Sunday, March 1, 2015

स्कूलों में सीबीएसइ करेगा एफिलिएशन बाइ लॉज की जांच

स्कूलों में सीबीएसइ करेगा एफिलिएशन बाइ लॉज की जांच

- सीबीएसइ ने रेंडमली जांच के लिए बनायी टीम
- छठ बाद किसी भी स्कूल पहुंच सकती है टीम
संवाददाता, पटना
स्कूलों में नामांकन का आधार क्या है. अभी भी स्कूलों में बच्चों को पनिश किया जाता है. विकलांग बच्चों के लिए स्कूल में सुविधाएं क्या सब है. सेक्सुल हैरेसमेंट रोकने के लिए स्कूल ने क्या व्यवस्था कर रखा है. स्कूल में कंप्लेन बाक्स रखा है या नहीं. सीबीएसइ के एफिलिएशन बाइ लॉज के तहत ये सारे नियम होने के बावजूद अभी भी कई ऐसे स्कूल है जो इन चीजों को इग्नोर कर रहे है. फैसिलिटी के नाम पर स्कूल वाले स्टूडेंट से चार्ज तो लेते है, लेकिन सुविधाएं नहीं देते है. अब सीबीएसइ एफिलिएशन बाइलॉज को देखने के लिए उन स्कूलों की जांच करने जा रही है जहां पर बाइलॉज का उल्लंघन हो रहा है.
- छठ बाद शुरू होगी जांच प्रक्रिया
स्कूलों में हाइजिन की प्राब्लम, टॉयलेट की प्राब्लम, सैनिटेशन की सही एरेंजमेंट नहीं, साफ पानी नहीं मिलने से बच्चे का बीमार होना, बेहिसाब ट्यूशन फी, आये दिन कारपोरल पनिशमेंट देना आदि को लेकर सीबीएसइ के पास अभिभावक, स्टूडेंट्स, टीचर्स और लोकल पब्लिक ने लिखित शिकायत की है. इसको देखते हुए सीबीएसइ ने यह दुबारा निर्णय लिया है. इसके लिए बोर्ड की ओर से एक टीम बनायी गयी है. जिसमे सीबीएसइ के कर्मचारी को नियुक्त गया है. छठ बाद यह टीम किसी भी स्कूल में रेंडमली विजिट करेगी. इसमें उन तमाम प्वाइंट पर फोकस होगा जो सीबीएसइ के एफिलिएश बाइलॉज में आता है.
- स्कूलों में चल रहे है कोचिंग इंस्ट्रीच्यूट
स्कूल में 11वी और 12वीं की पढ़ाई को रेगुलर करने के लिए सीबीएसइ ने एक साल पहले ही स्कूलों को नोटिस दिया था कि स्कूल में कोचिंग इंस्ट्रीच्यूट को हटाया जायें. इसके बाद कई स्कूलों में तो कोचिंग हटाये गये, लेकिन अभी भी कई स्कूल है जहां पर कोचिंग चलाये जाते है. जिससे स्टूडेंट्स स्कूल की पढ़ाई कम और कांपिटिशन की तैयारी अधिक करते है. ऐसे में सीबीएसइ अपनी जांच प्रक्रिया में इस पर अधिक फोकस करेगा कि स्टूडेट्स का एटेंडेंस कोचिंग में अधिक है या स्कूल की क्लास करने पर अधिक है. स्कूल की एटेंडेंस बुक से इसकी जानकारी आसानी से मिलेगी.
- एक कैंपस एक स्कूल
सीबीएसइ ने जिस स्कूल को मान्यता दी है, स्कूल को वहीं पर सारे स्टूडेंट्स को शिक्षा देना है. स्कूल एक और कैंपस अनेक नहीं चला सकते है. अगर ऐसा कोई स्कूल करेगा तो उस स्कूल पर कार्रवाई होगी. इसके अलावा स्कूलों को अपना वेबसाइट भी डेवलप करना होगा. एक स्कूल का एक ही वेबसाइट होगा.

सीबीएसइ ने स्कूलों पर उठाये ये सवाल
- सीबीएसइ के बाइलॉज की स्कूल अनदेखी करता है
- कई स्कूल में टीचर को सही पेंमेंट और बाकी सुविधाएं सही नहीं मिलता है
- स्कूल के एडमिशन के समय बच्चों के साथ भेदभाव रखी जाती है
- नामांकन में मोटी रकम डोनेशन के तौर पर मांगी जाती है
- अभी भी स्कूलों में कारपोरल पनिशमेंट दिया जाता है
- विकलांग स्टूडेंट्स के लिए स्कूल में कोई सुविधा नहीं दी जाती है
- स्कूल कैंपस में सेक्सुल हेरेसमेंट के केस को नहीं देखा जाता है. सेक्सुल हेरेसमेंट केस को स्कूल छुपाने की कोशिश करता है
- स्कूल में साफ पानी बच्चों नहीं दिया जाता है
- स्टूडेंट की संख्या के हिसाब से टॉयलेट नहीं है. इसके अलावा सैनिटेशन भी स्कूलो में एक बड़ा प्राब्लम बन रहा है.

सीबीएसइ के कुछ एफिलिएशन बाइलॉज
- डोनेशन फी नहीं लेना
- स्कूल को कामर्शिलय नहीं बनाया जायेगा
- टीचर को कारपोरल पनिशमेंट नहीं देने की जानकारी दी जायें. अगर टीचर ऐसी गलती करें तो उन पर कार्रवाई करें
-  स्कूल को हर क्लास में नामांकन लेना है. हर स्कूल को शिक्षा के अधिकार के तहत 25 फीसदी नामांकन लेना होगा
- टीचर और स्कूल स्टॉफ को सैलरी और सर्विस चार्ज देना है
- सेक्सुल हेरेसमेंट कमिटी हर स्कूलों को बनाना है
- 9वीं से 12वीं तक स्टूडेंट्स की लिस्ट स्कूलों को बोर्ड के पास भेजना है
- स्कूल कैंपस में कोचिंग इंस्ट्रीच्यूट नहीं चल सकता है
-  विकलांग बच्चों की मदद के लिए स्कूल में सुविधा होनी चाहिए
- स्कूल में हेल्थ, सैनिटेशन और फायर सेफ्टी सही हो
- स्कूल में आये दिन टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जायें
- स्कूल में हेल्थ वेलनेस टीचर होना चाहिए
- बच्चों को एनिमल प्रोटेक्शन एक्ट के प्रति जागरूक करना है

28 october 2014 prabhat khabar patna 

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