Sunday, May 10, 2015

एडवांस के लिए केमेस्ट्री पर करें फोसक, रहेगा डिसाइडिंग

एडवांस के लिए केमेस्ट्री पर करें फोसक, रहेगा डिसाइडिंग

- जेइइ मेंस के रिजल्ट के बाद अब जेइइ एडवांस की तैयारी चैलेंजिंग
- आइआइटी खुद तैयार करता है जेइइ एडवांस का प्रश्न पत्र
संवाददाता, पटना
जेइइ मेंस में हर विषय को एक समान रखा जाता है. किसी एक विषय को फोकस नहीं किया जाता है,  लेकिन जेइइ एडवांस में कोई एक विषय डिसाइडिंग होता है. पिछले 5 साल की बात करें तो आइआइटी और पिछले साल जेइइ एडवांस की परीक्षा में केमेस्ट्री सब्जेक्ट डिसाइडिंग रहा है. इस कारण जेइइ एडवांस की तैयारी में केमेस्ट्री को अधिक से अधिक फोकस करें.  क्योंकि मैथेमेटिक्स और फिजिक्स काफी टफ रहने से निश्चित समय सीमा में स्टूडेंट्स सारे प्रश्न का जवाब देने में असमर्थ होते है. ऐसे में केमेस्ट्री ही सेलेक्शन के लिए डिसाइडिंग होता है. एक्सपर्ट की माने तो इस बार भी जेइइ एडवांस के लिए स्टूडेंट्स को केमेस्ट्री पर ही फोकस करना चाहिए. इसके लिए पिछले 5 से 6 सालों का क्वेशचन बैंक जरूर देख ले. ज्ञात हो कि जेइइ एडवांस की परीक्षा 24 मई को देश भर में आयोजित की जायेगी. इसमें जेइइ मेन से
- 15 दिन का समय है बस
समय कम है. तैयारी अधिक करना है. प्लानिंग ऐसा हो कि पिछली परीक्षा में हुई लगती दुहरायी ना जायें. इसके लिए अभी से समय की स्ट्रेटजी बनानी होगी. एक्सपर्ट की माने तो हर दिन 9 से 10 घंटे की पढ़ाई करनी होगी. हर विषय के लिए एक प्लानिंग बनानी होगी. इस संबंध में लोयेला हाई स्कूल के मैथ के टीचर संजय कुमार झा ने बताया कि हर चैप्टर को पहले अच्छी तरह से प्रैक्टिस कर ले. उसके बाद उन चैप्टर पर फोकस करें जिसमें थोड़ा की कंफ्यूजन हो रहा हो. क्योंकि कम समय में प्रैक्टिस करनी है. जेइइ एडवांस में जितनी प्रैक्टिस होगी, एक्जाम अच्छा जाने की संभावना अधिक होगी.
- आइआइटी खुद तैयार करता है प्रश्न पत्र
जेइइ एडवांस के लिए आइआइटी खुद ही प्रश्न पत्र तैयार करता है. इसके लिए एक्सपर्ट का पैनल तैयार होता है. इसमें प्रश्न भी होते है जो कभी किसी कोर्स के लिए नहीं बना होता है. इस संबंध में फिजिक्स के एक्सपर्ट अमरेंद्र कुमार ने बताया कि आइआइटी के प्रश्न के पैटर्न को जानने के लिए क्वेशचन बैंक को पढ़ना बहुत ही जरूरी है. इससे आइआइटी के प्रश्नों का लेवल पता चलेगा. स्टूडेंट्स को एक्जामिनेशन हॉल में तुरंत प्रश्न का उत्तर देने में सहूलियत होगी.
- जेइइ मेन में लेंदी था केमेस्ट्री
2015 में लिया जाने वाला जेइइ मेन में भी केमेस्ट्री ही डिसाइडिंग रहा है. केमेस्ट्री से कई प्रश्न अलग तरीके से पूछे गये हैं. एक्सपर्ट की माने तो फिजिक्स जेइइ मेन में काफी टफ था. इस कारण फिजिक्स का कट ऑफ मार्क्‍स कम पर ही हुआ था. मैथ में भी प्रश्नों का स्टैंडर्ड सही था. पिछले बार की तरह इस बार भी केमेस्ट्री की डिसाइडिंग रहेगा.

विषय वार जेइइ एडवांस के लिए रखें ऐसे ख्याल
मैथ
- पिछले पांच साल का आइआइटी का क्वेशचन बैंक की प्रैक्टिस करें
- आइआइटी लेवल के प्रश्न पत्र को बना ले
- मैथ में 20 से 25 फीसदी प्रश्न उलझाने वाले होते है. ऐसे में आपके हाथ में समय रहेगा तभी प्रश्न का उत्तर कर पायेंगे. इस कारण फमरूला की प्रैक्टिस अधिक से अधिक कर ले
- एडवांस के लिए कोई डिसाइडिंग सिलेबस नहीं होता है. इस कारण खुद ही प्रश्न का एक्सपेरिमेंट कर सॉल्व करने की कोशिश करें
- आइआइटी या पिछले साल के जेइइ मेंस के प्रश्नों को अच्छी तरह से प्रैक्टिस करें, इससे प्रश्नों के मिक्चर का पता चलेगा
- 5 से 6 घंटे मैथ पर हर दिन देना चाहिए
- हर दिन खुद का टेस्ट ले
एसके ठाकुर, टीचर, सेंट माइकल हाई स्कूल

केमेस्ट्री
- पिछले 5 से 6 सालों के क्वेशचन बैंक की प्रैक्टिस करें
- केमेस्ट्री में फिजिकल और ऑग्रेनिक केमेस्ट्री काफी महत्वपूर्ण रहता है. इस कारण दोनों की खूब प्रैक्टिस करें
- 11वीं में फिजिकल और 12वीं के ऑग्रेनिक केमेस्ट्री को अच्छी तरह से पढ़ ले
- एडवांस का कोई सिलेबस नहीं होता है. इसमें कुछ प्रश्न ऐसे भी पूछे जाते है जो प्रश्न कभी कहीं पर देखा नहीं गया होता है. एक दम नये तरीके के प्रश्न पूछे जाते है.
- पिछले कई सालों से देखा गया है कि मैथ, फिजिक्स और केमेस्ट्री में केमेस्ट्री के प्रश्न आसान रहते है. निश्चित समय सीमा के अंदर स्टूडेंट्स प्रश्नों का उत्तर कर लेते है.
- हर दिन 4 से 5 घंटे की पढ़ाई करें
पीसी दास, टीचर, सेंट माइकल हाई स्कूल

फिजिक्स
- जो टेस्ट  बुक को पहले पढ़ा है. उसे ही पढ़े.
- फमरूला आदि को अच्छी तरह से प्रैक्टिस कर ले. सॉट कट फमरूला सॉल्व करने के तरीके अच्छी तरह से देख ले
- एक अंक के प्रश्न की प्रैक्टिस अभी नहीं करें. जहां तक संभव हो लॉग प्रश्न अच्छे से बना ले.
- फिजिक्स में 20 से 25 फीसदी प्रश्न काफी टफ होते है. समय सीमा के अंदर आंसर करना मुश्किल होता है. इस कारण इनोवेशन प्रश्न की प्रैक्टिस अधिक से अधिक करें
- सॉट कट प्रैक्टिस करने की कोशिश ना करें. पूरा कांसेप्ट क्लियर कर ही आगे की पढ़ाई करें
शिव कुमार, टीचर, सेंट कैरेंस हाई स्कूल, गोला रोड

No comments:

Post a Comment