11वीं में मल्टीपल च्वाइस और 12वीं में सबजेक्टिब प्रश्नों के होंगी प्लस टू की परीक्षाएं
- प्लस टू लेवल पर पैटर्न को बदलने की चल रही कवायद
- स्कूलों से ली जायेगी फीडबैक
संवाददाता, पटना
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की ओर से प्लस टू के परीक्षा पैटर्न में बदलाव होने जा रही हैं. अभी तक प्लस टू लेवल पर 11वीं और 12वीं की परीक्षाएं एक समान होती थी. 11वीं का स्कूल लेवल पर और उसी पैटर्न पर 12वीं का बोर्ड परीक्षा होती थी. लेकिन अब इसमें बदलाव किया जा रहा है. अब 11वीं में स्टूडेंट्स मल्टीपल च्वाइस वाले ही प्रश्नों के उत्तर देंगे. हर विषयों में इसे लागू किया जायेगा. वहीं 12वीं की बोर्ड परीक्षा पूरी तरह से सबजेक्टिव प्रश्नों पर आधारित होगा. सीबीएसइ की ओर से यह परिवर्तन 2016 में 11वीं की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी पर लागू होगा. हाल में सीबीएसइ के एकेडेमिक कमेटी की ओर से बनायी गयी एक्सपर्ट टीम ने यह सलाह बोर्ड को दिया है. बोर्ड अब इसे प्लस टू लेवल पर लागू करने की तैयारी में जुट गया है.
- स्कूल से फीडबैक के बाद लागू होगा पैटर्न
एक्सपर्ट टीम की सलाह के बाद अब सीबीएसइ ने इसे स्कूल से फीडबैक लेने का विचार कर रहा है. जल्द ही इसके लिए एक फार्मेट स्कूलों को भेजा जायेगा. सीबीएसइ के सूत्रों के मुताबिक प्लस टू लेवल पर स्टूडेंट्स की तैयारी प्रतियोगी परीक्षा के लिए स्कूल में ही हो, इसके लिए यह पैटर्न को अपनाया जायेगा. बोर्ड तमाम स्कूलों से फीडबैक लेने के बाद इसे अगले सत्र से लागू कर देगी. इस पैटर्न के होने से प्लस टू के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी स्टूडेंट्स का हो जायेगा.
- नेशनल लेवल प्रतियोगी परीक्षा में मिलेगी मदद
11वीं और 12वीं में अलग-अलग परीक्षा पैटर्न होने से स्टूडेंट्स को काफी मदद मिलेगी. एक्सपर्ट टीम के अनुसार दो सालों में स्टूडेंट्स की तैयारी अलग-अलग तरीके से होगी. इससे स्टूडेंट्स मल्टीपल च्वाइस के साथ 12वीं के लिए सिलेबस की थॉरो जानकारी मिलेगी. वर्तमान में ऐसा नहीं हो पा रहा है. वर्तमान में दो सालों तक स्टूडेंट्स को एक ही पैटर्न पर परीक्षा की तैयारी करनी पड़ती है. इससे नेशनल लेवल प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में दिक्कतें होती है. जेइइ और मेडिकल की परीक्षाएं भी अब दो स्टेज पर होने लगा है. प्रथम स्टेज मल्टीपल च्वाइस और दूसरे स्टेज में सबजेक्टिव प्रश्न पूछे जाते है. ऐसे में प्लस टू में भी 11वीं और 12वीं परीक्षा पैटर्न को अलग- अलग तरीके से किया जायेगा. इससे प्रतियोगी परीक्षा देने में स्टूडेंट्स को काफी मदद मिलेगी.
