स्टूडेंट्स से परेशान हो कर टीचर्स पहुंच रही बाल संरक्षण आयोग
- स्टूडेंट्स को सजेशन देना टीचर्स को पड़ रहा भारी
- लेडी टीचर्स को हो रही अधिक परेशानी
संवाददाता, पटना
केस वन - टीचर पुष्पा सिन्हा क्लास 9वीं और 10वीं के स्टूडेंट्स को इंगलिश का ट्यूशन देतीं हैं. एक बार किसी प्रश्न के गलत उत्तर देने और ट्यूशन से गायब रहने को लेकर टीचर ने एक स्टूडेंट को डांटा. फिर क्या था. उस स्टूडेंट ने मोबाइल पर मैसेज करना शुरू किया. टीचर को पूरे ट्यूशन के सामने डांटने पर अपनी नाराजगी बतायी. कई तरह की धमकियां भी दे डाली. ऐसे में तंग आकर टीचर पुष्पा सिन्हा ने बाल अधिकार सरंक्षण आयोग में जाकर मामला दर्ज करवाया है. यह हाल कोई एक शिक्षक की नहीं हैं बल्कि पटना के कई फेसम स्कूलों के टीचर्स स्टूडेंट्स के इस तरह बिहेवियर से परेशान है. हर स्टूडेंट्स सही रास्ते पर चलें, उसे सही गाइडेंस मिले, टीचर्स का फोकस यही होता हैं. टीचर्स स्टूडेंट्स को निगेटिविटी से निकाल कर पॉजिटिव अप्रोच रखने में मदद की कोशिश करते हैं. लेकिन ये सारी कोशिशें टीचर्स पर भारी पड़ने लगती है जब स्टूडेंट्स ही टीचर्स को परेशान करने लगे है. स्टूडेंट्स की इन्हीं हरकतों से परेशान होकर अब कई टीचर्स ने बाल अधिकार सरंक्षण आयोग में शिकायत दर्ज करवायी है. अब आयोग इसकी इंवेस्टीगेशन करने में लगा हुआ है.
पुरानी डांट का लेते है बदला
कई मामले में टीचर्स की डांट या पनिशमेंट का बदला लेने पर स्टूडेंट्स उतारू हो जाते है. आयोग में आई शिकायतों में कई मामले ऐसे है जिसमें महीनों पहले हुए इंसीडेंट को लेकर भी स्टूडेंट्स बदला लेने की कोशिश करते है. इस संबंध में सेंट जोसफ कांवेंट की मैथ की टीचर श्वेता प्रियदर्शी ने बताया कि लड़कों को हमने तो ट्यूशन देना ही बंद कर दिया है. आयें दिन किसी ना किसी तरह से वो गलत कमेंट करते है. कमेंट भी ऐसे कि किसी दूसरे को बता भी नहीं सकते हैं. ऐसे में अब बस लड़कियों को ही ट्यूशन दिया जाता है.
दोस्तों से भी दिलवा रहे धमकी
बोर्ड और फाइनल एग्जाम के समय सीबीएसइ के निर्देश पर सोशल साइट्स से जुड़ कर स्टूडेंट्स को गाइड करने को कहा जाता हैं. कई टीचर्स ऐसा करते भी हैं. लोयेला हाई स्कूल के मैथ के टीचर संजय कुमार ने बताया कि एग्जाम की तैयारी के समय बोर्ड के निर्देश पर स्टूडेंट्स से सोशल साइट्स से हम जुड़ते है. लेकिन इस दौरान भी स्टूडेंट्स बाज नहीं आते है. कुछ स्टूडेंट्स गलत कमेंट करने से भी परहेज नहीं करते. कई बार हम स्टूडेंट्स को समझाते भी हैं. लेकिन कई बार यह उल्टा हो जाता हैं. वहीं डीपीएस की साइंस टीचर अंजू शर्मा बताती है कि कई बार स्टूडेंट्स अपने किसी दोस्त से धमकी दिलवाते हैं.
- कई ग्रुप कर हरे टीचर्स को परेशान
अभी तक तो स्टूडेंट्स ही स्कूल और टीचर्स के खिलाफ बाल अधिकार संरक्षण आयोग में कंप्लेन करते थे. लेकिन हाल में टीचर्स ने आयोग में जाकर स्टूडेंट्स के खिलाफ शिकायतें की है. इसको लेकर आयोग की ओर से स्टूडेंट्स को बुला कर उनकी काउंसेलिंग भी की गयी है.
