मोबाइल जैमर से लिया जायेगा एम्स एंट्रांस
- 1 जून को होने वाले एम्स की परीक्षा में जैमर से रखी जायेगी नजर
संवाददाता, पटना
परीक्षा हॉल में मोबाइल साथ होगा तो तुरंत पकड़ में आयेगा. परीक्षा हॉल में मोबाइल का नेटवर्क खुद से खुद काम करना बंद कर देगा. कितना भी हाइटेक ब्लूटूथ का इस्तेमाल किया जायें, पकड़ में आना निश्चित हो जायेगा. किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस काम नही करेगा. एंट्रांस परीक्षा को कदाचार मुक्त बनाने के लिए ऑल इंडिया इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) की ओर से यह व्यवस्था की जा रही है. इस बार एम्स एंट्रांस परीक्षा के तमाम परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाया जायेगा. एक्सपर्ट की माने तो मोबाइल जैमर से उस एरिया में रहने वाले तमाम मोबाइल का नेटवर्क बंद हो जायेगा.
- ऑन लाइन ली जायेगी एम्स एंट्रांस
पहली बार एम्स की परीक्षा देश भर में ऑन लाइन ली जा रही है. देश भर में 672 सीटों के लिए ली जाने वाले एम्स की परीक्षा इस बार कम्प्यूटर बेस्ड लिया जायेगा. दो शिफ्ट में एम्स की परीक्षा ली जायेगी. दोनों की शिफ्ट की परीक्षा ऑन लाइन ही देनी होगी. इस बार एम्स की परीक्षा में देश भर से लगभग 2 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे. इसमें पटना से इस बार एम्स की परीक्षा में 15 से 20 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे. पूरे बिहार में पटना के अलावा इस बार गया, मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद, पूर्णिया में परीक्षा केंद्र बनाये गये है. ऑन लाइन परीक्षा होने के कारण इस बार बिहार में एम्स एंट्रांस के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या काफी कम है.
- बिहार के छात्रों को भेज दिया गया दूसरे स्टेट
इस बार बिहार के काफी संख्या में छात्रों को दूसरे स्टेट में परीक्षा केंद्र दे दिया गया है. परीक्षार्थी ने जिस शहर को च्वाइस के रूप में सेंटर दिया था, उनका सेंटर चेंज कर दिया गया. बिहार में आन लाइन सेंटर की संख्या कम होने के कारण काफी संख्या में छात्रों को दक्षिण भारत के शहरों में परीक्षा केंद्र बनाया गया है.
एम्स एंट्रांस - 1 जून
रिजल्ट - 25 जून (संभावित)
फस्र्ट काउंसेलिंग - 6 से 9 जुलाई
सेकेंड काउंसेलिंग - 10 अगस्त
थर्ड काउंसेलिंग - 7 सितंबर
ओपेन काउंसेलिंग - 23 सितंबर
देश भर के कुल सात एम्स में 672 सीटों के लिए नामांकन ली जायेगी. इसमें जेनरल से लेकर हर केटेगरी के लिए सीटें निश्चित कर दी गयी है
एम्स - जेनरल - ओबीसी - एससी
नयी दिल्ली - 37 - 19 - 11
भोपाल - 50 - 27 - 15
पटना - 50 - 27 - 15
जोधपुर - 50 - 27 - 15
ऋषिकेश - 50 - 27 - 15
भूवनेश्वर - 50 - 27 - 15
रायपुर - 50 - 27 - 15
कोट
पहली बार एम्स एंट्रांस आन लाइन लिया जायेगा. बिहार में भी ऑन लाइन परीक्षा केंद्र बनाये गये है. इस बार 2 लाख के लगभग परीक्षा देश भर से शामिल होंगे. कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए कई सावधानी बरती जा रही है.
जेके सिंह, डायरेक्टर, एम्स पटना
पहली बार एम्स के तमाम परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगायी जा रही हैं. जिस तरह से मेडिकल के एंट्रांस परीक्षा में कदाचार करने के लिए माइक्रो मोबाइल आदि का उपयोग होने लगा है. यह एक चिंता का विषय बनता जा रहा है. मोबाइल जैमर लगाने से ब्लूटूथ से कोई भी हाइटेक चोरी करना संभव नहीं हो पायेगा. एम्स की ओर से किया जाने वाला यह प्रयास काफी अच्छा है. इसे दूसरे एंट्रांस परीक्षा में भी लागू करना चाहिए.
