सीबीएसइ देगा गल्र्स स्टूडेंट्स को पंख की उड़ान
- इंजीनियरिंग कॉलेजों तक गल्र्स स्टूडेंट्स को पहुंचाने में सीबीएसइ करेगा मदद
- 27 अक्तूबर तक करें ऑन लाइन अप्लाई
संवाददाता, पटना
आइआइटी और एनआइटी तक का सफर गल्र्स स्टूडेंट्स के लिए आसान हो, इंजीनियरिंग के प्रति लड़कियों की भागीदारी अधिक से अधिक हो, इसके लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से अब अपने स्तर पर प्रयास किया जायेगा. इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाली देश भर की गर्ल स्टूडेंट्स के लिए सीबीएसइ ने उड़ान नाम के प्रोजेक्ट प्रोग्राम की शुरुआत की है. इस प्रोग्राम में 11वीं और 12वीं क्लास की गल्र्स स्टूडेंट्स शामिल हो सकती है. इसके लिए बोर्ड ने ऑन लाइन आवेदन की तिथि निकाली है. 27 अक्तूबर तक उड़ान प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आवेदन करना है.
- दूसरे बोर्ड की स्टूडेंट्स को भी मिलेगा मौका
यह प्रोग्राम मात्र सीबीएसइ स्टूडेंट्स के लिए नहीं है. बल्कि आइसीएसइ के अलावा देश भर के लिए भी बोर्ड और तमाम स्टेट बोर्ड के गर्ल स्टूडेंट्स के लिए किया गया है. उड़ान प्रोग्राम के तहत सीबीएसइ देश भर से एक हजार स्टूडेंट्स का चुनाव करेगी. जो स्टूडेंट्स सेलेक्ट होंगी, उन्हें सीबीएसइ की ओर से इंजीनियरिंग की तैयारी खासकर आइआइटी जेइइ और एनआइटी की पूरी तरह से फ्री करवाया जायेगा. तैयारी के लिए स्टडी मेटेरियल के साथ समय-समय पर टेस्ट भी लिया जायेगा. जिससे स्टूडेंट्स को अपनी तैयारी का पता चलता रहेगा.
ये स्टूडेंट्स कर सकती है उड़ान प्रोग्राम के लिए ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन
- सीबीएसइ के अलावा आइसीएसइ, कोई भी स्टेट बोर्ड की गल्र्स स्टूडेंट्स उड़ान के लिए आवेदन दे सकती है
- स्टूडेंट्स 11वीं और 12वीं में पीसीएम (फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ) ग्रुप में हो
- स्टूडेंट्स को 10वीं बोर्ड में मिनिमम मार्क्स 70 फीसदी होनी चाहिए. साइंस और मैथ में 80 फीसदी अंक होना आवश्यक है. सीबीएसइ के स्टूडेंट्स के लिए सीजीपीए 8 होना चाहिए
- 12वीं बोर्ड में पीसीएम ग्रुप में 75 फीसदी अंक आना जरूरी है
- इकोनॉमिक रूप से कमजोर गर्ल स्टूडेंट्स पर विशेष फोकस किया जायेगा
ऐसे होगा उड़ान के लिए अप्लाई
- इसके लिए ऑन लाइन अप्लाई किया जायेगा. सीबीएसइ के वेबसाइट 666.ूु2ी.ल्ल्रू.्रल्ल 1 666.ूु2ीूंंीि्रेू.्रल्ल पर ले सकते है.
- सीबीएसइ के सिटी को-ऑडिनेटर से भी संपर्क किया जा सकता है
- फार्म भरने के बाद 27 अक्तूबर तक उसे सीबीएसइ, चौथी मंजिल, शिक्षा सदन, नई दिल्ली के पते पर भेज देना है.
इस प्रोग्राम के तहत ये सारे मिलेंगे फायदे
- देश भर से एक हजार गर्ल स्टूडेंट्स को चुना जायेगा. जिन्हें इंजीनियरिंग कॉलेज तक पहुंचने में पढ़ाई संबंधी मदद की जायेगी
- उड़ान प्रोग्राम में 50 फीसदी सीटें एससी, एसटी और ओबीसी गल्र्स स्टूडेंट्स के लिए रिजर्व रखा गया है
- उड़ान प्रोग्राम के तहत गल्र्स स्टूडेंट्स का सेलेक्शन मेरिट के आधार पर किया जायेगा
- उड़ान के तहत फ्री में इंजीनियरिंग की पढ़ाइ सीबीएसइ द्वारा सेलेक्ट गर्ल स्टूडेंट्स को दिया जायेगा
- पढ़ाई ऑन लाइन और ऑफ लाइन दोनों की तरह से होगा
- आइआइटी जेइइ की तैयारी के लिए तमाम लेर, स्टडी मेटेरियल सीबीएसइ मुहैया करवायेगी
- असेसमेंट के आधार पर स्टूडेंट्स को तैयारी करवायी जायेगी
- स्टूडेंट्स के लिए हेल्प लाइन नंबर भी जारी किया जायेगा
- स्टूडेंट्स और अभिभावक के लिए मोटिवेशन प्रोग्राम आयोजित किया जायेगा
कोट
बोर्ड का उड़ान प्रोग्राम काफी फायदेमंद होगा. इसमें अधिक से अधिक स्टूडेंट्स को शामिल होना चाहिए. अभी भी इंजीनियरिंग की तरफ गल्र्स स्टूडेंट्स की संख्या काफी कम है. इस कारण बोर्ड इस प्रोग्राम को शुरू करने जा रही है. सबसे अच्छी बात है कि इसमें हर बोर्ड की गर्ल स्टूडेंट्स को शामिल किया जायेगा.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ
11 october 2014 patna prabhat khabar
- इंजीनियरिंग कॉलेजों तक गल्र्स स्टूडेंट्स को पहुंचाने में सीबीएसइ करेगा मदद
- 27 अक्तूबर तक करें ऑन लाइन अप्लाई
संवाददाता, पटना
आइआइटी और एनआइटी तक का सफर गल्र्स स्टूडेंट्स के लिए आसान हो, इंजीनियरिंग के प्रति लड़कियों की भागीदारी अधिक से अधिक हो, इसके लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से अब अपने स्तर पर प्रयास किया जायेगा. इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाली देश भर की गर्ल स्टूडेंट्स के लिए सीबीएसइ ने उड़ान नाम के प्रोजेक्ट प्रोग्राम की शुरुआत की है. इस प्रोग्राम में 11वीं और 12वीं क्लास की गल्र्स स्टूडेंट्स शामिल हो सकती है. इसके लिए बोर्ड ने ऑन लाइन आवेदन की तिथि निकाली है. 27 अक्तूबर तक उड़ान प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आवेदन करना है.
