- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने वोकेशनल कोर्स के सिलेबस को नहीं दे सका किताबों का रूप
संवाददाता, पटना
स्कील डेवलपमेंट और सेल्फ इंप्लायमेंट को लेकर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने वोकेशनल कोर्स चालू तो कर दिया. इसके लिए सिलेबस भी तैयार कर लिये गये, लेकिन इसका किताबें निकालना ही भूल गया. पिछले 24 सालों बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के इंटर काउंसिल में वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई हो रही हैं, लेकिन बिना किताबों के. बोर्ड ने सिलेबस तो हर ट्रेड का बना दिया. इन सिलेबस को समय-समय पर अपडेट भी किया जाता है. लेकिन इस सिलेबस को अभी तक किताबें प्रिंट नहीं हो पाया हैं.
- बिना किताबें की हो रही पढ़ाई
कुछ ट्रेड में कुछ टीचर्स ने अपनी ओर से किताबें लिखी है. ऐसे में थोड़ी बहुत मदद उन छात्रों को मिल जाती हैं. लेकिन जिन ट्रेड के लिए टीचर्स ने कोई किताबें नहीं लिखी है, उन छात्रों को काफी परेशानी हो रही है. ज्ञात हो कि समिति की ओर से इंटर की पढ़ाई के लिए कुछ ट्रेड 1988 में चालू किया गया. इसके बाद 1991 में कुछ ट्रेड शुरू किया गया. इससे ट्रेड की संख्या 25 हो गयी. इन तमाम ट्रेड के सिलेबस तो निकाली जा रही हैं. अभी हाल में 2013 में तात्कालिन बोर्ड अध्यक्ष राजमणि प्रसाद की अध्यक्षता में तमाम वोकेशनल कोर्स के ट्रेड को अपडेट किया गया, लेकिन भी तक उसे लागू नहीं किया जा सका है.
- एनसीइआरटी का चलता है सिलेबस
सीबीएसइ के वोकेशनल कोर्स की तरह बिहार बोर्ड के वोकेशनल कोर्स में भी एनसीइआरटी के ही सिलेबस चलाये जाते है. हर ट्रेड में सिलेबस को एनसीइआरटी के पैटर्न पर ही रखा गया है. इससे हर ट्रेड की पूरी जानकारी अच्छे से छात्रों को मिल सके. वोकेशनल कोर्स के टीचर्स राम कुमार ने बताया कि सिलेबस काफी ही बढ़िया है. हर ट्रेड में हर टॉपिक के बारे में जानकारी दी गयी हैं. इससे छात्रों को हर टॉपिक का अच्छी जानकारी हो जाती हैं.
कोट
सिंलेबस तो बना हैं, लेकिन किताबें नहीं हैं. ऐसे में जो भी ट्रेड की पढ़ाई होती है तो बस सिलेबस के पिंट आउट निकाल कर ही किया जाता है. छात्रों को मार्केट में भी किताबें उपलब्ध नहीं हैं. टीचर्स ने जो नोट बना कर दे दिया, बस उसी से पढ़ाई की जाती हैं.
एसएन सिंह, इंचाजर्, वोकेशनल कोर्स, शास्त्रीनगर गल्र्स हाई स्कूल
किताबों को लेकर छात्रो को काफी परेशानी होती हैं. जब से वोकेशनल कोर्स शुरू हुआ, अभी तक एक भी किताबें नहीं प्रिंट हुई है. छात्र बिना किताब के ही कोर्स कर जाते हैं. सिलेबस भी हाल में अपडेट हुआ, लेकिन लागू अभी तक नहीं किया गया है.
वरूण कुमार सिंह, प्रधान महासचिव, बिहार प्रदेश प्लस टू व्यावसायिक शिक्षा संघ
संवाददाता, पटना
स्कील डेवलपमेंट और सेल्फ इंप्लायमेंट को लेकर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने वोकेशनल कोर्स चालू तो कर दिया. इसके लिए सिलेबस भी तैयार कर लिये गये, लेकिन इसका किताबें निकालना ही भूल गया. पिछले 24 सालों बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के इंटर काउंसिल में वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई हो रही हैं, लेकिन बिना किताबों के. बोर्ड ने सिलेबस तो हर ट्रेड का बना दिया. इन सिलेबस को समय-समय पर अपडेट भी किया जाता है. लेकिन इस सिलेबस को अभी तक किताबें प्रिंट नहीं हो पाया हैं.
- बिना किताबें की हो रही पढ़ाई
कुछ ट्रेड में कुछ टीचर्स ने अपनी ओर से किताबें लिखी है. ऐसे में थोड़ी बहुत मदद उन छात्रों को मिल जाती हैं. लेकिन जिन ट्रेड के लिए टीचर्स ने कोई किताबें नहीं लिखी है, उन छात्रों को काफी परेशानी हो रही है. ज्ञात हो कि समिति की ओर से इंटर की पढ़ाई के लिए कुछ ट्रेड 1988 में चालू किया गया. इसके बाद 1991 में कुछ ट्रेड शुरू किया गया. इससे ट्रेड की संख्या 25 हो गयी. इन तमाम ट्रेड के सिलेबस तो निकाली जा रही हैं. अभी हाल में 2013 में तात्कालिन बोर्ड अध्यक्ष राजमणि प्रसाद की अध्यक्षता में तमाम वोकेशनल कोर्स के ट्रेड को अपडेट किया गया, लेकिन भी तक उसे लागू नहीं किया जा सका है.
- एनसीइआरटी का चलता है सिलेबस
सीबीएसइ के वोकेशनल कोर्स की तरह बिहार बोर्ड के वोकेशनल कोर्स में भी एनसीइआरटी के ही सिलेबस चलाये जाते है. हर ट्रेड में सिलेबस को एनसीइआरटी के पैटर्न पर ही रखा गया है. इससे हर ट्रेड की पूरी जानकारी अच्छे से छात्रों को मिल सके. वोकेशनल कोर्स के टीचर्स राम कुमार ने बताया कि सिलेबस काफी ही बढ़िया है. हर ट्रेड में हर टॉपिक के बारे में जानकारी दी गयी हैं. इससे छात्रों को हर टॉपिक का अच्छी जानकारी हो जाती हैं.
कोट
सिंलेबस तो बना हैं, लेकिन किताबें नहीं हैं. ऐसे में जो भी ट्रेड की पढ़ाई होती है तो बस सिलेबस के पिंट आउट निकाल कर ही किया जाता है. छात्रों को मार्केट में भी किताबें उपलब्ध नहीं हैं. टीचर्स ने जो नोट बना कर दे दिया, बस उसी से पढ़ाई की जाती हैं.
एसएन सिंह, इंचाजर्, वोकेशनल कोर्स, शास्त्रीनगर गल्र्स हाई स्कूल
किताबों को लेकर छात्रो को काफी परेशानी होती हैं. जब से वोकेशनल कोर्स शुरू हुआ, अभी तक एक भी किताबें नहीं प्रिंट हुई है. छात्र बिना किताब के ही कोर्स कर जाते हैं. सिलेबस भी हाल में अपडेट हुआ, लेकिन लागू अभी तक नहीं किया गया है.
वरूण कुमार सिंह, प्रधान महासचिव, बिहार प्रदेश प्लस टू व्यावसायिक शिक्षा संघ
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