दो साल पहले हुए रेप की घटना को बना लिया अपनी ताकत
संवाददाता, पटनामैडम स्कूल में टीचर है. सर पटना में वकील है. मैडम सुबह स्कूल चले जाने के बाद सर मेरे साथ दुष्कर्म करते थे. ऐसा चार दिनों तक चला. मैने मैडम को सारी बातें बतायी. मैडम ने मुझे ही झूठा कहा. मै विराेध करती तो वो लोग मुझे मारते भी थे. शहर नया था, समझ में नहीं आता था कि कहां जायें. मैडम की बेटी को छोड़ने मै हर नॉट्रेडम स्कूल जाती थी. वहां पर एक महिला ने मेरी मदद की. मै एक संस्था के पास पहुंची. मुझे काफी दर्द था. मै पीड़ा में थी. मैने संस्था वाले को बताया. उन लोगों ने डाक्टर से दिखाया. कई दिनों के बाद मै ठीक हो पायी. जीने की चाह खत्म हो गयी. फिर मैने सोचा, गलत किसी और ने किया और सजा भी मुझे ही मिलेगी. मैने खुद को संभालना शुरू किया. आज मेरे साथ घटी घटना का दो साल हो चुका है, घटना मुझे आज भी पूरी याद है कि किस तरह चार दिनों तक उस दरिंदे ने मेरे साथ रेप किया. लेकिन उस घटना को सोचने से मेरे अंदर और मजबूरी आती है. मै कमजोर नहीं पड़ना चाहती. ताकत बना कर उस घटना से हर दिन लड़ती हूं. रेप पीड़िता की यह कहानी कोई खास नहीं है. आज हमारे समाज में कई ऐसी बेटी है जिनके साथ इस तरह की घटना होती है. लेकिन रेप होने के बाद ये बेटी समाज के सामने नहीं आती. कहीं गुम हो जाती है. उन्हें शर्म लगता है और वो समाज के लायक नहीं है. जबकि शर्म तो उन्हें आनी चाहिए जो लाेग महिलाओं के साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार या ऐसी घिनौनी कुकृत्य को अंजाम देते है. लेकिन राेजी (पीड़िता का बदला हुआ नाम) हमारे समाज की ऐसी बेटी है जो समाज में रहा कर अपना मुकाम बनाना चाहती है. बिहार सरकार ने रेप पीड़िता के नाम पर एक लाख रूपये का मुआवजा रोजी को दिया है. रोजी अब इस पैसे से अपना कैरियर बनाना चाहती है. बिहार बाेर्ड से 2015 में मैट्रिक करने के बाद अब रोजी प्राइवेट स्कूल से 12वीं में पढ़ रही है.
- मुआवजे की राशि से नर्स ट्रेनिंग सेंटर खोलने का ख्वाब
रोजी ने बताया कि मुझे मेडिकल के लिए कई बार हास्पीटल लेकर गये. एक ही काम को बार-बार डाक्टर और नर्स कर रहे थे. इससे मुझे बहुत ही परेशानी और शारीरिक कष्ट भी हुआ. इस कारण नर्स बनाना चाहती हूं. जो मुआवजे की राशि मुझे मिली है उससे एक नर्स ट्रेनिंग सेंटर खोलना चाहती हूं, जिससे नर्स को सही ट्रेनिंग मिले और रेप पीड़िता का मेडिकल टेस्ट एक बार में ही हो जायें.
- 7 जुलाई 2014 को बदल गयी दुनियां
साधारण सी दिखने वाले रोजी घर में सभी की दुलारी थी. वो बचपन से ही डाक्टर बनना चाहती थी. मा बाप गरीब थे, इससे रोजी भी पार्ट टाइम काम करती थी. सिगडेगा, झारखंड की रहने वाली रोजी ने बताया कि झारखंड बोर्ड से मैट्रिक की परीक्षा देने के बाद सुशीला नाम की एक लड़की के साथ पटना आ गयी. सुशीला ने एक घर में नौकरानी का काम दिलवा दिया. शुरू में तो सब ठीक रहा, लेकिन बाद में घर का मालिक ने उसके साथ रेप किया. नया शहर होने के बाद कहां जायें पता नहीं था. बिहार घरेलू कामगार यूनियन का साथ मिला. जैसे तैसे अशोक राजपथ स्थित उसके कार्यालय पहुंची. वहां की सिस्टम लूसी और सुशमा को सारी बातें बतायी.
- दीघा थाना में मामला हुआ दर्ज
रोजी के बारे में यूनियन की सुशमा ने बताया कि हमारे पास आयी तो हमने पिरबहाेर थाना को इसकी जानकारी दिया. इसके बाद रोजी के माता पिता को बुलाया गया. इसके बाद हमने वकील के खिलाफ दीघा थाना में एफआइआर किया. पुलिस ने रोजी को तीन दिनो तक अपने पास रखा. मेडिकल हुआ. मेडिकल में रेप होने का रिपोर्ट भी आया. लेकिन अभी भी वो अपराधी घूम रहा है. कोई कार्रवाई क्या पुलिस अभी तक पकड़ तक नहीं पायी है.
कोट
रोजी के मामले में पुलिस ने बहुत मदद नहीं किया है. रेप के मामले में वर्मा कमिटी की रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर पुलिस मदद नहीं करती है तो पुलिस के उपर भी सजा का प्रावधान है. रोजी को मुआवजा तो मिल गया, लेकिन आज भी अपराधी बाहर घूम रहा है.
श्रुति सिंह, वकील, पटना हाई कोट\B

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