Rinku Jha
Sunday, March 6, 2016
दिव्यांग स्टूडेंट्स के नामांकन में पिछड़ रहा स्कूल, स्टूडेंट्स ले रहे एनआइओएस में नामांकन
दिव्यांग स्टूडेंट्स की पहली पसंद बन रही राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान
संवाददाता, पटना
क्लास में जाने के लिए रैंप नहीं, क्लास रूम में जाने की कोई सुविधा नहीं, सीनियर क्लास ग्राउंड फ्लोर पर नहीं होना, व्हील चेयर नहीं होना, इन तमाम तरह की दिक्कतें पटना के अधिकांश स्कूलों में है. नाॅर्मल स्कूल में स्पेशल चाइल्ड यानि दिव्यांग स्टूडेंट्स के लिए सुविधा नहीं हाेने के कारण हर साल स्कूल से स्टूडेंट्स नाम कटवा लेते है. सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड स्कूल को छोड़ स्टूडेंट्स अब राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) से अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे है. पिछले पांच साल की बात करें तो पटना के प्राइवेट स्कूलों में दिव्यांग स्टूडेंट्स की संख्या कम हुई है, वहीं एनआइओएस में दिव्यांग स्टूडेंट्स बढ़े है.
- 260 एजुकेशन सेंटर चलते है पूरे बिहार में
दिव्यांग स्टूडेंट्स को मदद मिले इसके लिए एनआइओएस की ओर से पूरे बिहार में 260 एजुकेशन सेंटर चलाये जाते है. इन सेंटरों पर स्टूडेंट्स की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जाता है. 10वीं में नामांकन के तौर पर छात्रों को पांच साल के लिए 1350 और छात्राओं को 1100 रूपये देने होते है. वहीं 12वीं में नामांकन के लिए छात्रों को 15 सौ और छात्राओं को 1250 रूपये पांच साल के लिए देना होता है. इस पांच साल के अंदर परीक्षार्थी नौ बार परीक्षा दे सकते है. इसके अलावा फ्री एजुकेशन मेटेरियल भी दिया जाता है.
- दिव्यांग स्टूडेंट्स के लिए होता है एक्टिविटी
एनआइओएस की ओर से समय-समय पर दिव्यांग स्टूडेंट्स के लिए एक्टिविटी भी करवाया जाता है. 2015 में बोलने और सूनने में असमर्थ स्टूडेंट्स के लिए पेंटिंग कंपीटिशन करवाया गया. देश भर में आयोजित इस कंपीटिशन में बिहार के भी पांच दिव्यांग स्टूडेंट्स का पेंटिंग चुना गया. जिसे एनआइओएस ने वार्षिक कैलेंडर मे जगह दिया. वहीं 2016 में एनआइओएस की योजना ब्लाइंड बच्चों के लिए पेंटिंग कंपीटिशन करवाने की है.
सीबीएसइ पटना जोन में 10वीं और 12वीं बोर्ड में शामिल होने वाले परीक्षार्थी की संख्या
साल - 10वीं - 12वीं
2012 - 408 - 4532013 - 345 - 375
2014 - 324 - 213 2015 - 290 - 146
2016 - 173 - 93
पिछले पांच साल में बढ़े है राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान में दिव्यांग परीक्षार्थी की संख्या
साल - 10वीं - 12वीं
2012 - 17 - 15
2013 - 20 - 162014 - 35 - 60
2015 - 150 - 1682016 - 700 - 545
कोट
पिछले कुछ सालों में दिव्यांग स्टूडेंट्स की संख्या काफी बढ़ी है. इसके लिए कई जागरूकता अभियान हमने किया है. हमारी तरह से कई सुविधाएं एेसे स्टूडेंट्स को दिया जाता है, इससे नामांकन लेना और पढ़ाई करना आसान होता है.
संजय कुमार सिन्हा, रीजनल डायरेक्टर, पटना एनआइओएस
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