स्कूल की कमिटी करेगी ट्रैफिक कंट्रोल
- ट्रैफिक पुलिस और डीटीओ के निर्देश पर स्कूल प्रशासन बना रहा है कमिटी
- स्कूली गेट के सामने लगने वाली गाड़ियों पर कसेगा शिकंजा
संवाददाता, पटना
स्कूल की छुट्टी के समय ट्रैफिक जाम, ट्रैफिक से होने वाले परेशानी, स्कूल आने जाने में स्टूडेंट्स की परेशानी, अब इन तमाम चीजों पर नजर स्कूल की कमिटी करेगी. इसके लिए हर स्कूलों को अपनी एक कमिटी बनानी है. अगर स्कूल इस कमी को पूरा नहीं कर पायेगा तो प्रशासन की ओर से अब स्कूल पर ही कार्रवाई की जायेगी. ट्रैफिक पुलिस और डीटीओ के निर्देश पर स्कूल प्रशासन अब ट्रैफिक को लेकर एक कमिटी बना रही है. इस कमिटी के निर्देश पर ही स्कूल के शुरू होने और छुट्टी के समय ट्रैफिक को कंट्रोल किया जायेगा. इसके लिए हर स्कूल को खुद अपने स्तर से सारा कुछ करना होगा. ट्रैफिक पुलिस बस स्कूल की कमिटी की मदद के लिए होगा. लेकिन ट्रैफिक कंट्रोल का सारा इंतजाम स्कूल को खुद करना होगा.
- कई स्कूलों ने भेजा रिपोर्ट
एक महीने पहले स्कूलों को मिले निर्देश के बाद स्कूल अपने स्तर से यह कमिटी बनानी शुरू कर दी है. इसमें हर तरह के स्कूलों को शामिल किया गया है. जिन स्कूलों के पास अपना स्कूल बस या ऑटो या वैन नहीं है, वो भी अपने स्तर से कमिटी का गठन कर रहे है. कई स्कूलों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर डीटीओ के पास भेज भी दिया है. इंटरनेशनल स्कूल ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि अल्पना मार्केट स्थिति स्कूल के पास कैंपस नहीं होने के कारण ऑटो और वैन को सड़क पर ही रहना होता है, ऐसे में अब पाटलिपुत्र गोलंबर के पास सारे ऑटो को रखा जायेगा. स्कूल के छुट्टी के बाद ही एक-एक कर ऑटो को लाया जायेगा. जिससे जाम की समस्या नहीं हो पायेगी. रिपोर्ट में कई स्कूलों ने बड़ा कैंपस नहीं होने की बात भी रखी है. नॉट्रेडम एकेडमी ने रिपोर्ट में कहा है कि जो भी सवारी है अब स्कूल के बाहर नहीं लगेगी. स्कूल के छुट्टी के पांच मिनट पहले स्कूल के आस पास आयेगी. स्कूल के सामने एक मैदान में सवारी रहेगी और वहीं पर जाकर बच्चे बैठेंगे. वहीं लोयेला स्कूल में भी स्कूल के बाहर ऑटो और वैन को पूरे समय तक लगाने पर रोक लगा दी गयी है.
- एक सप्ताह के बाद स्कूल ओवर लोडिग पर होगी कार्रवाई
पटना डीटीओ ओर ट्रैफिक पुलिस की ओर से एक नोटिस तमाम स्कूलों के पास आया है. जिसमें सख्त हिदायत दी गयी है कि ओवल लोडिंग पर कार्रवाई एक सप्ताह में शुरू की जायेगी. अगर सड़क पर किसी भी स्कूल के यूनिफार्म में बच्चे ऑटो, बस, वैन आदि में ओवर लोडिंग देखा जायेगा तो उस स्कूल पर जुर्माना लगाया जायेगा. एक स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि कई ऑटो वाले पर हमारी मरजी नहीं चलती है. ऐसे में हम तो नियम बना देते है, लेकिन ऑटो वाले स्कूल से थोड़ा हट कर बच्चों को बैठाकर ले जाते है. इस पर भी ट्रैफिक पुलिस को सोचना चाहिए.
