- मलाला यूसुफजाई की जीवनी को केंद्रीय विद्यालय संगठन ने शामिल किया लाइब्रेरी में
- 2016-17 से 9वीं और 10वीं के कोर्स में किया जायेगा शामिल
संवाददाता, पटना
नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजाई को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) के कोर्स में शामिल किया जायेगा. इसके लिए बोर्ड की ओर से तैयारी शुरू कर दी गयी हैं. 2016-17 सत्र से सीबीएसइ 9वीं और 10वीं क्लास में इसे लागू कर देगा. कोर्स के तौर पर मलाला यूसुफजाई के बचपन के संघर्ष की कहानी से लेकर आतंकी हमले की घटना के बारे में भी पढ़ाया जायेगा. इसके अलावा मलाला का शिक्षा में क्षेत्र में काम को भी सीबीएसइ ने कोर्स में शामिल किया हैं. सीबीएसइ की ओर से कोर्स को लेकर एनसीइआरटी को जानकारी दे दी गयी हैं. मलाला की जीवनी को सोशल स्टडी में शामिल किया जायेगा.
- ओटवा में भी पूछे जायेंग सवाल
सीबीएसइ ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि मलाला पर सोशल स्टडी में दो चैप्टर रखे जायेगे. 9वीं के फाइनल और 10वीं बोर्ड की परीक्षा में ओटवा (ओपने टेस्ट बेस्ड असेसमेंट) से संबंधित प्रश्न भी पूछे जायेंगे. 2017 की बोर्ड परीक्षा में मलाला पर बोर्ड परीक्षा में प्रश्न रहेंगे. सीबीएसइ के अनुसार 20 अंक का ओटवा से प्रश्न रहेंगे. इसमें 5 अंक के प्रश्न मलाला पर पूछे जायेंगे. अभी सिलेबस तैयार की जा रही हैं. इसे 2016-17 से लागू किया जायेगा.
- केंद्रीय विद्यालय के लाइब्रेरी में मलाला हुई शामिल
वहीं केंद्रीय विद्यालय संगठन के अंतर्गत आने वाले तमाम केंद्रीय विद्यालय के लाइब्रेरी में मलाला की जीवनी में शामिल किया गया हैं. केंद्रीय विद्यालय के स्टूडेंट्स मलाला पर लिखी गयी पुस्तक मलाला हूं मै को अब पढ़ पायेंगे. इस पुस्तक में मलाला से संबंधित हर पहलू को लिया गया हैं. कैसे एक मुसलिम लड़की शिक्षा का बुगुल अपने देश में करती हैं. इसका विरोध होता है. उसके उपर आतंकी हमला होता है. लेकिन वो हिम्मत नहीं हारती. कई बार ऑपरेशन के बाद फिर उसे नयी जिंदगी मिलती हैं. केवीएस के अनुसार मलाला एक उदाहरण हैं, उसकी जीवनी हर किसी बच्चे को पढ़ना चाहिए. इस कारण मलाला की जीवनी को अभी कोर्स में शामिल किया गया हैं.
कोट
नोबेल पुरस्कार विजेताओं को सीबीएसइ के कोर्स में शामिल किया जाता है. मलाला का जिस तरह से काम होता हैं, उसमें इसे अगर कोर्स में शामिल किया जायेगा तो यह बहुत ही अच्छा होगा. इससे स्टूडेंट्स में संघर्ष करने की शक्
ि
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया
- 2016-17 से 9वीं और 10वीं के कोर्स में किया जायेगा शामिल
संवाददाता, पटना
नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजाई को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) के कोर्स में शामिल किया जायेगा. इसके लिए बोर्ड की ओर से तैयारी शुरू कर दी गयी हैं. 2016-17 सत्र से सीबीएसइ 9वीं और 10वीं क्लास में इसे लागू कर देगा. कोर्स के तौर पर मलाला यूसुफजाई के बचपन के संघर्ष की कहानी से लेकर आतंकी हमले की घटना के बारे में भी पढ़ाया जायेगा. इसके अलावा मलाला का शिक्षा में क्षेत्र में काम को भी सीबीएसइ ने कोर्स में शामिल किया हैं. सीबीएसइ की ओर से कोर्स को लेकर एनसीइआरटी को जानकारी दे दी गयी हैं. मलाला की जीवनी को सोशल स्टडी में शामिल किया जायेगा.
- ओटवा में भी पूछे जायेंग सवाल
सीबीएसइ ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि मलाला पर सोशल स्टडी में दो चैप्टर रखे जायेगे. 9वीं के फाइनल और 10वीं बोर्ड की परीक्षा में ओटवा (ओपने टेस्ट बेस्ड असेसमेंट) से संबंधित प्रश्न भी पूछे जायेंगे. 2017 की बोर्ड परीक्षा में मलाला पर बोर्ड परीक्षा में प्रश्न रहेंगे. सीबीएसइ के अनुसार 20 अंक का ओटवा से प्रश्न रहेंगे. इसमें 5 अंक के प्रश्न मलाला पर पूछे जायेंगे. अभी सिलेबस तैयार की जा रही हैं. इसे 2016-17 से लागू किया जायेगा.
- केंद्रीय विद्यालय के लाइब्रेरी में मलाला हुई शामिल
वहीं केंद्रीय विद्यालय संगठन के अंतर्गत आने वाले तमाम केंद्रीय विद्यालय के लाइब्रेरी में मलाला की जीवनी में शामिल किया गया हैं. केंद्रीय विद्यालय के स्टूडेंट्स मलाला पर लिखी गयी पुस्तक मलाला हूं मै को अब पढ़ पायेंगे. इस पुस्तक में मलाला से संबंधित हर पहलू को लिया गया हैं. कैसे एक मुसलिम लड़की शिक्षा का बुगुल अपने देश में करती हैं. इसका विरोध होता है. उसके उपर आतंकी हमला होता है. लेकिन वो हिम्मत नहीं हारती. कई बार ऑपरेशन के बाद फिर उसे नयी जिंदगी मिलती हैं. केवीएस के अनुसार मलाला एक उदाहरण हैं, उसकी जीवनी हर किसी बच्चे को पढ़ना चाहिए. इस कारण मलाला की जीवनी को अभी कोर्स में शामिल किया गया हैं.
कोट
नोबेल पुरस्कार विजेताओं को सीबीएसइ के कोर्स में शामिल किया जाता है. मलाला का जिस तरह से काम होता हैं, उसमें इसे अगर कोर्स में शामिल किया जायेगा तो यह बहुत ही अच्छा होगा. इससे स्टूडेंट्स में संघर्ष करने की शक्
ि
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया
No comments:
Post a Comment