ये सारे कमेंट का सामना करना पड़ता हैं टीचर्स को
- आपको तो कुछ आता नहीं है. हमें सजेशन ना दिया करें
- आपकी हिम्मत कैसे हुई पूरे क्लास के सामने मुङो डांटने की
- मैम, आप तो बहुत ही सेक्सी लगती है
- .. आपकी स्माइल तो दिल तक पहुंच जाती है
- आपने मेरी गर्ल फ्रेंड के बारे में कैसे किसी दूसरे को बता सकती है
- आप जींस पहनती है तो ऐश्वर्या राय की तरह लगती है
- क्या आप मेरे साथ फिल्ड देखने चलेगी
- सर आप मेरी गर्ल फ्रेंड को कैसे डांट दिया, आगे से ऐसा कीजिऐसा तो आपके अफेसर के बारे में सबको बता दूंगा
- बोर्ड एग्जाम के कॉपी को सही से चेक कीजिएगा. अगर मार्क्स कम आयें तो बहुत ही बुरा होगा
- स्टूडेंट्स को सजेशन देना टीचर्स को पड़ रहा भारी
- लेडी टीचर्स को हो रही अधिक परेशानी
संवाददाता, पटना
केस वन - टीचर पुष्पा सिन्हा क्लास 9वीं और 10वीं के स्टूडेंट्स को इंगलिश का ट्यूशन देतीं हैं. एक बार किसी प्रश्न के गलत उत्तर देने और ट्यूशन से गायब रहने को लेकर टीचर ने एक स्टूडेंट को डांटा. फिर क्या था. उस स्टूडेंट ने मोबाइल पर मैसेज करना शुरू किया. टीचर को पूरे ट्यूशन के सामने डांटने पर अपनी नाराजगी बतायी. कई तरह की धमकियां भी दे डाली. ऐसे में तंग आकर टीचर पुष्पा सिन्हा ने बाल अधिकार सरंक्षण आयोग में जाकर मामला दर्ज करवाया है. यह हाल कोई एक शिक्षक की नहीं हैं बल्कि पटना के कई फेसम स्कूलों के टीचर्स स्टूडेंट्स के इस तरह बिहेवियर से परेशान है. हर स्टूडेंट्स सही रास्ते पर चलें, उसे सही गाइडेंस मिले, टीचर्स का फोकस यही होता हैं. टीचर्स स्टूडेंट्स को निगेटिविटी से निकाल कर पॉजिटिव अप्रोच रखने में मदद की कोशिश करते हैं. लेकिन ये सारी कोशिशें टीचर्स पर भारी पड़ने लगती है जब स्टूडेंट्स ही टीचर्स को परेशान करने लगे है. स्टूडेंट्स की इन्हीं हरकतों से परेशान होकर अब कई टीचर्स ने बाल अधिकार सरंक्षण आयोग में शिकायत दर्ज करवायी है. अब आयोग इसकी इंवेस्टीगेशन करने में लगा हुआ है.
पुरानी डांट का लेते है बदला
कई मामले में टीचर्स की डांट या पनिशमेंट का बदला लेने पर स्टूडेंट्स उतारू हो जाते है. आयोग में आई शिकायतों में कई मामले ऐसे है जिसमें महीनों पहले हुए इंसीडेंट को लेकर भी स्टूडेंट्स बदला लेने की कोशिश करते है. इस संबंध में सेंट जोसफ कांवेंट की मैथ की टीचर श्वेता प्रियदर्शी ने बताया कि लड़कों को हमने तो ट्यूशन देना ही बंद कर दिया है. आयें दिन किसी ना किसी तरह से वो गलत कमेंट करते है. कमेंट भी ऐसे कि किसी दूसरे को बता भी नहीं सकते हैं. ऐसे में अब बस लड़कियों को ही ट्यूशन दिया जाता है.
दोस्तों से भी दिलवा रहे धमकी
बोर्ड और फाइनल एग्जाम के समय सीबीएसइ के निर्देश पर सोशल साइट्स से जुड़ कर स्टूडेंट्स को गाइड करने को कहा जाता हैं. कई टीचर्स ऐसा करते भी हैं. लोयेला हाई स्कूल के मैथ के टीचर संजय कुमार ने बताया कि एग्जाम की तैयारी के समय बोर्ड के निर्देश पर स्टूडेंट्स से सोशल साइट्स से हम जुड़ते है. लेकिन इस दौरान भी स्टूडेंट्स बाज नहीं आते है. कुछ स्टूडेंट्स गलत कमेंट करने से भी परहेज नहीं करते. कई बार हम स्टूडेंट्स को समझाते भी हैं. लेकिन कई बार यह उल्टा हो जाता हैं. वहीं डीपीएस की साइंस टीचर अंजू शर्मा बताती है कि कई बार स्टूडेंट्स अपने किसी दोस्त से धमकी दिलवाते हैं.
- कई ग्रुप कर हरे टीचर्स को परेशान
अभी तक तो स्टूडेंट्स ही स्कूल और टीचर्स के खिलाफ बाल अधिकार संरक्षण आयोग में कंप्लेन करते थे. लेकिन हाल में टीचर्स ने आयोग में जाकर स्टूडेंट्स के खिलाफ शिकायतें की है. इसको लेकर आयोग की ओर से स्टूडेंट्स को बुला कर उनकी काउंसेलिंग भी की गयी है.
ये सारे कमेंट का सामना करना पड़ता हैं टीचर्स को
- आपको तो कुछ आता नहीं है. हमें सजेशन ना दिया करें
- आपकी हिम्मत कैसे हुई पूरे क्लास के सामने मुङो डांटने की
- मैम, आप तो बहुत ही सेक्सी लगती है
- .. आपकी स्माइल तो दिल तक पहुंच जाती है
- आपने मेरी गर्ल फ्रेंड के बारे में कैसे किसी दूसरे को बता सकती है
- आप जींस पहनती है तो ऐश्वर्या राय की तरह लगती है
- क्या आप मेरे साथ फिल्ड देखने चलेगी
- सर आप मेरी गर्ल फ्रेंड को कैसे डांट दिया, आगे से ऐसा कीजिऐसा तो आपके अफेसर के बारे में सबको बता दूंगा
- बोर्ड एग्जाम के कॉपी को सही से चेक कीजिएगा. अगर मार्क्स कम आयें तो बहुत ही बुरा होगा
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