पास तो कर गये, लेकन अंक लाने में पिछड़ गये
- इंटर काउंसिल में लंबित रिजल्ट से अधिक कम अंक लाने वाले छात्रों की लगी है भीड़
- कम अंक में सुधार के लिए छात्र कर रहे स्क्रूटनी के लिए अप्लाई
संवाददाता, पटना
प्रैक्टिकल में पास कर गये, लेकिन थ्योरी में फेल कर गये. इंटर साइंस के रिजल्ट में अधिकांश छात्र अपने रिजल्ट को देख कर खुद ही परेशान है. छात्रों का मानना है कि अगर हम प्रैक्टिकल में पास कर रहे है तो थ्योरी में इतने तो अंक मिलने ही चाहिए कि हम पास कर जायें. हमें फेल कर दिया गया है. इंटर साइंस का रिजल्ट निकल चुका है. लेकिन छात्रों का विवाद खत्म नहीं हुआ है. इस बार पूरे प्रदेश से 88.97 फीसदी विद्यार्थी इंटर साइंस में सफल हुए हो, लेकिन काफी संख्या में विद्यार्थी को फिजिक्स और केमेस्ट्री में काफी कम अंक आयें. ऐसे में अब छात्र अपना रिजल्ट में सुधार के लिए इंटर काउंसिल पहुंच रहे है. अंक बढ़ाने के लिए वो काउंसिल के पास आवेदन भी दे रहे है.
- सबसे अधिक खराब हुआ फिजिक्स का रिजल्ट
इंटर साइंस में भले 4414 छात्रों के रिजल्ट ही पेंडिंग हुए हो, लेकिन विषय वार कम अंक मिलने की समस्या वाले छात्रों की संख्या सबसे अधिक हैं. नवादा से आयें छात्र रोहित ने बताया कि मैथ में उसे 75 अंक और फिजिक्स में मात्र 30 अंक आयें है. फिजिक्स प्रैक्टिकल में उसे 27 अंक दिये गये है. ऐसे में वो पास तो कर गया हैं, लेकिन उसे थ्योरी में कम अंक आयें है जिससे उसे नामांकन लेने में दिक्कतें आ सकती है. कुछ ऐसा ही हाल पटना फुलवारी सरीफ से आये पंकज कुमार का है. पंकज ने बताया कि प्रैक्टिकल में 25 अंक आयें है लेकिन थ्योरी पेपर में 32 अंक हैं. ओएमआर सीट के सारे उत्तर उसके सही थे.
- मॉडल पेपर से पूछे गये थे 70 फीसदी प्रश्न
इस बार इंटर साइंस की परीक्षा के पहले मॉडल पेपर निकाला गया था. इस मॉडल पेपर से लगभग 70 से 80 फीसदी प्रश्न पूछे गये थे. 100 अंक के फिजिक्स और केमेस्ट्री में 28 अंक का ओएमआर टाइप प्रश्न थे, 42 अंक के थ्योरी और 30 अंक के प्रैक्टिकल प्रश्न पूछे गये थे. परीक्षा में मॉडल पेपर का काफी फायदा छात्रों को मिला था. प्रश्न भी काफी आसान थे. फिजिक्स के एक्सपर्ट विपुल कुमार ने बताया कि ओएमआर और थ्योरी के अंकों को मिला दिया जायें तो भी अच्छे अंक प्राप्त किये जा सकते थे. स्क्रूटनी में जांच होने के बाद ही पता चलेगा कि कहां पर गड़बड़ी पायी गयी है.
- 5 जून से शुरू होगा स्क्रूटनी का काम
इंटर साइंस के छात्रों से स्क्रूटनी के लिए अभी आवेदन लिये जा रहे हैं. रविवार तक लगभग दो हजार आवेदन जमा कर लिये गये हैं. आवेदन लेने के बाद स्क्रूटनी का काम 5 जून से इंटर काउंसिल में शुरू किया जायेगा. बोर्ड अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि 5 जून से स्क्रूटनी काम शुरू हो जायेगा. अभी आवेदन के अनुसार छात्रों के उत्तर पुस्तिका को निकाला जा रहा है. उसके बाद स्क्रूटनी का काम शुरू होगा. एक्सपर्ट के तौर पर लगभग 150 शिक्षकों को अलग-अलग विषयों से लगायें जायेंगे. इसमें प्लस टू और कॉलेजों के शिक्षकों को चुना जा रहा है.
