Sunday, March 6, 2016

इंटर की परीक्षा ने बदल दिया तस्वीर, नकल करने की भी हिम्मत नहीं जुटा पायें परीक्षार्थी

 पांच साल में सबसे कम रहा निष्कासित परीक्षार्थी की संख्या

संवाददाता, पटनानकल किया तो लगेगा जुर्माना, नकल करते पकड़े गये तो जायेंगे जेल, परीक्षा केंद्रों पर अभिभावक दिखेंगे तो उन्हें पर देना होगा जुर्माना. हर केंद्रों पर नकल करने वालें को पकड़ने के लिए सीसी टीवी कैमरा लगाया जायेगा. विडियोग्राफी होगी. हर परीक्षार्थी पर जिलाधिकारी की नजर होगी. इंटर परीक्षा को लेकर ऐसी व्यवस्था हुई कि इस बार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की तस्वीर ही चेंज हो गयी. जहां अभी तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के परीक्षार्थी नकल करके ही पास होने के लिए प्रसिद्ध थे, उस विचार धारा में इस बार परिवर्तन हो गया. परीक्षा केंद्र की व्यवस्था देखकर ही परीक्षार्थी के अलावा अभिभावक भी नकल करवाने की हिम्मत नहीं जुटा पायें. तभी तो इस बार पिछले पांच सालों के निष्कासित परीक्षार्थी की संख्या को भी बदल डाला.
- चिट लाने की हिम्मत ही नहीं हुई इस बार परीक्षा केंद्र पर चिट लाने की हिम्मत तक परीक्षार्थी नहीं कर पायें. परीक्षा के पहले दिन से लेकर अंतिम दिन तक हर परीक्षा केंद्र पर कर्फ्यू जैसा माहौल था. केंद्र के 100 मीटर की रेंज में पुलिस बल के अलावा कोई नजर नहीं आ रहा था. परीक्षा के पहले दिन तो कुछ परीक्षार्थी ने चिट लाने की हिम्मत जुटाई, लेकिन पकड़ में आ गये. इसे देख कर दूसरे परीक्षार्थी हिम्मत ही नहीं कर पायें.
- परीक्षा को कैंसिल करवाने में जुटे रहे परीक्षार्थी नकल नहीं करने देने का प्रेशर परीक्षार्थी पर इतना था कि हर दिन परीक्षार्थी इंटर की परीक्षा को कैंसिल करने में लगे रहे. केंद्र पर चिट पर्ची नहीं ले जाने देेने से परीक्षार्थी मोबाइल को माध्यम बना कर हर दिन की परीक्षा को कैंसिल करवाने में जुटे रहें. परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद ही नकली प्रश्न पत्र को व्हाट्सअप पर वायरल कर दिया जाता था. समिति द्वारा जांच के बाद पता चलता था कि ये सारी अफवाहें थी. पूरे परीक्षा के दाैरान परीक्षा को कैंसिल करवाने की कोशिश की जाती रही.
- 45 वीक्षक को पहली बार हटाया गया इंटर की परीक्षा के दौरान पहली बार ऐसा हुआ है कि परीक्षा के दौरान गलती करते पकड़े गये वीक्षक को हटाया गया है. बोर्ड में प्रावधान होने के बावजूद वीक्षक पर कभी कार्रवाई नहीं होती थी. लेकिन वीक्षक पर भी नजर रखी गयी. गड़बड़ी करने वाले कुल 45 वीक्षक को परीक्षा केंद्र से निष्कासित किया गया.
- मुन्ना भाई भी नहीं बच सके नजर से इंटर की परीक्षा में अासानी से एक के बदले दूसरे परीक्षार्थी परीक्षा दे देते थे. कोई रोक टोक नहीं और ना ही पकड़ में आते थे. लेकिन इस बार जिस भी परीक्षार्थी ने यह काम किया, वो बच नहीं सका. प्रदेश भर से 36 ऐसे मुन्ना भाई को पकड़ा गया जो दूसरे के बदले परीक्षा दे रहे थे.
- रिपोर्ट के अनुसार अगले साल के लिए भी हो सकते है निष्कासित समिति की माने तो जिन परीक्षार्थी को निष्कासित किया गया है, वो 2017 की परीक्षा से भी निष्कासित हो सकते है. इस संबंध में समिति के अध्यक्ष और सचिव ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है. निष्कासित छात्रों की रिपोर्ट संबंधित डीइओ से लिया जायेगा. रिपोर्ट देखने के बाद समिति यह फैसला लेगी कि किस परीक्षार्थी को कितने सालों के लिए निष्कासित किया जायेगा.
- तीन हजार भी नहीं हुआ निष्कासित जहां इस बार इंटर की परीक्षा में हर साल हजारों की संख्या में परीक्षार्थी निष्कासित किये जाते थे. वहीं इस बार 26 सौ के लगभग परीक्षार्थी निष्कासित किये गये. किसी भी दिन निष्कासन पांच सौ से अधिक तक नहीं गया. इस बार इंटर की परीक्षा में 11 लाख 58 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे. इसमें मात्र 2628 परीक्षार्थी को निष्कासित किया गया. पिछले पांच साल में पहली बार हुआ जब निष्कासन इतना कम हुआ.
इस तरह कड़ाई रहा हर परीक्षा केंद्रों पर - हर परीक्षार्थी का तीन जगहों पर जांच होती थी
- मुख्य गेट पर जांच के बाद सेंटर के अंदर आने पर परीक्षार्थी के जूते, शर्ट आदि को खोल कर जांचा जाता था - परीक्षा मेटेरियल में चिट आदि की जांच होती थी
- हर परीक्षा केंद्र पर सीसी टीवी कैमरा लगाया गया था - हर परीक्षा केंद्र की विडियो ग्राफी हुई
- परीक्षा केंद्र पर होमगार्ड के अलावा बिहार पुलिस बल को लगाया गया - हर जिले के लिए शिक्षा विभाग की ओर से नोडल आॅफिसर नियुक्त हुए थे
- केंद्रों पर 144 धारा लगाया गया थापिछले पांच साल में निष्कासित परीक्षार्थी की संख्या
वर्ष - निष्कासित परीक्षार्थी की संख्या 2011 - 5412
2012 - 5478 2013 - 6234
2014 - 43212015 - 5879
2016 - 2635हर दिन इतने परीक्षार्थी किये गये निष्कासित
दिन             - निष्कासित परीक्षार्थी 24 फरवरी - 485
25 फरवरी - 35826 फरवरी - 500
27 फरवरी - 17629 फरवरी - 476
1 मार्च             - 542 मार्च             - 329
3 मार्च             - 149 4 मार्च             - 105
5 मार्च             - 03कोट
इंटर की परीक्षा को कदाचार मुक्त किया गया. ऐसी ही परीक्षा मैट्रिक का भी होगा. नकल नहीं हो, इसके लिए कई इंतजाम किये गये थे. परीक्षार्थी के सुविधा का ख्याल रखा गया था. लेकिन नकल करने की इजाजत नहीं दी गयी थी. लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति\\B

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