Friday, August 7, 2015

सचिव बांट रहें योजना की राशि, बोर्ड का काम हुआ ठप

- मदरसा बोर्ड और संस्कृत शिक्षा बोर्ड के सचिव बांट रहे योजना की राशि
संवाददाता, पटना
रिजल्ट निकला, मार्क्‍स सीट नहीं मिला. नाम में गड़बड़ी हो गयी है, बोर्ड में हफ्ते भर से चक्कर लगा रहें है, लेकिन काम नहीं हो पाया हैं. सारे टेबुल पर से फाइल सचिव के पास रखा है, लेकिन सचिव का हस्ताक्षर के लिए रूका हुआ है. जब तक सचिव का हस्ताक्षर नहीं होगा, तब तक मार्क्‍स सीट नहीं मिलेगा. हर दिन काम नहीं होने से निराश छात्र बोर्ड से लौट रहें है. यह हाल बिहार स्टेट मदरसा बोर्ड और बिहार राज्य संस्कृत शिक्षा बोर्ड की है. बोर्ड में छात्र हर दिन काम करवाने आ तो रहें है, लेकिन उन्हें बैरंग की वापस पड़ रहा है. पिछले 15 दिनों से दोनों की बोर्ड में काम इस कारण नहीं हो पा रहा है, क्योंकि बोर्ड के सचिव बिहार सरकार के विभिन्न योजनाओं की राशि वितरण में लगे हुए हैं.
- जुलाई के तीसरे सप्ताह से सचिव बांट रहे राशि
संस्कृत शिक्षा बोर्ड के सचिव मिलिंद कुमार 17 जुलाई से ही बोर्ड नहीं आ पा रहें है. क्योंकि योजना राशि वितरण में सचिव मिलिंद को कटिहार भेजा गया है. वहीं संस्कृत शिक्षा बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक को नवादा भेजा गया है. कुछ ऐसा ही हाल मदरसा बोर्ड के सचिव खुर्शीद आलम का भी है. सचिव खुर्शीद आलम 24 जुलाई से राशि वितरण में लगे हुए हैं. इससे फोकानिया का रिजल्ट निकालने में भी कई परेशानी हुई. 2014 में चार पांच दिन के लिए ही सचिव को योजना राशि वाले काम में लगाया गया था, लेकिन इस बार 10 अगस्त तक सचिव का ड्यूटी लगायी गयी है. अब जब तक सचिव वापस नहीं आ जाते है, तब तक बोर्ड का सारा काम पेंडिंग ही रहेगा.

ये सारे काम है बाधित
- मार्क्‍स सीट नहीं मिला है
- नाम आदि की गलती में सुधार नहीं हो पा रहा हैं
- उत्तर पुस्तिका की दुबारा जांच के बाद नये मार्क्‍स सीट पर सचिव के हस्ताक्षर नहीं हुआ है
- स्क्रूटनी का काम रूका हुआ है
- रजिस्ट्रेशन की तिथि नहीं निकाली गयी है

कोट
24 जुलाई से इस काम में लगे हुए है. दोनों की काम तो छात्रो से ही जुड़ा हुआ हैं. योजना की राशि भी तो छात्र के बीच ही बांटा जा रहा है. दोनों ही काम हमारे हैं. बोर्ड के काम पर असर तो ह

खुर्शीद आलम, सचिव, मदरसा बोर्ड

No comments:

Post a Comment