Wednesday, August 12, 2015

पहले करे तैयारी, फिर करें एफिलिएशन के लिए अप्लाई

- 2017-18 सत्र के लिए सीबीएसइ ने एफिलिएशन बाइ लॉज में किया चेंज
- अब सीबीएसइ की मान्यता के लिए मिलेगा छह महीने का समय
संवाददाता, पटना
अब किसी भी स्कूल के लिए सीबीएसइ से एफिलिएशन लेना महंगा पड़ सकता है. क्योंकि सीबीएसइ ने एफिलिएशन बाइ लॉज में चेंज कर दिया है. नयी व्यवस्था के अंतर्गत हर स्कूल को एफिलिएशन लेने के लिए मात्र छह महीने का समय मिलेगा. सीबीएसइ की यह व्यवस्था 2017-18 सत्र के लिए लागू किया जायेगा. जो स्कूल 2017-18 सत्र के लिए सीबीएसइ का एफिलिएशन लेना चाह रहे है, उन्हें एक जनवरी 2016 से 30 जून 2016 के बीच अप्लाई करना होगा. छह महीने सीबीएसइ ने अप्लाई के लिए दिया है. अप्लाई के बाद स्कूल को कंफर्मेशन लेटर दिया जायेगा. इसके बाद एफिलिएशन की प्रक्रिया शुरू होगी.
- छह महीने में तीन बार विजिट करेगा सीबीएसइ
अभी तक किसी भी स्कूल की रेंडमली जांच एक बार होती थी. लेकिन अब नये एफिलिएशन बाइ लॉज के अनुसार किसी भी स्कूल की जांच तीन बार किया जायेगा. तीनों बार ही जांच रेंडमली होगी. जांच की तिथि तक अब स्कूल को नहीं बताया जायेगा. स्कूल को सीबीएसइ छह महीने का समय देगा. इस छह महीने में कभी भी किसी भी दिन सीबीएसइ की जांच टीम स्कूल में विजिट करेगा. किन-किन प्वाइंट पर स्कूल की जांच होगी, इसकी जानकारी बोर्ड की ओर से पहले ही स्कूल को दे दिया जायेगा.
- रिजेक्ट होने के बाद दो साल मिलेगा मौका
जो स्कूल एक बार अप्लाई करने के बाद एफिलिएशन की जांच में रिजेक्ट हो जायेगा. उसे दुबारा मौका तुरंत में नहीं मिलेगा. क्योंकि सीबीएसइ ने इसके उपर भी अब पाबंदी लगा दी है कि कोई भी स्कूल बार-बार हर साल एफिलिएशन के लिए अप्लाई नहीं कर सकता है. एक बार अप्लाई करने के बाद अगर स्कूल एफिलिएशन की जांच में रिजेक्ट हो जाता है तो उसे दो साल बाद ही मौका मिलेगा.
- डिसेबल और हैंडिकैप स्टूडेंट्स की संख्या भी देखी जायेगी
सीबीएसइ ने एफिलिएशन बाइ लॉज में कई नये प्वाइंट को जोड़ा है. अब एफिलिएशन के लिए स्कूल में डिसेबल और हैंडिकैप स्टूडेंट्स की संख्या भी देखी जायेगी. स्कूल ने स्पेशल स्टूडेंट्स का नामांकन स्कूल में कितना लिया है. स्पेशल स्टूडेंट्स के लिए स्कूल में व्यवस्था क्या सब है. रैंप है या नहीं. क्लास रूम और कैंटिंग में बैठने की व्यवस्था कैसी है.

इन प्वाइंट पर होगी जांच
- स्कूल में टीचर्स और स्टूडेंट्स का रेसियो
- स्कूल में कमरों की संख्या
- सीसी टीवी कैमरा कितना लगा है और किन-किन जगहों पर लगा है
- स्कूल पास के लोकल थाने से कितना जुड़ा हुआ है
- स्टूडेंट्स के स्कूल आने के लिए स्कूल बस है या नहीं है
- लंच आवर कितने देर का है
- क्लास रूम का साइज क्या है
- प्ले ग्राउंड का साइज क्या है और खेलने के लिए व्यवस्था कैसी है

कोट
एफिलिएशन बाइ लॉज में बोर्ड ने चेंज कर दिया है. अब इसी के अनुसार एफिलिएशन किसी स्कूल को मिलेगा. यह नियम नये और पुराने दोनों ही स्कूल के लिए सीबीएसइ लागू करेगा. अब एफिलिएशन जांच के लिए छह महीने का समय मिलेगा. इस बीच ही सारे स्कूलों को तैयारी कर लेनी है.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी कोडिनेटर 

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