- सीबीएसइ करेगा एक स्कूल के एक टीचर के साथ एक स्टूडेंट को सम्मानित
संवाददाता, पटना
सर्व का फल मीठा होता है. अभी तक हम लोग यहीं कहावत सुनते आ रहे है. लेकिन सफाई का फल मीठा होता है, यह कहावत चरितार्थ होने वाली है उन टीचर और स्टूडेंट के उपर जो पिछले कई सालों से स्कूल और उसके आसपास की साफ सफाई में अपना सहयोग दे रहे हो. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से पहली बार नेशनल एजुकेशन डे 2015 पर सैनिटेशन को फोकस किया जा रहा है. स्कूल और उसके आसपास की सफाई हो, इसके प्रति स्कूल ऑथोरिटी और स्टूडेंट्स के बीच अवेयरनेस आयें, इसके लिए नेशनल एजुकेशन डे को लेकर सीबीएसइ एक कांपिटिशन करवाने जा रहा हैं.
- अक्तूबर से शुरू है ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन
अब सीबीएसइ स्कूल की साफ सफाई को फोकस करने के लिए ऑन लाइन इसे जोड़ेगा. इसके तहत स्कूल के टीचर्स को अपना कर्तव्य बताना होगा. एक टीचर के तौर पर समाज में उनके योगदान को ऑन लाइन जानकारी देने को सीबीएसइ ने निर्देश दिया है. टीचर के तौर पर स्कूल के अलावा प्रैक्टिकली रूप में टीचर साफ सफाई पर कितना ध्यान दे रहे है. सैनिटेशन की ओर अवेयर करने के लिए सीबीएसइ इसका आयेाजन कर रहा है. 29 अक्तूबर से 7 नवंबर तक इसका रजिस्ट्रेशन होगा. इसमें एक टीचर और एक स्टूडेंट पार्टिफिकेट करेंगे. सीबीएसइ के अनुसार वहीं टीचर पार्टिसिपेट करेंगे जो पिछले दो सालों से सैनिटेशन पर काम रहे हो. वहीं स्टूडेंट पिछले एक साल से सैनिटेशन पर काम कर रहे है. इस प्रोजेक्ट में हर क्लास के स्टूडेंट्स शामिल हो सकते हैं.
ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
- सीबीएसइ के वेबसाइट 666.ूु2ीूंंेिं्रू.्रल्ल पर जाकर टीचर और स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन करेंगे
- रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 7 नवंबर तक किया जायेगा
- रजिस्ट्रेशन का एक कॉपी डाउनलोड कर उसे फिर ऑन लाइन बोर्ड के पास भेजना होगा
- रजिस्ट्रेशन के लिए प्रत्येक स्कूल को 5 सौ फी भी देना होगा
ऐसे होगी टीम का चुनाव
- हर सीबीएसइ रिजन से दो टीम चुने जायेंगे. एक टीम में एक टीचर और एक स्टूडेंट होंगे
- हर रिजन से पहुंचने के बाद कांपिटिशन के आधार पर टीम को सॉट लिस्ट किया जायेगा
- फाइनल राउंड में सेलेक्ट होने के लिए हर टीम को चार मिनट का प्रेजेंटेशन देना होगा
- 11 नवंबर को है नेशनल एजुकेशन डे
स्वतंत्रता सेनानी और विद्वान मौलाना अबुल कलाम आजाद जी की जयंती समारोह को नेशनल एजुकेशन डे के रूप में मनाया जाता है. देश भर में यह आयोजन 11 नवंबर को हर साल होता है. मौलाना अबुल कलाम आजाद स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे.
संवाददाता, पटना
सर्व का फल मीठा होता है. अभी तक हम लोग यहीं कहावत सुनते आ रहे है. लेकिन सफाई का फल मीठा होता है, यह कहावत चरितार्थ होने वाली है उन टीचर और स्टूडेंट के उपर जो पिछले कई सालों से स्कूल और उसके आसपास की साफ सफाई में अपना सहयोग दे रहे हो. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से पहली बार नेशनल एजुकेशन डे 2015 पर सैनिटेशन को फोकस किया जा रहा है. स्कूल और उसके आसपास की सफाई हो, इसके प्रति स्कूल ऑथोरिटी और स्टूडेंट्स के बीच अवेयरनेस आयें, इसके लिए नेशनल एजुकेशन डे को लेकर सीबीएसइ एक कांपिटिशन करवाने जा रहा हैं.
- अक्तूबर से शुरू है ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन
अब सीबीएसइ स्कूल की साफ सफाई को फोकस करने के लिए ऑन लाइन इसे जोड़ेगा. इसके तहत स्कूल के टीचर्स को अपना कर्तव्य बताना होगा. एक टीचर के तौर पर समाज में उनके योगदान को ऑन लाइन जानकारी देने को सीबीएसइ ने निर्देश दिया है. टीचर के तौर पर स्कूल के अलावा प्रैक्टिकली रूप में टीचर साफ सफाई पर कितना ध्यान दे रहे है. सैनिटेशन की ओर अवेयर करने के लिए सीबीएसइ इसका आयेाजन कर रहा है. 29 अक्तूबर से 7 नवंबर तक इसका रजिस्ट्रेशन होगा. इसमें एक टीचर और एक स्टूडेंट पार्टिफिकेट करेंगे. सीबीएसइ के अनुसार वहीं टीचर पार्टिसिपेट करेंगे जो पिछले दो सालों से सैनिटेशन पर काम रहे हो. वहीं स्टूडेंट पिछले एक साल से सैनिटेशन पर काम कर रहे है. इस प्रोजेक्ट में हर क्लास के स्टूडेंट्स शामिल हो सकते हैं.
ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
- सीबीएसइ के वेबसाइट 666.ूु2ीूंंेिं्रू.्रल्ल पर जाकर टीचर और स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन करेंगे
- रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 7 नवंबर तक किया जायेगा
- रजिस्ट्रेशन का एक कॉपी डाउनलोड कर उसे फिर ऑन लाइन बोर्ड के पास भेजना होगा
- रजिस्ट्रेशन के लिए प्रत्येक स्कूल को 5 सौ फी भी देना होगा
ऐसे होगी टीम का चुनाव
- हर सीबीएसइ रिजन से दो टीम चुने जायेंगे. एक टीम में एक टीचर और एक स्टूडेंट होंगे
- हर रिजन से पहुंचने के बाद कांपिटिशन के आधार पर टीम को सॉट लिस्ट किया जायेगा
- फाइनल राउंड में सेलेक्ट होने के लिए हर टीम को चार मिनट का प्रेजेंटेशन देना होगा
- 11 नवंबर को है नेशनल एजुकेशन डे
स्वतंत्रता सेनानी और विद्वान मौलाना अबुल कलाम आजाद जी की जयंती समारोह को नेशनल एजुकेशन डे के रूप में मनाया जाता है. देश भर में यह आयोजन 11 नवंबर को हर साल होता है. मौलाना अबुल कलाम आजाद स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे.
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