इंप्रूवमेट के लिए दिया दुबारा एग्जाम, रिजल्ट हीं नहीं मिला
- इंटर काउंसिल में इंप्रूवमेंट देने वाले स्टूडेंट्स भटक रहे
- 2014 के 40 छात्रों ने इंप्रूवमेंट के लिए दुबारा भरा था इंटर का फार्म
संवाददाता, पटना
केस वन - राकेश कुमार (रौल नंबर रौल कोड) ने 2014 सत्र में इंटर की परीक्षा दी. 287 अंक से पास भी हुआ. कम मार्क्स आने के कारण के कारण राकेश कुमार ने इंप्रूवमेट देने का आदेश काउंसिल से लिया. 2015 मार्च में इंटर परीक्षा के साथ इंप्रूवमेट की परीक्षा भी दिया. लेकिन मार्क्स बढ़ने के बदले सारे मार्क्स ही गायब हो गये. अरवल का रहने वाला राकेश कुमार ने बताया कि उसे केरला के कोचिंग यूनिवर्सिटी में नामांकन लेना है. इसके लिए 60 परसेंट मार्क्स जरूरी है. लेकिन सेकेंड डिवीजन होने के कारण इंप्रूवमेंट की परीक्षा लिया कि अंक बढ़ जायेंगे. लेकिन मार्क्स सीट पर मार्क्स ही नहीं दिया गया है. समिति आया हूं, कोई कुछ नहीं बता रहा है.
केस टू - रवि रंजन (रौल नंबर 40004 रौल कोड 43028) को भी 2014 में इंटर साइंस में 287 अंक आयें थे. इस कारण रवि रंजन ने इंप्रूवमेंट देकर मार्क्स बढ़ाने की सोची. आवेदन दिया, इंटर की परीक्षा भी दिया. लेकिन मार्क्स नहीं मिला. परीक्षा देने के बावजूद रवि रंजन के मार्क्स सीट में एक भी विषय के अंक नहीं है. रवि रंजन ओबीसी केटेगरी में जेइइ मेन की परीक्षा में सफल भी हुआ है. 24 मई को उसे जेइइ एडवांस भी देना है. उसके बाद उसे अपना मार्क्स सीट सीबीएसइ को भेजना भी है. लेकिन रवि रंजन के पास अभी तक मार्क्स सीट नहीं हैं.
- इंप्रूवमेंट का रिजल्ट हैं लंबित
इंटर का रिजल्ट तो निकल गया. लेकिन अधिकांश इंप्रूवमेंट देने वाले छात्र को मार्क्स सीट सही नहीं मिल पा रहा है. 2014 में भारी संख्या में इंटर साइंस का रिजल्ट खराब हो गया था. इसके कारण लगभग 40 हजार परीक्षार्थी ने मार्क्स को लेकर आपत्ति जतायी थी. जिन छात्रों को मार्क्स उम्मीद से कम आयें, बाद में उन्होंने इंप्रूवमेंट के लिए आवेदन दिया. परीक्षा भी दिया. लेकिन काफी संख्या में इन दिनों इंप्रूवमेंट वाले छात्र इंटर काउंसिल में घूम रहे हैं. उन्हें मार्क्स सीट सही से नहीं मिला है. इस कारण वो कहीं पर नामांकन नहीं ले पा रहे है. इस संबंध में एक छात्र रूपम कुमार (रौल नंबर 40015 रौल कोड 11017) ने बताया कि इंप्रूवमेंट के लिए परीक्षा दिया. लेकिन नेट पर उसके मार्क्स सीट नहीं हैं. रौल कोड और रॉल नंबर डालने पर मार्क्स सीट नॉट एबलेबल बताया है.
- लंबी लाइन और जमा हो रहे है स्क्रूटनी के लिए आवेदन
इंटर काउंसिल में इन दिनों सुबह से ही छात्रों की लंबी लाइन लगी रहती है. स्क्रूटनी के लिए सैकड़ों छात्र हर दिन आवेदन दे रहे है. समिति से मिली जानकारी के अनुसार स्क्रूटनी के लिए अभी तक दो हजार के लगभग आवेदन जमा हो चुके है. ज्ञात हो कि लंबित रिजल्ट की संख्या भले चार हजार के लगभग हो, लेकिन रिजल्ट की गड़बड़ी बहुत ज्यादा की संख्या में होने के कारण छात्र काफी परेशान है. इंटर साइंस में पास तो कर गये, लेकिन उन्हें सही मार्क्स सीट नहीं मिला है. ऐसे छात्र भी इंटर काउंसिल में रिजल्ट सुधार को लेकर आवेदन कर रहे है.