कोट
प्लस टू का परीक्षा पैटर्न कई साल पुराना है. ऐसे में इस परिवर्तन से स्टूडेंट्स को काफी फायदा होगा. अभी दो सालों में स्टूडेंट्स बस कोर्स की पढ़ाई कर पाते थे. उन्हें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए अलग से समय देना होता था. लेकिन अब कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ ही ऐसा हो जायेगा. इससे स्टूडेंट्स को काफी मदद मिलेगी.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ
11 march 2015
- प्लस टू लेवल पर पैटर्न को बदलने की चल रही कवायद
- स्कूलों से ली जायेगी फीडबैक
संवाददाता, पटना
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की ओर से प्लस टू के परीक्षा पैटर्न में बदलाव होने जा रही हैं. अभी तक प्लस टू लेवल पर 11वीं और 12वीं की परीक्षाएं एक समान होती थी. 11वीं का स्कूल लेवल पर और उसी पैटर्न पर 12वीं का बोर्ड परीक्षा होती थी. लेकिन अब इसमें बदलाव किया जा रहा है. अब 11वीं में स्टूडेंट्स मल्टीपल च्वाइस वाले ही प्रश्नों के उत्तर देंगे. हर विषयों में इसे लागू किया जायेगा. वहीं 12वीं की बोर्ड परीक्षा पूरी तरह से सबजेक्टिव प्रश्नों पर आधारित होगा. सीबीएसइ की ओर से यह परिवर्तन 2016 में 11वीं की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी पर लागू होगा. हाल में सीबीएसइ के एकेडेमिक कमेटी की ओर से बनायी गयी एक्सपर्ट टीम ने यह सलाह बोर्ड को दिया है. बोर्ड अब इसे प्लस टू लेवल पर लागू करने की तैयारी में जुट गया है.
- स्कूल से फीडबैक के बाद लागू होगा पैटर्न
एक्सपर्ट टीम की सलाह के बाद अब सीबीएसइ ने इसे स्कूल से फीडबैक लेने का विचार कर रहा है. जल्द ही इसके लिए एक फार्मेट स्कूलों को भेजा जायेगा. सीबीएसइ के सूत्रों के मुताबिक प्लस टू लेवल पर स्टूडेंट्स की तैयारी प्रतियोगी परीक्षा के लिए स्कूल में ही हो, इसके लिए यह पैटर्न को अपनाया जायेगा. बोर्ड तमाम स्कूलों से फीडबैक लेने के बाद इसे अगले सत्र से लागू कर देगी. इस पैटर्न के होने से प्लस टू के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी स्टूडेंट्स का हो जायेगा.
- नेशनल लेवल प्रतियोगी परीक्षा में मिलेगी मदद
11वीं और 12वीं में अलग-अलग परीक्षा पैटर्न होने से स्टूडेंट्स को काफी मदद मिलेगी. एक्सपर्ट टीम के अनुसार दो सालों में स्टूडेंट्स की तैयारी अलग-अलग तरीके से होगी. इससे स्टूडेंट्स मल्टीपल च्वाइस के साथ 12वीं के लिए सिलेबस की थॉरो जानकारी मिलेगी. वर्तमान में ऐसा नहीं हो पा रहा है. वर्तमान में दो सालों तक स्टूडेंट्स को एक ही पैटर्न पर परीक्षा की तैयारी करनी पड़ती है. इससे नेशनल लेवल प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में दिक्कतें होती है. जेइइ और मेडिकल की परीक्षाएं भी अब दो स्टेज पर होने लगा है. प्रथम स्टेज मल्टीपल च्वाइस और दूसरे स्टेज में सबजेक्टिव प्रश्न पूछे जाते है. ऐसे में प्लस टू में भी 11वीं और 12वीं परीक्षा पैटर्न को अलग- अलग तरीके से किया जायेगा. इससे प्रतियोगी परीक्षा देने में स्टूडेंट्स को काफी मदद मिलेगी.
कोट
प्लस टू का परीक्षा पैटर्न कई साल पुराना है. ऐसे में इस परिवर्तन से स्टूडेंट्स को काफी फायदा होगा. अभी दो सालों में स्टूडेंट्स बस कोर्स की पढ़ाई कर पाते थे. उन्हें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए अलग से समय देना होता था. लेकिन अब कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ ही ऐसा हो जायेगा. इससे स्टूडेंट्स को काफी मदद मिलेगी.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ
11 march 2015
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