आंख, दांत, कान का कहां गया रिपोर्ट
- किसी भी स्कूल ने नहीं डाली स्कूल वेबसाइट पर हेल्थ रिपोर्ट
- सीबीएसइ ने हर साल की हेल्थ रिपोर्ट को स्कूल वेबसाइट पर डालने का दिया था निर्देश
संवाददाता, पटना
हेल्थ रिपोर्ट की जानकारी किसी भी स्कूल ने अपने वेबसाइट पर जारी नहीं किया है. ऐसे में आंख, नाक और कान संबंधी रिपोर्ट की भी कोई जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है. बोर्ड यह नहीं समझ पा रही है कि स्कूलों में हेल्थ चेकअप किया गया है या नहीं. सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को भेजे गये निर्देश में यह जानकारी मांगी है कि 2014-15 सत्र में स्कूल में हेल्थ चेकअप किया गया है या नहीं. इस जानकारी में हर स्कूलों को आंख, दांत और कान संबंधी रिपोर्ट भी भेजनी है. स्कूलों को हेल्थ रिपोर्ट अब सीधे सीबीएसइ के पास भेजना होगा. सीबीएसइ ने इस रिपोर्ट को भेजने के लिए स्कूलों को 30 मई तक का समय दिया है. ज्ञात हो कि सीबीएसइ ने 2013 में यह नियम बनाया था कि स्कूल में हर महीने हेल्थ चेकअप करवाना है. इससे पता चलेगा कि स्कूली बच्चों में किस तरह की प्राब्लम सामने आ रहे है. इसी को लेकर सीबीएसइ ने हर स्कूल को एनुअल हेल्थ रिपोर्ट तैयार स्कूल वेबसाइट पर डालने का निर्देश दिया था.
- स्कूल के वेबसाइट से गायब है हेल्थ रिपोर्ट
हर स्कूल को स्कूल कैंपस में हेल्थ चेकअप करवाना आवश्यक है. हेल्थ चेकअप में आंख, नाक और कान की रिपोर्ट भी शामिल होगा. सीबीएसइ के अनुसार हर स्कूल को साल में दो या तीन ऐसे हेल्थ कैंप लगाना होगा, जहां पर बड़े पैमाने पर बच्चों का ओवर ऑल हेल्थ चेकअप करवाया जा सके. हर कैंप में एक्सपर्ट के तौर पर अलग-अलग फील्ड से डॉक्टर की टीम होगी. सीबीएसइ के अनुसार इस रिपोर्ट को हर स्कूल को अपने वेबसाइट पर डालना था, लेकिन पटना जोन के अधिकांश स्कूलों ने स्कूल वेबसाइट पर इसकी कोई जानकारी नहीं दिया है. स्कूल वेबसाइट पर कई एकेडेमिक जानकारी है लेकिन हेल्थ संबंधी कोई जानकारी नहीं दी गयी है.
- एनुअल रिपोर्ट तैयार करने की थी योजना
सीबीएसइ ने जोन वाइज हेल्थ रिपोर्ट निकालने का प्लानिंग किया था. इसके तहत देश भर के स्कूलों से मिली जानकारी पर बोर्ड एक एनुअल रिपोर्ट तैयार करता. इसमें आंख, नाक और कान संबंधी बीमारियों को देखकर यह पता लगाया जाता कि बच्चे किस बीमारी से ग्रसित है. सीबीएसइ हर साल के एनुअल रिपोर्ट में हेल्थ संबंधी जानकारी दी जाती है. इससे देश भर के स्कूलों से एक संपूर्ण हेल्थ रिपोर्ट की जानकारी भी बोर्ड को साल में एक बार लगता है. बोर्ड के अनुसार पटना जोन के अधिकांश स्कूलों के रिपोर्ट नहीं होने के कारण बोर्ड के कई तरह की दिक्कतें हो रही है.
- हेल्थ की जानकारी नहीं तो मान्यता नहीं
सीबीएसइ पहले भी कई बार स्कूलों को आगाह कर चुका है कि अगर स्कूल बच्चों के हेल्थ संबंधी चीजों पर लापरवाही करेगा तो उस स्कूल के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को निर्देश देते हुए कहा है कि हेल्थ की जानकारी नहीं देने वाले स्कूलों की मान्यता भी जा सकती है. बोर्ड के अनुसार हर स्कूल को बच्चों के कान, आंख और दांत की पूरी जानकारी बोर्ड को उपलब्ध करवानी है. अगर इस रिपोर्ट को तैयार करने में स्कूल किसी तरह की लापरवाही करेगा तो उस पर कार्रवाई की जायेगी.