- दूसरे बोर्ड की स्टूडेंट्स को भी मिलेगा मौका
यह प्रोग्राम मात्र सीबीएसइ स्टूडेंट्स के लिए नहीं है. बल्कि आइसीएसइ के अलावा देश भर के लिए भी बोर्ड और तमाम स्टेट बोर्ड के गर्ल स्टूडेंट्स के लिए किया गया है. उड़ान प्रोग्राम के तहत सीबीएसइ देश भर से एक हजार स्टूडेंट्स का चुनाव करेगी. जो स्टूडेंट्स सेलेक्ट होंगी, उन्हें सीबीएसइ की ओर से इंजीनियरिंग की तैयारी खासकर आइआइटी जेइइ और एनआइटी की पूरी तरह से फ्री करवाया जायेगा. तैयारी के लिए स्टडी मेटेरियल के साथ समय-समय पर टेस्ट भी लिया जायेगा. जिससे स्टूडेंट्स को अपनी तैयारी का पता चलता रहेगा.
ये स्टूडेंट्स कर सकती है उड़ान प्रोग्राम के लिए ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन
- सीबीएसइ के अलावा आइसीएसइ, कोई भी स्टेट बोर्ड की गल्र्स स्टूडेंट्स उड़ान के लिए आवेदन दे सकती है
- स्टूडेंट्स 11वीं और 12वीं में पीसीएम (फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ) ग्रुप में हो
- स्टूडेंट्स को 10वीं बोर्ड में मिनिमम मार्क्स 70 फीसदी होनी चाहिए. साइंस और मैथ में 80 फीसदी अंक होना आवश्यक है. सीबीएसइ के स्टूडेंट्स के लिए सीजीपीए 8 होना चाहिए
- 12वीं बोर्ड में पीसीएम ग्रुप में 75 फीसदी अंक आना जरूरी है
- इकोनॉमिक रूप से कमजोर गर्ल स्टूडेंट्स पर विशेष फोकस किया जायेगा
ऐसे होगा उड़ान के लिए अप्लाई
- इसके लिए ऑन लाइन अप्लाई किया जायेगा. सीबीएसइ के वेबसाइट 666.ूु2ी.ल्ल्रू.्रल्ल 1 666.ूु2ीूंंीि्रेू.्रल्ल पर ले सकते है.
- सीबीएसइ के सिटी को-ऑडिनेटर से भी संपर्क किया जा सकता है
- फार्म भरने के बाद 27 अक्तूबर तक उसे सीबीएसइ, चौथी मंजिल, शिक्षा सदन, नई दिल्ली के पते पर भेज देना है.
इस प्रोग्राम के तहत ये सारे मिलेंगे फायदे
- देश भर से एक हजार गर्ल स्टूडेंट्स को चुना जायेगा. जिन्हें इंजीनियरिंग कॉलेज तक पहुंचने में पढ़ाई संबंधी मदद की जायेगी
- उड़ान प्रोग्राम में 50 फीसदी सीटें एससी, एसटी और ओबीसी गल्र्स स्टूडेंट्स के लिए रिजर्व रखा गया है
- उड़ान प्रोग्राम के तहत गल्र्स स्टूडेंट्स का सेलेक्शन मेरिट के आधार पर किया जायेगा
- उड़ान के तहत फ्री में इंजीनियरिंग की पढ़ाइ सीबीएसइ द्वारा सेलेक्ट गर्ल स्टूडेंट्स को दिया जायेगा
- पढ़ाई ऑन लाइन और ऑफ लाइन दोनों की तरह से होगा
- आइआइटी जेइइ की तैयारी के लिए तमाम लेर, स्टडी मेटेरियल सीबीएसइ मुहैया करवायेगी
- असेसमेंट के आधार पर स्टूडेंट्स को तैयारी करवायी जायेगी
- स्टूडेंट्स के लिए हेल्प लाइन नंबर भी जारी किया जायेगा
- स्टूडेंट्स और अभिभावक के लिए मोटिवेशन प्रोग्राम आयोजित किया जायेगा
कोट
बोर्ड का उड़ान प्रोग्राम काफी फायदेमंद होगा. इसमें अधिक से अधिक स्टूडेंट्स को शामिल होना चाहिए. अभी भी इंजीनियरिंग की तरफ गल्र्स स्टूडेंट्स की संख्या काफी कम है. इस कारण बोर्ड इस प्रोग्राम को शुरू करने जा रही है. सबसे अच्छी बात है कि इसमें हर बोर्ड की गर्ल स्टूडेंट्स को शामिल किया जायेगा.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ
11 october 2014 patna prabhat khabar
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