूलों को ऑन लाइन फार्म भरना होगा. इसके लिए स्कूल को सीबीएसइ के वेबसाइट पर जाकर फार्म भरना होगा. फार्म भरने के बाद बोर्ड द्वारा स्कूल के नाम के साथ डोमेन नेम देकर नया वेबसाइट का रजिस्ट्रेशन किया जायेगा. इसके बाद वो स्कूल की पूरी मॉनिटरिंग बोर्ड की ओर से किया जायेगा.
- सेंट माइकल ने किया शुरुआत
पटना में इसकी शुरुआत सेंट माइकल हाई स्कूल से किया गया है. सेंट माइकल हाई स्कूल ने अपना डोमेन नेम बोर्ड से रजिस्टर करवा लिया है. स्कूल से मिली जानकारी के अनुसार बोर्ड ने इसके लिए अप्लाई करना पड़ा और एक दिन में डोमेन नेम भेज दिया गया है. इसके अलावा कई स्कूलों ने अप्लाई करना शुरू कर दिया है. बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार देश भर के 10 हजार स्कूलों का अभी तक डोमेन नेम चेंज कर दिया गया है. इसमें पटना जोन के कुछ स्कूल शामिल है. हर हफ्ते 15 से 20 स्कूल अपना डोमेन नेम चेंज किया जा रहा है.
वेबसाइट पर इस तरह रखेगा नजर
- रेगुलर अपडेट होता है या नहीं
- वेबसाइट में तमाम जानकारी दी गयी है या नही
- अभिभावको की सुविधा के लिए स्कूल ने वेबसाइट पर किस तरह की जानकारी दी है
- स्कूल की टाइमिंग के साथ कैलेंडर पर स्कूल कितना फोकस कर रहा है
- अभिभावकों को स्कूल अपडेट की जानकारी कैसे दी जा रही है
इस तरह देना होगा चार्ज
5 साल के लिए डोमेन का रजिस्ट्रेशन चार्ज - 3371 रुपये
2 साल के लिए डोमेन का रजिस्ट्रेशन चार्ज - 1350 रुपये
1 साल के लिए डोमेन का रजिस्ट्रेशन चार्ज - 750
कोट
हर स्कूल को अपना डोमेन चेंज करना होगा. अभी तक देश भर में 10 हजार के उपर स्कूलों ने डोमेन नेम का परिवर्तन किया है. इसमें पटना जोन के सैकड़ों स्कूल भी शामिल है. हर स्कूल को अपना डोमेन नेम सीबीएसइ से रजिस्टर करवाना होगा. इसके अलावा अब एक साल के एफिलिएशन मिलने पर भी सीबीएसइ विचार कर रहा है.
बीबी तिवारी, डायरेक्टर, सीबीएसइ एफिलिएशन
- डोमेन रहेगा तभी मिलेगा एफिलिएशन
- सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को डोमेन नाम को रजिस्टर करने का दिया निर्देश
संवाददाता, पटना
अब स्कूलों को एक साल का ही एफिलिएशन मिल सकता है. इसकी तैयारी सीबीएसइ ने शुरू कर दी है. यह अगले साल से लागू की जायेगी. जिन स्कूलों का एफिलिएशन 2016 में समाप्त होगा, उन स्कूलों पर यह लागू होगा. लेकिन जिन स्कूलों को अभी तीन साल से पांच साल का एफिलिएशन मिला हुआ है. उन स्कूलों पर अभी यह नियम लागू नहीं होगा. सीबीएसइ ने स्कूलों की मनमानी पर नजर रखने के लिए यह कदम उठाने की तैयारी कर रहा है. सीबीएसइ सूत्रों की माने तो कई स्कूलों एफिलिएशन लेने के बाद मनमानी तरीके से स्कूल में नामांकन और कई गलत गतिविधि करते है. एफिलिएशन मिलने के बाद स्कूल सीबीएसइ के कई नियमों का ताक पर रख कर अपनी मरजी से सारा काम करते है. इससे उस स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स, उनके अभिभावकों के साथ सीबीएसइ को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं.
- एफिलिएशन चार्ज किया गया कम
सीबीएसइ जहां एक साल का एफिलिएशन देने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए एक्सपर्ट से फीड बैक ली जा रही है. फीड बैक के बाद इसे लागू किया जायेगा. वहीं एक साल के एफिलिएशन का चार्ज भी सीबीएसइ ने कम करने जा रही है. अगर किसी स्कूल को एक साल का एफिलिएशन मिलने तो उस स्कूल को एफिलिएशन के रजिस्ट्रेशन के लिए 750 रुपये खर्च करने पड़ेंगे. सीबीएसइ सूत्रों के मुताबिक एक साल के एफिलिएशन के बाद सीबीएसइ उस स्कूल पर नजर रखेगी. अगर वो स्कूल सीबीएसइ के सारे नॉम्स का पालन करता है तो फिर उसे दो या तीन सालों का एफिलिएशन मिल सकता है.
