Saturday, January 9, 2016

इस साल इंटर में दो लाख अधिक बच्चों का हो सकेगा नामांकन

- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 101 विद्यालयों को दी संबद्धता

रिंकू झा, पटनाइस साल मैट्रिक की परीक्षा में पास करने वाले दो लाख अधिक बच्चे इंटर में नामांकन ले सकेंगे. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इसके लिए राज्य के विभिन्न जिलों में 101 विद्यालयों काे संबंद्धता प्रदान कर दी है. शेष विद्यालयों के संबद्धता की जांच चल रही है. फिलहाल इंटर में करीब आठ लाख छात्रों का नामांकन संभव हो पाता है, जिसकी संख्या बढ़ कर अब दस लाख तक हो जायेगी. हालांकि हर साल मैट्रिक परीक्षा पास करने वाले छात्रों की तुलना में यह आंकड़ा फिर भी काफी कम होगा. जांच की प्रक्रिया पूरी होने पर कुछ और भी विद्यालयों को संबंद्धता दी जायेगी.
- दो लाख बढ़ जायेंगे 2016 में परीक्षार्थी 2016 की मैट्रिक परीक्षा में इस साल दो लाख अधिक छात्र बैठेंगे. 2015 में जहां 14 लाख के लगभग मैट्रिक में परीक्षार्थी थे, वहीं 2016 में सीधे करीब 16 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे. इसके अलावा 2015 में लगभग तीन लाख छात्र फेल कर गये थे. ये परीक्षार्थी भी इस बार मैट्रिक परीक्षा में शामिल होंगे. समिति की माने तो हर साल छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है.
- 360 सीटों के लिए मिली मान्यता हर विद्यालयों को कम से कम 360 सीटों के लिए संबंद्धता दी गयी है. संबंद्धता साइंस, आर्ट्स और कामर्स तीनों स्टीम के लिए दिया गया है. हर स्टीम के 120 सीटों (एक सेक्शन में 40 छात्र को मिला है) के लिए दिया गया है. जिन विद्यालयों का इंफ्रास्ट्रक्चर समिति के शर्ताे को पूरा किया है, उन्हें तीन सेक्शन मान्यता दी गयी है. इन विद्यालयों में 2016 से छात्र नामांकन ले पायेंगे. इंटर स्तर तक के विद्यालयों की संख्या हर जिलों में बढ़ाया गया है. संबंद्धता के लिए हर जिलों के विद्यालयों को फोकस किया गया है.
- जांच के बाद मिलती है संबद्धता विद्यालयों को जांच के बाद ही संबद्धता दी जाती है. इसके लिए पहले विद्यालयों को समिति के पास अप्लाई करना होता है. विद्यालयों द्वारा अप्लाई करने के बाद समिति की ओर से जांच की जाती है. एक तरफ जहां समिति प्राइवेट एजेंसी से जांच करवाती है वहीं दूसरी ओर संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी से स्कूल की रिपोर्ट मांगी जाती है. एजेंसी और जिला शिक्षा पदाधिकारी के रिपोर्ट का मिलान होता है. इसके बाद संबंधित विद्यालय प्रभारी को बुलाया जाता है. इसके बाद सारी बिंदुओं पर जांच के बाद ही संबद्धता की प्रक्रिया पूरी होती है. नवंबर से दिसंबर के बीच अभी तक चार बैठकें हुयी है. चारों बैठक में 101 विद्यालयों को संबंद्धता दी गयी है.
- हर साल बढ़ रहा छात्रों की संख्या हर साल मैट्रिक में छात्रों की संख्या बढ़ रही है. ऐसे में मैट्रिक करने के बाद इंटर में नामांकन लेने में छात्रों को काफी परेशानी होती है. इंटर कॉलेज और स्कूलों की संख्या कम होने के कारण नामांकन नहीं हो पाता है. हर साल मैट्रिक में दो लाख के लगभग अधिक छात्र शामिल होते है. ऐसे में इंटर में नामांकन लेने में भी छात्रों की संख्या बढ़ जाती है.
ऐसे होती है संबद्धता की प्रक्रिया - विद्यालय को पहले आवेदन करना होता है
- जिन विषयों के लिए संबंद्धता चाहिए, इसकी जानकारी विद्यालयों को आवेदन के साथ ही देना होता है- विद्यालय में संकायवार शिक्षकों की संख्या बताना होता है
- विद्यालयों में कमरों की संख्या कितनी है- क्लास रूम क्षेत्रफल वर्गमीटर में बताना होगा
- विद्यालय में पठन पाठन का कार्य विस्तृत बताना होगा - प्रयोगशाला में एक साथ कितने छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था है
- वर्तमान में विद्यालय में कितनी संकायवार सीटें है पिछले तीन सालों में बढ़ गये मैट्रिक में छात्र
2013 में शामिल परीक्षार्थी की कुल संख्या - 11, 30, 4562014 में शामिल परीक्षार्थी की कुल संख्या - 13, 37, 899
2015 में शामिल परीक्षार्थी की कुल संख्या - 14, 67,6532016 में शामिल होने वाले परीक्षार्थी की लगभग संख्या - 16 लाख
कोटहर साल मैट्रिक में छात्रों की संख्या बढ़ रही है. ऐसे में इंटर में नामांकन के लिए सीटों को बढ़ाया गया है. इससे मैट्रिक के बाद छात्रों को दिक्कतें नहीं होगी. छात्रों की संख्या की वृद्धि होने के साथ-साथ विद्यालय की संख्या और सीटों में वृद्धि जरूरी है.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति \\B

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