- रविवार को भी खुला रहा इंटर काउंसिल
स्क्रूटनी के आवेदन के लिए रविवार को भी इंटर काउंसिल खुला रहा. रविवार को लगभग 800 आवेदन जमा लिये गये. अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद खुद इसमें लगे रहे. अध्यक्ष छात्रों से भी मिले और उनकी समस्याओ को देखा और सुना. खासकर जेइइ मेन में पास होने वाले छात्रों के रिजल्ट को जल्द से जल्द देने की कोशिश में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति लगी हुई है.
इवैल्यूशन में हुई है गड़बड़ी
इंटर साइंस के रिजल्ट को तैयार करने में इवैल्यूशन स्तर पर ही गड़बड़ी हुई है. क्योंकि अगर किसी छात्र को प्रैक्टिकल में अच्छे अंक आ रहे है. तो थ्योरी में उसे अच्छे अंक आने ही चाहिए. प्रैक्टिकल में 90 फीसदी अंक लाने वाले को थ्योरी में कम अंक नही मिल सकते है. ऐसे में थ्योरी कॉपी की जांच पर ही सवाल है. एक तो स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती है. वहीं शिक्षकों ने भी आधी अधूरी कॉपी की जांच की है.
प्रो, शंकर प्रसाद, फिजिक्स एक्सपर्ट
कोट
सबसे अधिक फिजिक्स में रिजल्ट खराब हुआ है. काफी संख्या में छात्र जो आवेदन कर रहे है, उनके रिजल्ट में फिजिक्स विषय में काफी कम अंक आयें है. उसके बाद केमेस्ट्री विषय में कम अंक छात्रो को आये है. अभी स्क्रूटनी होगा तो इवैल्यूशन की सही जानकारी मिल पायेगी.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
- इंटर काउंसिल में लंबित रिजल्ट से अधिक कम अंक लाने वाले छात्रों की लगी है भीड़
- कम अंक में सुधार के लिए छात्र कर रहे स्क्रूटनी के लिए अप्लाई
संवाददाता, पटना
प्रैक्टिकल में पास कर गये, लेकिन थ्योरी में फेल कर गये. इंटर साइंस के रिजल्ट में अधिकांश छात्र अपने रिजल्ट को देख कर खुद ही परेशान है. छात्रों का मानना है कि अगर हम प्रैक्टिकल में पास कर रहे है तो थ्योरी में इतने तो अंक मिलने ही चाहिए कि हम पास कर जायें. हमें फेल कर दिया गया है. इंटर साइंस का रिजल्ट निकल चुका है. लेकिन छात्रों का विवाद खत्म नहीं हुआ है. इस बार पूरे प्रदेश से 88.97 फीसदी विद्यार्थी इंटर साइंस में सफल हुए हो, लेकिन काफी संख्या में विद्यार्थी को फिजिक्स और केमेस्ट्री में काफी कम अंक आयें. ऐसे में अब छात्र अपना रिजल्ट में सुधार के लिए इंटर काउंसिल पहुंच रहे है. अंक बढ़ाने के लिए वो काउंसिल के पास आवेदन भी दे रहे है.
- सबसे अधिक खराब हुआ फिजिक्स का रिजल्ट
इंटर साइंस में भले 4414 छात्रों के रिजल्ट ही पेंडिंग हुए हो, लेकिन विषय वार कम अंक मिलने की समस्या वाले छात्रों की संख्या सबसे अधिक हैं. नवादा से आयें छात्र रोहित ने बताया कि मैथ में उसे 75 अंक और फिजिक्स में मात्र 30 अंक आयें है. फिजिक्स प्रैक्टिकल में उसे 27 अंक दिये गये है. ऐसे में वो पास तो कर गया हैं, लेकिन उसे थ्योरी में कम अंक आयें है जिससे उसे नामांकन लेने में दिक्कतें आ सकती है. कुछ ऐसा ही हाल पटना फुलवारी सरीफ से आये पंकज कुमार का है. पंकज ने बताया कि प्रैक्टिकल में 25 अंक आयें है लेकिन थ्योरी पेपर में 32 अंक हैं. ओएमआर सीट के सारे उत्तर उसके सही थे.
