Sunday, March 13, 2016

आत्मविश्वास से कैंसर काे दिया मात, आज दे रही साठ महिलाओं को ट्रेनिंग



- हैंड मेड स्वेटर की ट्रेनिंग दे कर पुरानी परंपरा को बचाने का कर रही काम
संवाददाता, पटना

अगर आत्मविश्वास हो तो हम कोई भी जंग जीत सकते है. हर मुश्किल आसान हो जाती है अगर आपमें आत्मविश्वास हो. आत्मविश्वास को बनाये रखना ही जिंदगी जीने का कला है. अपनी लाइफ को इस एक पंक्ति के पर ऐसा आत्मविश्वास से रखा कि कैंसर जैसी बीमारी को मात दे दिया. पटना की गर्दनीबाग की रहने वाली शिप्रा चंद्रा की 20 सालों तक कैंसर से जुझती रही. लेकिन हार नहीं माना. कैंसर होने के बावजूद वो अपने काम में लगी रही. कैंसर होने के कारण नौकरी छूट गयी. फिर घर से ही अपना रोजगार शुरू किया. शिप्रा चंद्रा को स्वेटर बनाना काफी पसंद था. ऐसे में वो स्वेटर बनाने का ऑडर लेना शुरू किया. आज शिप्रा चंद्रा ना सिर्फ स्वेटर बनाती है, बल्कि ट्रेनिंग भी देती है.
- मशीन के स्वेटर को लोगों ने नहीं किया पसंद      
शिप्रा चंद्रा ने बताया कि कैंसर होने से मै स्वेटर बिन नहीं पाती थी. ऐसे में मै मशीन से स्वेटर बनाकर देने लगी. शुरूआत में तो मशीन के स्वेटर के लिए आर्डर आयें, लेकिन बाद में लोगों ने उसे नकार दिया. इसके बाद मै दुबारा हाथ से ही स्वेटर बनाने लगी. बीमार होने के कारण जितना आर्डर आता था, उसे पूरा नहीं कर पाती थी. ऐसे में महिलाओं को ट्रेनिंग देने लगी. इसके लिए मै सैलरी भी देती हूं. पटना वीमेंस कॉलेज से होमसाइंस में ग्रेजुएशन कर चुकी शिप्रा चंद्रा ने बताया कि कैंसर से 20 सालों तक लड़ी हूं. लेकिन मैने उसे मात दे दिया. अब ठीक हूं. इस बीच मैने अपना आत्मविशवास बनाये रखा. अपना काम जारी रखा. मैने इस काम को लगभग 25 सालों पहले शुरू किया था. 70 साल की शिप्रा चंद्रा को अब दिखायी भी कम देता है, लेकिन फिर भी इस काम को उसी आत्मविश्वास से कर रही है जब उन्हाेंने इसकी शुरूआत की थी.
- 60 महिलाओं को देती है ट्रेनिंग
खुद के रोजगार करने के अलावा शिप्रा चंद्रा दूसरों के लिए भी अब रोजगार की माध्यम बन रही है. विलुप्त हो रहे स्वेटर बनाने की कला को शिप्रा चंद्रा ने दुबारा लोगों के पास ला रही है. अभी 60 महिलाओं को ट्रेनिंग दे रही है. शिप्रा चंद्रा के पास से ट्रेनिंग लेकर ये महिलाएं भी दूसरों से स्वेटर का आर्डर ले रही है. शिप्रा चंद्रा ने बताया कि हमारे पास हर साइज का स्वेटर मिलता है. जीरो साइज से लेकर 46 साइज तक का स्वेटर हम बनाते है. घर से ही यह सारा काम होता है. पूरे बिहार से हमारे पास स्वेटर का आर्डर आता है.
- कस्टमर से केवल लेते है कलर और साइज
शिप्रा चंद्रा ने बताया कि किसी भी कस्टमर से हम केवल आर्डर लेते है. आर्डर लेते समय ही स्वेटर का कलर और साइज लेते है. ऊन लेकर हम स्वेटर नहीं बनाते है. ऊन हम अपनी ओर से देते है. कलर कांबिनेशन आदि कस्टमर से लेते है. इसके बाद स्वेटर डिलिबरी का समय देते है. जब स्वेटर तैयार हो जाता है तो कस्टमर खुद ले जाते है. मेरा कोई दुकान नहीं है. 

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