विपिन कुमार, डायरेक्टर, गोल इंस्ट्रीच्यूट
- 1 जून को होने वाले एम्स की परीक्षा में जैमर से रखी जायेगी नजर
संवाददाता, पटना
परीक्षा हॉल में मोबाइल साथ होगा तो तुरंत पकड़ में आयेगा. परीक्षा हॉल में मोबाइल का नेटवर्क खुद से खुद काम करना बंद कर देगा. कितना भी हाइटेक ब्लूटूथ का इस्तेमाल किया जायें, पकड़ में आना निश्चित हो जायेगा. किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस काम नही करेगा. एंट्रांस परीक्षा को कदाचार मुक्त बनाने के लिए ऑल इंडिया इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) की ओर से यह व्यवस्था की जा रही है. इस बार एम्स एंट्रांस परीक्षा के तमाम परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाया जायेगा. एक्सपर्ट की माने तो मोबाइल जैमर से उस एरिया में रहने वाले तमाम मोबाइल का नेटवर्क बंद हो जायेगा.
- ऑन लाइन ली जायेगी एम्स एंट्रांस
पहली बार एम्स की परीक्षा देश भर में ऑन लाइन ली जा रही है. देश भर में 672 सीटों के लिए ली जाने वाले एम्स की परीक्षा इस बार कम्प्यूटर बेस्ड लिया जायेगा. दो शिफ्ट में एम्स की परीक्षा ली जायेगी. दोनों की शिफ्ट की परीक्षा ऑन लाइन ही देनी होगी. इस बार एम्स की परीक्षा में देश भर से लगभग 2 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे. इसमें पटना से इस बार एम्स की परीक्षा में 15 से 20 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे. पूरे बिहार में पटना के अलावा इस बार गया, मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद, पूर्णिया में परीक्षा केंद्र बनाये गये है. ऑन लाइन परीक्षा होने के कारण इस बार बिहार में एम्स एंट्रांस के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या काफी कम है.
- बिहार के छात्रों को भेज दिया गया दूसरे स्टेट
इस बार बिहार के काफी संख्या में छात्रों को दूसरे स्टेट में परीक्षा केंद्र दे दिया गया है. परीक्षार्थी ने जिस शहर को च्वाइस के रूप में सेंटर दिया था, उनका सेंटर चेंज कर दिया गया. बिहार में आन लाइन सेंटर की संख्या कम होने के कारण काफी संख्या में छात्रों को दक्षिण भारत के शहरों में परीक्षा केंद्र बनाया गया है.
एम्स एंट्रांस - 1 जून
रिजल्ट - 25 जून (संभावित)
फस्र्ट काउंसेलिंग - 6 से 9 जुलाई
सेकेंड काउंसेलिंग - 10 अगस्त
थर्ड काउंसेलिंग - 7 सितंबर
ओपेन काउंसेलिंग - 23 सितंबर
देश भर के कुल सात एम्स में 672 सीटों के लिए नामांकन ली जायेगी. इसमें जेनरल से लेकर हर केटेगरी के लिए सीटें निश्चित कर दी गयी है
एम्स - जेनरल - ओबीसी - एससी
नयी दिल्ली - 37 - 19 - 11
भोपाल - 50 - 27 - 15
पटना - 50 - 27 - 15
जोधपुर - 50 - 27 - 15
ऋषिकेश - 50 - 27 - 15
भूवनेश्वर - 50 - 27 - 15
रायपुर - 50 - 27 - 15
कोट
पहली बार एम्स एंट्रांस आन लाइन लिया जायेगा. बिहार में भी ऑन लाइन परीक्षा केंद्र बनाये गये है. इस बार 2 लाख के लगभग परीक्षा देश भर से शामिल होंगे. कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए कई सावधानी बरती जा रही है.
जेके सिंह, डायरेक्टर, एम्स पटना
पहली बार एम्स के तमाम परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगायी जा रही हैं. जिस तरह से मेडिकल के एंट्रांस परीक्षा में कदाचार करने के लिए माइक्रो मोबाइल आदि का उपयोग होने लगा है. यह एक चिंता का विषय बनता जा रहा है. मोबाइल जैमर लगाने से ब्लूटूथ से कोई भी हाइटेक चोरी करना संभव नहीं हो पायेगा. एम्स की ओर से किया जाने वाला यह प्रयास काफी अच्छा है. इसे दूसरे एंट्रांस परीक्षा में भी लागू करना चाहिए.
विपिन कुमार, डायरेक्टर, गोल इंस्ट्रीच्यूट
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