- हर दिन जाम में फंसते है बच्चे
स्कूल गेट के पास जाम की स्थिति ऐसी होती है कि एक बार अगर कोई बच्च फंसा तो आधे एक घंटे तो निकलना मुश्किल हो जाता है. कई स्कूल के पास तो कई बार जाम का ऐसा हाल होता है कि आम जनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. बेली रोड स्थित माउंट कार्मेल की बात करें तो यहां पर स्कूल की छुट्टी के समय अभिभावकों और बच्चों की इतनी भीड़ जमा होती है कि उससे निकलना काफी टफ होता है. कुछ ऐसा ही हाल पाटलिपुत्र स्थित इंटरनेशनल स्कूल, नॉट्रेडम एकेडमी, लोयेला हाई स्कूल के पास होता है.
- 2011 के नियम को अब पूरा कर रही स्कूल
स्कूलों के सामने लगने वाली जाम और उसकी चपेट में आने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर 2011 में यह ट्रैफिक पुलिस के द्वारा एक नियम बना कर स्कूलों को दिया गया था. लेकिन इस पर किसी भी स्कूल ने ध्यान नहीं दिया. स्कूल की मनमानी चलती रही. ट्रैफिक पुलिस के द्वारा लगातार स्कूलों को लेटर दिया जाता रहा. कई बार स्कूलों एडमिनिस्ट्रेशन के साथ बैेठकें भी हुई . लेकिन अब यह आखिरी दौर में है. ट्रैफिक और डीटीओ के दबाव के बीच अब स्कूलों ने अब कमिटी बनानी शुरू कर दी है. इसके तहत स्कूल की छुट्टी के समय स्कूल की ओर से यह कमिटी ट्रैफिक को कंट्रोल करेगी.
कमिटी का यह होगा काम
- स्कूल के शुरू होने और बंद होने के समय स्कूल के गेट पर खड़े हो कर ट्रैफिक कंट्रोल करना
- अब स्कूल के मेन गेट के पास सवारियों की भीड़ नहीं होगी जमा
- स्कूल की अपनी गाड़ियां स्कूल कैंपस में आयेगी. जहां पर चढ़ कर ही बच्चे घर जायेंगे
- जो अभिभावक खुद बच्चे को स्कूल पहुंचाते है उन्हें स्कूल से थोड़ा हट कर ही बच्चे को पैदल आकर स्कूल छोड़ना होगा. अब ऐसे प्राइवेट सवारी स्कूल गेट तक नहीं आयेगा
- स्कूल की बस या तो स्कूल कैंपस में जायेगी या फिर आधा किलोमीटर पहले ही रूक जायेगी. इससे स्कूल के मेन गेट पर जाम की स्थिति नहीं बनेगी
- कमिटी स्कूल के मेन गेट को पूरी तरह से क्लियर रखेगा
- स्कूल की अपनी सवारी स्कूल के अंदर जायेगी. बांकी प्राइवेट को बाहर ही रहना होगा
कोट
हमने अपने स्कूल में कमिटी का गठन कर लिया है. स्कूल के शिक्षकों को यह जिम्मेवारी दी गयी है. स्कूल के छुट्टी के समय तमाम सवारी की जांच और उस पर बच्चे के बैठाये जाने की जिम्मेवारी इस कमिटी की है. इस दौरान पूरी तरह से ट्रैफिक जाम नहीं लगने पर ध्यान रखा जाता है. हमने रिपोर्ट डीटीओ के पास भी भेज दिया है. हर स्कूल के बस पर ट्रैफिक पुलिस के नियम के अनुसार जानकारी भी दी गयी है.
राजीव रंजन सिन्हा, प्रिंसिपल, वाल्डविन एकेडमी
तमाम स्कूलों को कमिटी बनाने का निर्देश दिया गया है. अगर किसी भी स्कूल के पास अपना कैंपस नही हो तो गेट से पहले बच्चे को उतारकर फौरन निकल जायेगी. यही ऑटो और वैन के साथ भी लागू होगा. अब एक सप्ताह में स्कूल बस, ऑटो, वैन आदि के ओवल लोडिंग को लेकर भी अभियान हम शुरू करेंगे. जिसमें पकड़ में आने वाले स्कूल पर जुर्माना लगाया जायेगा.