- हर साल गायब रहता है हेल्थ रिपोर्ट
सीबीएसइ के एनुअल रिपोर्ट में हेल्थ संबंधी जानकारी स्कूलों द्वारा उपलब्ध नहीं करवाने के कारण रिपोर्ट पूरी नहीं हो पाती है. 2013 में सीबीएसइ ने हेल्थ रिपोर्ट को देने का निर्देश तमाम स्कूलों को दिया था. लेकिन पटना जोन के अधिकांश स्कूल ना तो 2014 सत्र में यह कर पायें और ना ही 2015 सत्र में हेल्थ रिपोर्ट तैयार कर पायें. ऐसे में अब सीबीएसइ ने स्कूलों से यह जानने को लेकर नोटिस भेजा है कि स्कूल में हेल्थ चेकअप पूरे सत्र के दौरान किया गया है या नहीं. अगर किया गया है तो फिर रिपोर्ट क्यूं नहीं भेजी गयी है
इन चीजों की जानकारी होना था हेल्थ रिपोर्ट में
- स्कूल में कुल स्टूडेंट्स की संख्या और कितने का किया गया हेल्थ चेकअप
- क्लास के अनुसार कितने स्टूडेंट्स का किया गया चेकअप
- किन चीजों का चेकअप किया गया
- हेल्थ चेकअप में आंख, नाक और कान का चेकअप किया गया है या नहीं
- आंख, दांत और कान संबंधी कितने डॉक्टर को हेल्थ कैंप में शामिल किया जाता है
- आंख, दांत और कान संबंधी किस तरह की बीमारी बच्चों में सामने आया है
- डॉक्टर की संख्या स्टूडेंट्स के हिसाब से होना चाहिए
- हर हेल्थ कैंप में 10 से 15 डॉक्टर की टीम होगी
- कैंप साल में दो से तीन बार लगाया जायेगा
- हर हेल्थ कैंप की रिपोर्ट अलग-अलग तैयार होगी
कोट
हेल्थ संबंधी तमाम एक्टिविटी सीबीएसइ के मेन कॉलिकुलम में आता है. ऐसे में इस संबंधी किसी भी तरह की लापरवाही स्कूल को भारी पड़ सकता है. सीबीएसइ की ओर से जारी एनूअल रिपोर्ट में जोन के अनुसार हेल्थ संबंधी जानकारी दी जाती है. सीबीएसइ की ओर से आंख, कान और दांत संबंधी हेल्थ पर विशेष ध्यान देने के लिए कहां गया है. बोर्ड इसमें पूरी तरह से पारदर्शिता रखना चाहता है.
सीबी सिंह, सचिव, सीबीएसइ सहोदया कांप्लेक्स
- किसी भी स्कूल ने नहीं डाली स्कूल वेबसाइट पर हेल्थ रिपोर्ट
- सीबीएसइ ने हर साल की हेल्थ रिपोर्ट को स्कूल वेबसाइट पर डालने का दिया था निर्देश
संवाददाता, पटना
हेल्थ रिपोर्ट की जानकारी किसी भी स्कूल ने अपने वेबसाइट पर जारी नहीं किया है. ऐसे में आंख, नाक और कान संबंधी रिपोर्ट की भी कोई जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है. बोर्ड यह नहीं समझ पा रही है कि स्कूलों में हेल्थ चेकअप किया गया है या नहीं. सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को भेजे गये निर्देश में यह जानकारी मांगी है कि 2014-15 सत्र में स्कूल में हेल्थ चेकअप किया गया है या नहीं. इस जानकारी में हर स्कूलों को आंख, दांत और कान संबंधी रिपोर्ट भी भेजनी है. स्कूलों को हेल्थ रिपोर्ट अब सीधे सीबीएसइ के पास भेजना होगा. सीबीएसइ ने इस रिपोर्ट को भेजने के लिए स्कूलों को 30 मई तक का समय दिया है. ज्ञात हो कि सीबीएसइ ने 2013 में यह नियम बनाया था कि स्कूल में हर महीने हेल्थ चेकअप करवाना है. इससे पता चलेगा कि स्कूली बच्चों में किस तरह की प्राब्लम सामने आ रहे है. इसी को लेकर सीबीएसइ ने हर स्कूल को एनुअल हेल्थ रिपोर्ट तैयार स्कूल वेबसाइट पर डालने का निर्देश दिया था.
- स्कूल के वेबसाइट से गायब है हेल्थ रिपोर्ट
हर स्कूल को स्कूल कैंपस में हेल्थ चेकअप करवाना आवश्यक है. हेल्थ चेकअप में आंख, नाक और कान की रिपोर्ट भी शामिल होगा. सीबीएसइ के अनुसार हर स्कूल को साल में दो या तीन ऐसे हेल्थ कैंप लगाना होगा, जहां पर बड़े पैमाने पर बच्चों का ओवर ऑल हेल्थ चेकअप करवाया जा सके. हर कैंप में एक्सपर्ट के तौर पर अलग-अलग फील्ड से डॉक्टर की टीम होगी. सीबीएसइ के अनुसार इस रिपोर्ट को हर स्कूल को अपने वेबसाइट पर डालना था, लेकिन पटना जोन के अधिकांश स्कूलों ने स्कूल वेबसाइट पर इसकी कोई जानकारी नहीं दिया है. स्कूल वेबसाइट पर कई एकेडेमिक जानकारी है लेकिन हेल्थ संबंधी कोई जानकारी नहीं दी गयी है.