- रविवार को भी खुला रहेगा इंटर काउंसिल
छात्रो को स्क्रूटनी के लिए आवेदन देने के कारण शनिवार को इंटर काउंसिल सुबह से ही खुला रहा. खुद अध्यक्ष इसकी मॉनिटरिंग इंटर काउंसिल में करते रहे. अध्यक्ष के आदेश पर इंटर काउंसिल रविवार को भी खुला रहेगा. हर दिन सैकड़ों की संख्या में छात्र इंटर काउंसिल अपने रिजल्ट की समस्याओं को लेकर आ रहे है. ऐसे में रविवार को छात्रों को लौटना नहीं पड़ जायें. इस कारण रविवार को भी इंटर काउंसिल खुला रहेगा. स्क्रूटनी का आवेदन जमा होगा.
ये सारी गड़बड़ियां पायी जा रही है छात्रों के मार्क्स सीट पर
- मार्क्स सीट में सही अंकों का निर्धारण नहीं हुआ हैं
- थ्योरी में मार्क्स तो है लेकिन प्रैक्टिकल में काट लिया गया है
- फिजिक्स और केमेस्ट्री के अंकों में अधिक गड़बड़ियां पायी जा रही हैं
- जिस विषय में परीक्षा दिया, उसमें मार्क्स नहीं मिला. दूसरे विषय में मार्क्स मिल गया
- मार्क्स सीट में कई विषयों के अंक ही नहीं दिया गया है
- कुल अंक तो हैं. पास भी कर गये, लेकिन फेल का रिजल्ट प्राप्त हुआ है
- एक मार्क्स सीट पर हर विषय के एक जैसे अंक होना
कोट
हमारे पास जो भी आवेदन हो रहे है. उसके अंक को सही करने की कोशिश की जायेगी. सारे छात्रों को न्याय मिलेगा. बस थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा. हम जल्द से जल्द उनके सही अंक उन्हें उपलब्ध करवा देंगे.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
- इंटर काउंसिल में इंप्रूवमेंट देने वाले स्टूडेंट्स भटक रहे
- 2014 के 40 छात्रों ने इंप्रूवमेंट के लिए दुबारा भरा था इंटर का फार्म
संवाददाता, पटना
केस वन - राकेश कुमार (रौल नंबर रौल कोड) ने 2014 सत्र में इंटर की परीक्षा दी. 287 अंक से पास भी हुआ. कम मार्क्स आने के कारण के कारण राकेश कुमार ने इंप्रूवमेट देने का आदेश काउंसिल से लिया. 2015 मार्च में इंटर परीक्षा के साथ इंप्रूवमेट की परीक्षा भी दिया. लेकिन मार्क्स बढ़ने के बदले सारे मार्क्स ही गायब हो गये. अरवल का रहने वाला राकेश कुमार ने बताया कि उसे केरला के कोचिंग यूनिवर्सिटी में नामांकन लेना है. इसके लिए 60 परसेंट मार्क्स जरूरी है. लेकिन सेकेंड डिवीजन होने के कारण इंप्रूवमेंट की परीक्षा लिया कि अंक बढ़ जायेंगे. लेकिन मार्क्स सीट पर मार्क्स ही नहीं दिया गया है. समिति आया हूं, कोई कुछ नहीं बता रहा है.
केस टू - रवि रंजन (रौल नंबर 40004 रौल कोड 43028) को भी 2014 में इंटर साइंस में 287 अंक आयें थे. इस कारण रवि रंजन ने इंप्रूवमेंट देकर मार्क्स बढ़ाने की सोची. आवेदन दिया, इंटर की परीक्षा भी दिया. लेकिन मार्क्स नहीं मिला. परीक्षा देने के बावजूद रवि रंजन के मार्क्स सीट में एक भी विषय के अंक नहीं है. रवि रंजन ओबीसी केटेगरी में जेइइ मेन की परीक्षा में सफल भी हुआ है. 24 मई को उसे जेइइ एडवांस भी देना है. उसके बाद उसे अपना मार्क्स सीट सीबीएसइ को भेजना भी है. लेकिन रवि रंजन के पास अभी तक मार्क्स सीट नहीं हैं.