दिनेश कुमार राय, डीटीओ पटना
13 october 2014 prabhat khabar patna
- ट्रैफिक पुलिस और डीटीओ के निर्देश पर स्कूल प्रशासन बना रहा है कमिटी
- स्कूली गेट के सामने लगने वाली गाड़ियों पर कसेगा शिकंजा
संवाददाता, पटना
स्कूल की छुट्टी के समय ट्रैफिक जाम, ट्रैफिक से होने वाले परेशानी, स्कूल आने जाने में स्टूडेंट्स की परेशानी, अब इन तमाम चीजों पर नजर स्कूल की कमिटी करेगी. इसके लिए हर स्कूलों को अपनी एक कमिटी बनानी है. अगर स्कूल इस कमी को पूरा नहीं कर पायेगा तो प्रशासन की ओर से अब स्कूल पर ही कार्रवाई की जायेगी. ट्रैफिक पुलिस और डीटीओ के निर्देश पर स्कूल प्रशासन अब ट्रैफिक को लेकर एक कमिटी बना रही है. इस कमिटी के निर्देश पर ही स्कूल के शुरू होने और छुट्टी के समय ट्रैफिक को कंट्रोल किया जायेगा. इसके लिए हर स्कूल को खुद अपने स्तर से सारा कुछ करना होगा. ट्रैफिक पुलिस बस स्कूल की कमिटी की मदद के लिए होगा. लेकिन ट्रैफिक कंट्रोल का सारा इंतजाम स्कूल को खुद करना होगा.
- कई स्कूलों ने भेजा रिपोर्ट
एक महीने पहले स्कूलों को मिले निर्देश के बाद स्कूल अपने स्तर से यह कमिटी बनानी शुरू कर दी है. इसमें हर तरह के स्कूलों को शामिल किया गया है. जिन स्कूलों के पास अपना स्कूल बस या ऑटो या वैन नहीं है, वो भी अपने स्तर से कमिटी का गठन कर रहे है. कई स्कूलों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर डीटीओ के पास भेज भी दिया है. इंटरनेशनल स्कूल ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि अल्पना मार्केट स्थिति स्कूल के पास कैंपस नहीं होने के कारण ऑटो और वैन को सड़क पर ही रहना होता है, ऐसे में अब पाटलिपुत्र गोलंबर के पास सारे ऑटो को रखा जायेगा. स्कूल के छुट्टी के बाद ही एक-एक कर ऑटो को लाया जायेगा. जिससे जाम की समस्या नहीं हो पायेगी. रिपोर्ट में कई स्कूलों ने बड़ा कैंपस नहीं होने की बात भी रखी है. नॉट्रेडम एकेडमी ने रिपोर्ट में कहा है कि जो भी सवारी है अब स्कूल के बाहर नहीं लगेगी. स्कूल के छुट्टी के पांच मिनट पहले स्कूल के आस पास आयेगी. स्कूल के सामने एक मैदान में सवारी रहेगी और वहीं पर जाकर बच्चे बैठेंगे. वहीं लोयेला स्कूल में भी स्कूल के बाहर ऑटो और वैन को पूरे समय तक लगाने पर रोक लगा दी गयी है.
- एक सप्ताह के बाद स्कूल ओवर लोडिग पर होगी कार्रवाई
पटना डीटीओ ओर ट्रैफिक पुलिस की ओर से एक नोटिस तमाम स्कूलों के पास आया है. जिसमें सख्त हिदायत दी गयी है कि ओवल लोडिंग पर कार्रवाई एक सप्ताह में शुरू की जायेगी. अगर सड़क पर किसी भी स्कूल के यूनिफार्म में बच्चे ऑटो, बस, वैन आदि में ओवर लोडिंग देखा जायेगा तो उस स्कूल पर जुर्माना लगाया जायेगा. एक स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि कई ऑटो वाले पर हमारी मरजी नहीं चलती है. ऐसे में हम तो नियम बना देते है, लेकिन ऑटो वाले स्कूल से थोड़ा हट कर बच्चों को बैठाकर ले जाते है. इस पर भी ट्रैफिक पुलिस को सोचना चाहिए.
