स्कूल में बनेगा एंटी रैंगिग सेल
- सीबीएसइ की ओर से स्कूलों के पास आया निर्देश
- हर स्कूल के प्रिंसिपल के साथ सात लोगों की बनेगी टीम
संवाददाता, पटना
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से नये सेशन की तैयारी शुरू कर दी गयी है. नये सेशन में नये स्कूल में स्टूडेंट्स को पूरी तरह से सुरक्षा मिले, इसके लिए हर सीबीएसइ स्कूलों में एंटी रैंगिग सेल बनाने का निर्देश आया है. सीबीएसइ की ओर से हर स्कूलों के पास एंटी रैंगिग सेल होने का निर्देश दिया गया है. हाल में सीबीएसइ के पास पैरेंट्स की शिकायत आयी है कि उनके बच्चे के साथ बुलिंग और रैंगिग जैसी घटनाएं घटी है. इस कारण तंग आकर पैरेंट्स को अपने बच्चे को स्कूल से निकालना पड़ा. आये दिन इस तरह की घटनाएं को देखकर सीबीएसइ ने इस सेशन से तमाम स्कूलों को एंटी रैंगिग सेल और एंटी बुलिंग सेल का गठन करने को कहा हैं. नया सेशन शुरू होने से पहले इस सेल का गठन कर लेना हैं.
- एक दूसरे के चिढ़ाने पर लगी रोक
किसी भी स्कूल में अब स्टूडेंट्स एक दूसरे को चिढ़ायेंगे नहीं. अगर कोई स्टूडेंट किसी को चिढ़ाते हुए पकड़ में आया तो इस स्टूडेंट पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. सीबीएसइ की ओर से बुलिंग (किसी के साथ बदमासी करना) करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गयी है. सीबीएसइ की ओर से तमाम स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि स्कूल कैंपस में स्टूडेंट्स डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से किसी तरह का गलत एक्टिविटी नहीं कर सकते है. मजाक में भी अपशब्द कहने वालों पर पाबंदी लगा दी गयी है. यहां तक ही साइबर बुलिंग भी अगर स्टूडेंट्स करते हुए पकड़ में आयेगे तो उनके उपर कार्रवाई हो सकती है.
- टीम करेगी रैंगिग की रिव्यू
अप्रैल में हर स्कूलों में एंटी रैंगिग सेल का गठन कर लेना है. सेशन शुरू होने के साथ स्कूल के टीम की ओर से रैंगिग का रिव्यू किया जायेगा. नये छात्रों को बुलाकर ऑफ द रिकार्ड रैंगिग होने की जानकारी ली जायेगी. अगर किसी स्टूडेंट द्वारा रैंगिग की जानकारी दी जाती है तो पहले उसकी जांच होगी. पकड़ में आने पर स्टूडेंट्स को जुर्माने के साथ स्कूल से भी निकाला जा सकता है. इस बीच शिकायत करने वाले स्टूडेंट का नाम गुप्त रखा जायेगा.
- स्कूल में चलेगा अवेयरनेस प्रोग्राम
एंटी रैंगिग सेल और बुलिंग सेल की ओर हर किसी का ध्यान आकृष्ट हो, इसके लिए हर स्कूलों में अवेयरनेस प्रोग्राम भी चलाया जायेगा. इस प्रोग्राम में स्कूल के टीचर्स के अलावा स्टूडेंट, स्कूल स्टाफ, पैंरेंट्स आदि को शामिल करना हैं. किसी तरह की शिकायत होने पर किस तरह का डिसीजन लिया जाना है, इसकी भी जानकारी देनी होगी. प्रोग्राम के माध्यम से इस सेल के क्रियेटिविटी को दिखाया जायेगा. स्कूल की ओर से एंटी रैंगिग सेल के तमाम मेंबर्स के कांटैक्ट नंबर को स्कूल कैंपस में जगह-जगह लगाया जायेगा. जिससे किसी भी तरह की शिकायत करने में स्टूडेंट्स को दिक्कतें ना हो. आसानी से वो अपनी शिकायतें एंटी रैंगिग सेल के पास पहुंचा सके. इसके अलावा स्कूल की ओर से प्ले, नुक्कड़ नाटक, ग्रुप डिस्कशन, डिवेट, स्पेशनल एसेंबली, पोस्टर कंपीटिशन आदि का आयोजन किया जायेगा.
- प्रायमरी से लेकर हायर सेकेंडरी तक होगा लागू
एंटी रैंगिग सेल और बुलिंग सेल के अंतर्गत हर क्लास को शामिल किया गया है. प्रायमरी लेवल के क्लासेज से लेकर मीडिल, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी लेवल के स्टूडेंट्स पर भी लागू होगा. अगर प्रायमरी लेवल के किसी स्टूडेंट्स के साथ बुलिंग या रैंगिग जैसी घटनाएं होती है तो उस पर भी कार्रवाई की जायेगी. सीबीएसइ की ओर से हर स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि समय समय पर स्कूल के टीचर्स को इस संबंध में ट्रेनिंग भी दिया जायें. बच्चों के क्लासेज पर भी अधिक ध्यान रखा जायें. क्योंकि बुलिंग की अधिकांश केसेज प्रायमरी और मीडिल लेवल के क्लासेज में अधिक देखने को मिल रही है.
ऐसा होगा कार्रवाई की प्रक्रिया
- लिखित और बोलकर वॉर्निग दी जायेगी
- क्लास से सस्पेंड कर दिया जायेगा. या फिर किसी एक स्पेशल क्लास से सस्पेंड कर दिया जायेगा
- रिजल्ट को कैंसिल कर दिया जायेगा
- स्टूडेंट्स पर जुर्माना लगाया जायेगा
- अधिक गंभीर केस पर स्कूल से निकाला जा सकता है
- शिकायत अधिक गंभीर होने पर दूसरे स्कूल में ट्रांसफर पर भी रोक लगायी जा सकती हैं
एंटी रैंगिग सेल में ये लोग रहेंगे मेंबर
- स्कूल के प्रिंसिपल
- वाइस प्रिंसिपल
- एक सीनियर टीचर
- स्कूल के डॉक्टर
- स्कूल के काउंसलर
- पैरेंट्स टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष
- स्कूल मैनेजमेंट रिप्रेजेंटेटिव
- पीयर एजुकेटर
इस तरह की हरकत नहीं कर सकते है स्कूल में स्टूडेंट
- फिजिकली रूप से एक दूसरे को मारना
- मूंह आदि बना कर चिढ़ाना
- मुंह से किसी को अपशब्द कहना
- किसी के एकेडेमिक में गलत इंटरफेयर करना
- अवांछित चीजों की ओर दूसरे स्टूडेंट्स का ध्यान दिलवाना
- किसी स्टूूडेंट्स के बारे में गलत अफवाहें नहीं फैलाना
- साइबर बुलिंग यानी एसएमएस, फोटोग्राफ और इ-मेल पर गलत तरीके से कुछ लिखना या करना
कोट
हाल के कई सालों में हायर सेकेंडरी लेवल के क्लासेज में रैंगिग और बुलिंग जैसी घटनाएं सामने आ रही है. नये स्टूडेंट्स के साथ स्कूल के सीनियर स्टूडेंट्स बदतमीजी करते है. चिढ़ाना और रैंगिग करने की घटनाएं भी सामने आयी है. इस कारण सीबीएसइ की ओर से यह कदम उठाया गया है.
साधना पराशर, एकेडेमिक हेड, सीबीएसइ
12 march 2015
- सीबीएसइ की ओर से स्कूलों के पास आया निर्देश
- हर स्कूल के प्रिंसिपल के साथ सात लोगों की बनेगी टीम
संवाददाता, पटना
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से नये सेशन की तैयारी शुरू कर दी गयी है. नये सेशन में नये स्कूल में स्टूडेंट्स को पूरी तरह से सुरक्षा मिले, इसके लिए हर सीबीएसइ स्कूलों में एंटी रैंगिग सेल बनाने का निर्देश आया है. सीबीएसइ की ओर से हर स्कूलों के पास एंटी रैंगिग सेल होने का निर्देश दिया गया है. हाल में सीबीएसइ के पास पैरेंट्स की शिकायत आयी है कि उनके बच्चे के साथ बुलिंग और रैंगिग जैसी घटनाएं घटी है. इस कारण तंग आकर पैरेंट्स को अपने बच्चे को स्कूल से निकालना पड़ा. आये दिन इस तरह की घटनाएं को देखकर सीबीएसइ ने इस सेशन से तमाम स्कूलों को एंटी रैंगिग सेल और एंटी बुलिंग सेल का गठन करने को कहा हैं. नया सेशन शुरू होने से पहले इस सेल का गठन कर लेना हैं.
- एक दूसरे के चिढ़ाने पर लगी रोक
किसी भी स्कूल में अब स्टूडेंट्स एक दूसरे को चिढ़ायेंगे नहीं. अगर कोई स्टूडेंट किसी को चिढ़ाते हुए पकड़ में आया तो इस स्टूडेंट पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. सीबीएसइ की ओर से बुलिंग (किसी के साथ बदमासी करना) करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गयी है. सीबीएसइ की ओर से तमाम स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि स्कूल कैंपस में स्टूडेंट्स डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से किसी तरह का गलत एक्टिविटी नहीं कर सकते है. मजाक में भी अपशब्द कहने वालों पर पाबंदी लगा दी गयी है. यहां तक ही साइबर बुलिंग भी अगर स्टूडेंट्स करते हुए पकड़ में आयेगे तो उनके उपर कार्रवाई हो सकती है.
- टीम करेगी रैंगिग की रिव्यू
अप्रैल में हर स्कूलों में एंटी रैंगिग सेल का गठन कर लेना है. सेशन शुरू होने के साथ स्कूल के टीम की ओर से रैंगिग का रिव्यू किया जायेगा. नये छात्रों को बुलाकर ऑफ द रिकार्ड रैंगिग होने की जानकारी ली जायेगी. अगर किसी स्टूडेंट द्वारा रैंगिग की जानकारी दी जाती है तो पहले उसकी जांच होगी. पकड़ में आने पर स्टूडेंट्स को जुर्माने के साथ स्कूल से भी निकाला जा सकता है. इस बीच शिकायत करने वाले स्टूडेंट का नाम गुप्त रखा जायेगा.
- स्कूल में चलेगा अवेयरनेस प्रोग्राम
एंटी रैंगिग सेल और बुलिंग सेल की ओर हर किसी का ध्यान आकृष्ट हो, इसके लिए हर स्कूलों में अवेयरनेस प्रोग्राम भी चलाया जायेगा. इस प्रोग्राम में स्कूल के टीचर्स के अलावा स्टूडेंट, स्कूल स्टाफ, पैंरेंट्स आदि को शामिल करना हैं. किसी तरह की शिकायत होने पर किस तरह का डिसीजन लिया जाना है, इसकी भी जानकारी देनी होगी. प्रोग्राम के माध्यम से इस सेल के क्रियेटिविटी को दिखाया जायेगा. स्कूल की ओर से एंटी रैंगिग सेल के तमाम मेंबर्स के कांटैक्ट नंबर को स्कूल कैंपस में जगह-जगह लगाया जायेगा. जिससे किसी भी तरह की शिकायत करने में स्टूडेंट्स को दिक्कतें ना हो. आसानी से वो अपनी शिकायतें एंटी रैंगिग सेल के पास पहुंचा सके. इसके अलावा स्कूल की ओर से प्ले, नुक्कड़ नाटक, ग्रुप डिस्कशन, डिवेट, स्पेशनल एसेंबली, पोस्टर कंपीटिशन आदि का आयोजन किया जायेगा.
- प्रायमरी से लेकर हायर सेकेंडरी तक होगा लागू
एंटी रैंगिग सेल और बुलिंग सेल के अंतर्गत हर क्लास को शामिल किया गया है. प्रायमरी लेवल के क्लासेज से लेकर मीडिल, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी लेवल के स्टूडेंट्स पर भी लागू होगा. अगर प्रायमरी लेवल के किसी स्टूडेंट्स के साथ बुलिंग या रैंगिग जैसी घटनाएं होती है तो उस पर भी कार्रवाई की जायेगी. सीबीएसइ की ओर से हर स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि समय समय पर स्कूल के टीचर्स को इस संबंध में ट्रेनिंग भी दिया जायें. बच्चों के क्लासेज पर भी अधिक ध्यान रखा जायें. क्योंकि बुलिंग की अधिकांश केसेज प्रायमरी और मीडिल लेवल के क्लासेज में अधिक देखने को मिल रही है.
ऐसा होगा कार्रवाई की प्रक्रिया
- लिखित और बोलकर वॉर्निग दी जायेगी
- क्लास से सस्पेंड कर दिया जायेगा. या फिर किसी एक स्पेशल क्लास से सस्पेंड कर दिया जायेगा
- रिजल्ट को कैंसिल कर दिया जायेगा
- स्टूडेंट्स पर जुर्माना लगाया जायेगा
- अधिक गंभीर केस पर स्कूल से निकाला जा सकता है
- शिकायत अधिक गंभीर होने पर दूसरे स्कूल में ट्रांसफर पर भी रोक लगायी जा सकती हैं
एंटी रैंगिग सेल में ये लोग रहेंगे मेंबर
- स्कूल के प्रिंसिपल
- वाइस प्रिंसिपल
- एक सीनियर टीचर
- स्कूल के डॉक्टर
- स्कूल के काउंसलर
- पैरेंट्स टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष
- स्कूल मैनेजमेंट रिप्रेजेंटेटिव
- पीयर एजुकेटर
इस तरह की हरकत नहीं कर सकते है स्कूल में स्टूडेंट
- फिजिकली रूप से एक दूसरे को मारना
- मूंह आदि बना कर चिढ़ाना
- मुंह से किसी को अपशब्द कहना
- किसी के एकेडेमिक में गलत इंटरफेयर करना
- अवांछित चीजों की ओर दूसरे स्टूडेंट्स का ध्यान दिलवाना
- किसी स्टूूडेंट्स के बारे में गलत अफवाहें नहीं फैलाना
- साइबर बुलिंग यानी एसएमएस, फोटोग्राफ और इ-मेल पर गलत तरीके से कुछ लिखना या करना
कोट
हाल के कई सालों में हायर सेकेंडरी लेवल के क्लासेज में रैंगिग और बुलिंग जैसी घटनाएं सामने आ रही है. नये स्टूडेंट्स के साथ स्कूल के सीनियर स्टूडेंट्स बदतमीजी करते है. चिढ़ाना और रैंगिग करने की घटनाएं भी सामने आयी है. इस कारण सीबीएसइ की ओर से यह कदम उठाया गया है.
साधना पराशर, एकेडेमिक हेड, सीबीएसइ
12 march 2015
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