- एनुअल रिपोर्ट तैयार करने की थी योजना
सीबीएसइ ने जोन वाइज हेल्थ रिपोर्ट निकालने का प्लानिंग किया था. इसके तहत देश भर के स्कूलों से मिली जानकारी पर बोर्ड एक एनुअल रिपोर्ट तैयार करता. इसमें आंख, नाक और कान संबंधी बीमारियों को देखकर यह पता लगाया जाता कि बच्चे किस बीमारी से ग्रसित है. सीबीएसइ हर साल के एनुअल रिपोर्ट में हेल्थ संबंधी जानकारी दी जाती है. इससे देश भर के स्कूलों से एक संपूर्ण हेल्थ रिपोर्ट की जानकारी भी बोर्ड को साल में एक बार लगता है. बोर्ड के अनुसार पटना जोन के अधिकांश स्कूलों के रिपोर्ट नहीं होने के कारण बोर्ड के कई तरह की दिक्कतें हो रही है.
- हेल्थ की जानकारी नहीं तो मान्यता नहीं
सीबीएसइ पहले भी कई बार स्कूलों को आगाह कर चुका है कि अगर स्कूल बच्चों के हेल्थ संबंधी चीजों पर लापरवाही करेगा तो उस स्कूल के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को निर्देश देते हुए कहा है कि हेल्थ की जानकारी नहीं देने वाले स्कूलों की मान्यता भी जा सकती है. बोर्ड के अनुसार हर स्कूल को बच्चों के कान, आंख और दांत की पूरी जानकारी बोर्ड को उपलब्ध करवानी है. अगर इस रिपोर्ट को तैयार करने में स्कूल किसी तरह की लापरवाही करेगा तो उस पर कार्रवाई की जायेगी.
- हर साल गायब रहता है हेल्थ रिपोर्ट
सीबीएसइ के एनुअल रिपोर्ट में हेल्थ संबंधी जानकारी स्कूलों द्वारा उपलब्ध नहीं करवाने के कारण रिपोर्ट पूरी नहीं हो पाती है. 2013 में सीबीएसइ ने हेल्थ रिपोर्ट को देने का निर्देश तमाम स्कूलों को दिया था. लेकिन पटना जोन के अधिकांश स्कूल ना तो 2014 सत्र में यह कर पायें और ना ही 2015 सत्र में हेल्थ रिपोर्ट तैयार कर पायें. ऐसे में अब सीबीएसइ ने स्कूलों से यह जानने को लेकर नोटिस भेजा है कि स्कूल में हेल्थ चेकअप पूरे सत्र के दौरान किया गया है या नहीं. अगर किया गया है तो फिर रिपोर्ट क्यूं नहीं भेजी गयी है
इन चीजों की जानकारी होना था हेल्थ रिपोर्ट में
- स्कूल में कुल स्टूडेंट्स की संख्या और कितने का किया गया हेल्थ चेकअप
- क्लास के अनुसार कितने स्टूडेंट्स का किया गया चेकअप
- किन चीजों का चेकअप किया गया
- हेल्थ चेकअप में आंख, नाक और कान का चेकअप किया गया है या नहीं
- आंख, दांत और कान संबंधी कितने डॉक्टर को हेल्थ कैंप में शामिल किया जाता है
- आंख, दांत और कान संबंधी किस तरह की बीमारी बच्चों में सामने आया है
- डॉक्टर की संख्या स्टूडेंट्स के हिसाब से होना चाहिए
- हर हेल्थ कैंप में 10 से 15 डॉक्टर की टीम होगी
- कैंप साल में दो से तीन बार लगाया जायेगा
- हर हेल्थ कैंप की रिपोर्ट अलग-अलग तैयार होगी
कोट
हेल्थ संबंधी तमाम एक्टिविटी सीबीएसइ के मेन कॉलिकुलम में आता है. ऐसे में इस संबंधी किसी भी तरह की लापरवाही स्कूल को भारी पड़ सकता है. सीबीएसइ की ओर से जारी एनूअल रिपोर्ट में जोन के अनुसार हेल्थ संबंधी जानकारी दी जाती है. सीबीएसइ की ओर से आंख, कान और दांत संबंधी हेल्थ पर विशेष ध्यान देने के लिए कहां गया है. बोर्ड इसमें पूरी तरह से पारदर्शिता रखना चाहता है.
सीबी सिंह, सचिव, सीबीएसइ सहोदया कांप्लेक्स
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