- इंप्रूवमेंट का रिजल्ट हैं लंबित
इंटर का रिजल्ट तो निकल गया. लेकिन अधिकांश इंप्रूवमेंट देने वाले छात्र को मार्क्स सीट सही नहीं मिल पा रहा है. 2014 में भारी संख्या में इंटर साइंस का रिजल्ट खराब हो गया था. इसके कारण लगभग 40 हजार परीक्षार्थी ने मार्क्स को लेकर आपत्ति जतायी थी. जिन छात्रों को मार्क्स उम्मीद से कम आयें, बाद में उन्होंने इंप्रूवमेंट के लिए आवेदन दिया. परीक्षा भी दिया. लेकिन काफी संख्या में इन दिनों इंप्रूवमेंट वाले छात्र इंटर काउंसिल में घूम रहे हैं. उन्हें मार्क्स सीट सही से नहीं मिला है. इस कारण वो कहीं पर नामांकन नहीं ले पा रहे है. इस संबंध में एक छात्र रूपम कुमार (रौल नंबर 40015 रौल कोड 11017) ने बताया कि इंप्रूवमेंट के लिए परीक्षा दिया. लेकिन नेट पर उसके मार्क्स सीट नहीं हैं. रौल कोड और रॉल नंबर डालने पर मार्क्स सीट नॉट एबलेबल बताया है.
- लंबी लाइन और जमा हो रहे है स्क्रूटनी के लिए आवेदन
इंटर काउंसिल में इन दिनों सुबह से ही छात्रों की लंबी लाइन लगी रहती है. स्क्रूटनी के लिए सैकड़ों छात्र हर दिन आवेदन दे रहे है. समिति से मिली जानकारी के अनुसार स्क्रूटनी के लिए अभी तक दो हजार के लगभग आवेदन जमा हो चुके है. ज्ञात हो कि लंबित रिजल्ट की संख्या भले चार हजार के लगभग हो, लेकिन रिजल्ट की गड़बड़ी बहुत ज्यादा की संख्या में होने के कारण छात्र काफी परेशान है. इंटर साइंस में पास तो कर गये, लेकिन उन्हें सही मार्क्स सीट नहीं मिला है. ऐसे छात्र भी इंटर काउंसिल में रिजल्ट सुधार को लेकर आवेदन कर रहे है.
- रविवार को भी खुला रहेगा इंटर काउंसिल
छात्रो को स्क्रूटनी के लिए आवेदन देने के कारण शनिवार को इंटर काउंसिल सुबह से ही खुला रहा. खुद अध्यक्ष इसकी मॉनिटरिंग इंटर काउंसिल में करते रहे. अध्यक्ष के आदेश पर इंटर काउंसिल रविवार को भी खुला रहेगा. हर दिन सैकड़ों की संख्या में छात्र इंटर काउंसिल अपने रिजल्ट की समस्याओं को लेकर आ रहे है. ऐसे में रविवार को छात्रों को लौटना नहीं पड़ जायें. इस कारण रविवार को भी इंटर काउंसिल खुला रहेगा. स्क्रूटनी का आवेदन जमा होगा.
ये सारी गड़बड़ियां पायी जा रही है छात्रों के मार्क्स सीट पर
- मार्क्स सीट में सही अंकों का निर्धारण नहीं हुआ हैं
- थ्योरी में मार्क्स तो है लेकिन प्रैक्टिकल में काट लिया गया है
- फिजिक्स और केमेस्ट्री के अंकों में अधिक गड़बड़ियां पायी जा रही हैं
- जिस विषय में परीक्षा दिया, उसमें मार्क्स नहीं मिला. दूसरे विषय में मार्क्स मिल गया
- मार्क्स सीट में कई विषयों के अंक ही नहीं दिया गया है
- कुल अंक तो हैं. पास भी कर गये, लेकिन फेल का रिजल्ट प्राप्त हुआ है
- एक मार्क्स सीट पर हर विषय के एक जैसे अंक होना
कोट
हमारे पास जो भी आवेदन हो रहे है. उसके अंक को सही करने की कोशिश की जायेगी. सारे छात्रों को न्याय मिलेगा. बस थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा. हम जल्द से जल्द उनके सही अंक उन्हें उपलब्ध करवा देंगे.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति

