Wednesday, May 6, 2015

14 लाख छात्रों का फंसा भविष्य, समय पर रिजल्ट नहीं तो कैसे लेंगे नामांकन

14 लाख छात्रों का फंसा भविष्य, समय पर रिजल्ट नहीं तो कैसे लेंगे नामांकन

- शिक्षकों के हड़ताल का बुरा असर पड़ेगा मैट्रिक के रिजल्ट पर
- सीबीएसइ और बिहार के बाहर पढ़ाई करने को नहीं जा पायेंगे बिहार बोर्ड के छात्र
संवाददाता, पटना
इस बार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से जुड़े मैट्रिक के 14 लाख परीक्षार्थियों को नामांकन लेने में कई परेशानी होगी. रिजल्ट नहीं मिलेगा तो फिर नामांकन कैसे होगा. जब तक नामांकन का समय आयेगा, तब तक सारे जगहों पर नामांकन की प्रक्रिया ही समाप्त हो जायेगी. एक तरफ जहां मैट्रिक के छात्रों को सीबीएसइ स्कूलों में नामांकन नहीं मिल पायेगा, वहीं बिहार के बाहर जाने का रास्ता भी बंद हो जायेगा. छात्रों के पास बिहार बोर्ड के इंटरमीडिएट कॉलेजों में ही नामांकन लेने की मजबूरी होगी. शिक्षकों की हड़ताल के कारण मैट्रिक का मूल्यांकन कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है. ऐसे में जून के अंतिम सप्ताह तक मैट्रिक का रिजल्ट निकल सकता है.
14 लाख छात्रों के लिए कॉलेज और स्कूल पड़ जायेंगे कम
बिहार के कुछ ही विवि है जहां पर इंटर की पढ़ाई होती है. ऐसे में 14 लाख छात्रों के लिए नामांकन लेना कठिन हो जायेगा. क्योंकि मगध विवि के अलावा कुछ और विवि में इंटर की पढ़ाई होती है. इसके अलावा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के लगभग 6 सौ प्लस टू स्कूलों में ही ये छात्र नामांकन ले पायेंगे. ऐसे में ये 14 लाख छात्रों को इंटर में नामांकन लेने में काफी परेशानी आयेगी. क्योंकि सीटें कम और छात्रों की संख्या अधिक हो जायेगी.
नहीं हुआ अभी तक मूल्यांकन शुरू
मैट्रिक परीक्षा खत्म हुए अब दो महीने के लगभग हो जायेगा. लेकिन अभी तक मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो पाया है. जब मूल्यांकन नहीं हुआ तो रिजल्ट में देरी तो होना ही है. समिति की माने तो मूल्यांकन कार्य होने के बाद रिजल्ट तैयार करने में एक महीने से अधिक का समय लगता है. ऐसे में अप्रैल में मूल्यांकन कार्य होने के बाद मई में 20 दिन रिजल्ट तैयार करने में लगता है. इसके बाद ही रिजल्ट की घोषणा की जाती है. लेकिन मैट्रिक का मूल्यांकन कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है. ऐसे में जून से पहले रिजल्ट निकलने की संभावना नहीं बन रही है.
20 से 30 फीसदी छात्र लेते सीबीएसइ स्कूलों में नामांकन
बिहार बोर्ड से मैट्रिक पास करने के बाद काफी संख्या में छात्र सीबीएसइ स्कूलों में नामांकन लेते है. समिति से मिली जानकारी के अनुसार 20 से 30 फीसदी छात्र सीबीएसइ स्कूलों में नामांकन लेते है. लेकिन इस बार ये छात्र भी नामांकन लेने से वंचित रह जायेंगे. क्योंकि सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड के तमाम स्कूलों में नामांकन मई से जून तक ले लिया जाता है. मई में एंट्रांस परीक्षा होती है. जून में नामांकन लिया जाता है. बिहार बोर्ड के मैट्रिक के स्टूडेंट्स इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पायेंगे. क्योंकि जब तक रिजल्ट नहीं होगा, तब तक सीबीएसइ स्कूलों में नामांकन के लिए आवेदन नहीं दिया जा सकता है.
बिहार के बाहर पढ़ाई करने का रास्ता बंद
मैट्रिक का रिजल्ट समय पर नहीं निकलने के कारण इस बार मैट्रिक के छात्र बिहार के बाहर भी नहीं जा पायेंगे. मैट्रिक के रिजल्ट के बाद काफी संख्या में छात्र कोटा आदि जगहों पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के कारण शिफ्ट कर जाते है. ऐसे में छात्र 11वीं में नामांकन लेने के साथ प्रतियोगी परीक्षा की भी तैयारी साथ में करते है. इन जगहों पर भी नामांकन की प्रक्रिया जून में समाप्त हो जाती है. सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड के रिजल्ट निकलने के साथ इन जगहों पर नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाती है. जून में नामांकन लेने के बाद जुलाई के प्रथम सप्ताह से सेशन शुरू हो जाता है.
पहली बार सिमुतल्ला के छात्र भी हुए है शामिल
मैट्रिक की परीक्षा में पहली बार सिमूतल्ला स्कूल के 112 छात्र भी शामिल हुए. बिहार का मॉडल कहें जाने वाले इस स्कूल के आठ छात्रों ने पहले ही स्कूल को छोड़ कर सीबीएसइ में नामांकन ले लिया था. अब ये 112 छात्र 11वीं की पढ़ाई फिर दुबारा बिहार बोर्ड के स्कूलों में ही करने को बाध्य होंगे. इस संबंध में सिमुतल्ला आवासीय विद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो. शंकर प्रसाद ने बताया कि सिमुतल्ला आवासीय विद्यालय के छात्र पहली बार मैट्रिक की परीक्षा दे रहें है.

कोट
सारे मूल्यांकन केंद्र पर उत्तर पुस्तिका पहुंचा दिया गया है. 15 अप्रैल से ही मूल्यांकन कार्य शुरू होना था. लेकिन शिक्षकों के हड़ताल के कारण मूल्यांकन शुरू नहीं हो पाया है. ऐसे में रिजल्ट में देरी तो होना ही है. अब मई आ गया है, लेकिन मूल्यांकन कार्य शुरू नही हुआ है. ऐसे में जून के अंतिम सप्ताह भी मैट्रिक के रिजल्ट की घोषणा की जा सकती है. क्योंकि जब तक मूल्यांकन कार्य होने के 20 से 25 दिन रिजल्ट को तैयार करने में लगता है.
श्रीनिवास चंद तिवारी, सचिव, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति 

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