- एफिलिएशन के लिए डोमेन नाम को अनिवार्य किया बोर्ड ने
जिस स्कूल के पास डोमेन नाम का रजिस्ट्रेशन नहीं रहेगा, उन्हें एफिलिएशन नहीं मिलेगा. इसके साथ ही एफिलिएशन को भी समाप्त कर दिया जायेगा. इसकी जांच जुलाई में स्कूलों में शुरू हो जायेगा. इसकी सूचना सीबीएसइ की ओर से तमाम स्कूलों को दे दिया गया है. अब सीबीएसइ एफिलिएटेड तमाम स्कूलों को डोमेन नेम बोर्ड से रजिस्टर करवाना होगा. सीबीएसइ सूत्रों के मुताबिक अधिकांश स्कूल डोमेन नेम का रजिस्टर नहीं करवाया है. इससे सीबीएसइ को स्कूल के वेबसाइट की जानकारी नहीं होती हैं. स्कूल का वेबसाइट चल रहा है या नहीं इस पर भी बोर्ड को डाउट हो रहा हैं. इस कारण सीबीएसइ ने देश भर के सीबीएसइ स्कूलों को दो डोमेन नेम रखने का निर्देश दिया है. सूत्रों की माने तो अब हर स्कूलों को अपना वेबसाइट का डोमेन नेम डॉट कॉम चेंज करना होगा. अब हर स्कूलों का डोमेन नेम डॉट एसी डॉट इन या डॉट इडीयू डॉट इन होगा. जिन स्कूलों का पहले से वेबसाइट बोर्ड द्वारा दिये गये डोमेन नेम पर है, उनका तो ठीक है लेकिन जिन स्कूलों का डोमेन नेम बोर्ड द्वारा दिये गये डोनेम नेम नहीं है, उन्हें चेंज करना होगा. यह परिवर्तन जून तक तमाम स्कूलों को कर लेना है. इसके बाद जुलाई से बोर्ड की ओर से जांच किया जायेगा. जिन स्कूलों का डोमेन नेम बोर्ड से रजिस्टर नहीं होगा, उसकी मान्यता को लेकर उसे नोटिस दिया जायेगा.
- ऑन लाइन भरना होगा फार्म
डोमेन नेम के परिवर्तन के लिए स्कूलों को ऑन लाइन फार्म भरना होगा. इसके लिए स्कूल को सीबीएसइ के वेबसाइट पर जाकर फार्म भरना होगा. फार्म भरने के बाद बोर्ड द्वारा स्कूल के नाम के साथ डोमेन नेम देकर नया वेबसाइट का रजिस्ट्रेशन किया जायेगा. इसके बाद वो स्कूल की पूरी मॉनिटरिंग बोर्ड की ओर से किया जायेगा.
- सेंट माइकल ने किया शुरुआत
पटना में इसकी शुरुआत सेंट माइकल हाई स्कूल से किया गया है. सेंट माइकल हाई स्कूल ने अपना डोमेन नेम बोर्ड से रजिस्टर करवा लिया है. स्कूल से मिली जानकारी के अनुसार बोर्ड ने इसके लिए अप्लाई करना पड़ा और एक दिन में डोमेन नेम भेज दिया गया है. इसके अलावा कई स्कूलों ने अप्लाई करना शुरू कर दिया है. बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार देश भर के 10 हजार स्कूलों का अभी तक डोमेन नेम चेंज कर दिया गया है. इसमें पटना जोन के कुछ स्कूल शामिल है. हर हफ्ते 15 से 20 स्कूल अपना डोमेन नेम चेंज किया जा रहा है.
वेबसाइट पर इस तरह रखेगा नजर
- रेगुलर अपडेट होता है या नहीं
- वेबसाइट में तमाम जानकारी दी गयी है या नही
- अभिभावको की सुविधा के लिए स्कूल ने वेबसाइट पर किस तरह की जानकारी दी है
- स्कूल की टाइमिंग के साथ कैलेंडर पर स्कूल कितना फोकस कर रहा है
- अभिभावकों को स्कूल अपडेट की जानकारी कैसे दी जा रही है
इस तरह देना होगा चार्ज
5 साल के लिए डोमेन का रजिस्ट्रेशन चार्ज - 3371 रुपये
2 साल के लिए डोमेन का रजिस्ट्रेशन चार्ज - 1350 रुपये
1 साल के लिए डोमेन का रजिस्ट्रेशन चार्ज - 750
कोट
हर स्कूल को अपना डोमेन चेंज करना होगा. अभी तक देश भर में 10 हजार के उपर स्कूलों ने डोमेन नेम का परिवर्तन किया है. इसमें पटना जोन के सैकड़ों स्कूल भी शामिल है. हर स्कूल को अपना डोमेन नेम सीबीएसइ से रजिस्टर करवाना होगा. इसके अलावा अब एक साल के एफिलिएशन मिलने पर भी सीबीएसइ विचार कर रहा है.
बीबी तिवारी, डायरेक्टर, सीबीएसइ एफिलिएशन
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