- हर दिन जाम में फंसते है बच्चे
स्कूल गेट के पास जाम की स्थिति ऐसी होती है कि एक बार अगर कोई बच्च फंसा तो आधे एक घंटे तो निकलना मुश्किल हो जाता है. कई स्कूल के पास तो कई बार जाम का ऐसा हाल होता है कि आम जनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. बेली रोड स्थित माउंट कार्मेल की बात करें तो यहां पर स्कूल की छुट्टी के समय अभिभावकों और बच्चों की इतनी भीड़ जमा होती है कि उससे निकलना काफी टफ होता है. कुछ ऐसा ही हाल पाटलिपुत्र स्थित इंटरनेशनल स्कूल, नॉट्रेडम एकेडमी, लोयेला हाई स्कूल के पास होता है.
- 2011 के नियम को अब पूरा कर रही स्कूल
स्कूलों के सामने लगने वाली जाम और उसकी चपेट में आने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर 2011 में यह ट्रैफिक पुलिस के द्वारा एक नियम बना कर स्कूलों को दिया गया था. लेकिन इस पर किसी भी स्कूल ने ध्यान नहीं दिया. स्कूल की मनमानी चलती रही. ट्रैफिक पुलिस के द्वारा लगातार स्कूलों को लेटर दिया जाता रहा. कई बार स्कूलों एडमिनिस्ट्रेशन के साथ बैेठकें भी हुई . लेकिन अब यह आखिरी दौर में है. ट्रैफिक और डीटीओ के दबाव के बीच अब स्कूलों ने अब कमिटी बनानी शुरू कर दी है. इसके तहत स्कूल की छुट्टी के समय स्कूल की ओर से यह कमिटी ट्रैफिक को कंट्रोल करेगी.
कमिटी का यह होगा काम
- स्कूल के शुरू होने और बंद होने के समय स्कूल के गेट पर खड़े हो कर ट्रैफिक कंट्रोल करना
- अब स्कूल के मेन गेट के पास सवारियों की भीड़ नहीं होगी जमा
- स्कूल की अपनी गाड़ियां स्कूल कैंपस में आयेगी. जहां पर चढ़ कर ही बच्चे घर जायेंगे
- जो अभिभावक खुद बच्चे को स्कूल पहुंचाते है उन्हें स्कूल से थोड़ा हट कर ही बच्चे को पैदल आकर स्कूल छोड़ना होगा. अब ऐसे प्राइवेट सवारी स्कूल गेट तक नहीं आयेगा
- स्कूल की बस या तो स्कूल कैंपस में जायेगी या फिर आधा किलोमीटर पहले ही रूक जायेगी. इससे स्कूल के मेन गेट पर जाम की स्थिति नहीं बनेगी
- कमिटी स्कूल के मेन गेट को पूरी तरह से क्लियर रखेगा
- स्कूल की अपनी सवारी स्कूल के अंदर जायेगी. बांकी प्राइवेट को बाहर ही रहना होगा
कोट
हमने अपने स्कूल में कमिटी का गठन कर लिया है. स्कूल के शिक्षकों को यह जिम्मेवारी दी गयी है. स्कूल के छुट्टी के समय तमाम सवारी की जांच और उस पर बच्चे के बैठाये जाने की जिम्मेवारी इस कमिटी की है. इस दौरान पूरी तरह से ट्रैफिक जाम नहीं लगने पर ध्यान रखा जाता है. हमने रिपोर्ट डीटीओ के पास भी भेज दिया है. हर स्कूल के बस पर ट्रैफिक पुलिस के नियम के अनुसार जानकारी भी दी गयी है.
राजीव रंजन सिन्हा, प्रिंसिपल, वाल्डविन एकेडमी
तमाम स्कूलों को कमिटी बनाने का निर्देश दिया गया है. अगर किसी भी स्कूल के पास अपना कैंपस नही हो तो गेट से पहले बच्चे को उतारकर फौरन निकल जायेगी. यही ऑटो और वैन के साथ भी लागू होगा. अब एक सप्ताह में स्कूल बस, ऑटो, वैन आदि के ओवल लोडिंग को लेकर भी अभियान हम शुरू करेंगे. जिसमें पकड़ में आने वाले स्कूल पर जुर्माना लगाया जायेगा.
दिनेश कुमार राय, डीटीओ पटना
13 october 2014 prabhat khabar patna
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