- मॉडल पेपर से पूछे गये थे 70 फीसदी प्रश्न
इस बार इंटर साइंस की परीक्षा के पहले मॉडल पेपर निकाला गया था. इस मॉडल पेपर से लगभग 70 से 80 फीसदी प्रश्न पूछे गये थे. 100 अंक के फिजिक्स और केमेस्ट्री में 28 अंक का ओएमआर टाइप प्रश्न थे, 42 अंक के थ्योरी और 30 अंक के प्रैक्टिकल प्रश्न पूछे गये थे. परीक्षा में मॉडल पेपर का काफी फायदा छात्रों को मिला था. प्रश्न भी काफी आसान थे. फिजिक्स के एक्सपर्ट विपुल कुमार ने बताया कि ओएमआर और थ्योरी के अंकों को मिला दिया जायें तो भी अच्छे अंक प्राप्त किये जा सकते थे. स्क्रूटनी में जांच होने के बाद ही पता चलेगा कि कहां पर गड़बड़ी पायी गयी है.
- 5 जून से शुरू होगा स्क्रूटनी का काम
इंटर साइंस के छात्रों से स्क्रूटनी के लिए अभी आवेदन लिये जा रहे हैं. रविवार तक लगभग दो हजार आवेदन जमा कर लिये गये हैं. आवेदन लेने के बाद स्क्रूटनी का काम 5 जून से इंटर काउंसिल में शुरू किया जायेगा. बोर्ड अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि 5 जून से स्क्रूटनी काम शुरू हो जायेगा. अभी आवेदन के अनुसार छात्रों के उत्तर पुस्तिका को निकाला जा रहा है. उसके बाद स्क्रूटनी का काम शुरू होगा. एक्सपर्ट के तौर पर लगभग 150 शिक्षकों को अलग-अलग विषयों से लगायें जायेंगे. इसमें प्लस टू और कॉलेजों के शिक्षकों को चुना जा रहा है.
- रविवार को भी खुला रहा इंटर काउंसिल
स्क्रूटनी के आवेदन के लिए रविवार को भी इंटर काउंसिल खुला रहा. रविवार को लगभग 800 आवेदन जमा लिये गये. अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद खुद इसमें लगे रहे. अध्यक्ष छात्रों से भी मिले और उनकी समस्याओ को देखा और सुना. खासकर जेइइ मेन में पास होने वाले छात्रों के रिजल्ट को जल्द से जल्द देने की कोशिश में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति लगी हुई है.
इवैल्यूशन में हुई है गड़बड़ी
इंटर साइंस के रिजल्ट को तैयार करने में इवैल्यूशन स्तर पर ही गड़बड़ी हुई है. क्योंकि अगर किसी छात्र को प्रैक्टिकल में अच्छे अंक आ रहे है. तो थ्योरी में उसे अच्छे अंक आने ही चाहिए. प्रैक्टिकल में 90 फीसदी अंक लाने वाले को थ्योरी में कम अंक नही मिल सकते है. ऐसे में थ्योरी कॉपी की जांच पर ही सवाल है. एक तो स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती है. वहीं शिक्षकों ने भी आधी अधूरी कॉपी की जांच की है.
प्रो, शंकर प्रसाद, फिजिक्स एक्सपर्ट
कोट
सबसे अधिक फिजिक्स में रिजल्ट खराब हुआ है. काफी संख्या में छात्र जो आवेदन कर रहे है, उनके रिजल्ट में फिजिक्स विषय में काफी कम अंक आयें है. उसके बाद केमेस्ट्री विषय में कम अंक छात्रो को आये है. अभी स्क्रूटनी होगा तो इवैल्यूशन की सही जानकारी मिल पायेगी.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
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