Saturday, January 2, 2016

सीबीएसइ देगा अब आस्ट्रेलिया में पढ़ने का मौका

- सीबीएसइ स्टूडेंट्स को सेंट्रल इंस्ट्रीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पर्थ से कर पायेंगे ग्रेजुएशन

संवाददाता, पटनाअभी तक वोकेशनल कोर्स को स्टूडेंट्स सेकेंड्री इंट्रेस्ट के तौर पर देखते रहे है. प्लस टू लेवल पर स्टूडेंट्स साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स को ही प्रधानता देते है. लेकिन सीबीएसइ ने वोकेशनल कोर्स करने वाले स्टूडेंट के कैरियर को आगे बढ़ाने के लिए कई रास्ते खोल दिये है. पहले वोकेशनल कोर्स को यूजीसी से मान्यता दिलवाने के बाद अब आस्ट्रेलिया में वोकेशनल कोर्स वाले स्टूडेंट्स का सीधा नामांकन होने की सुविधा दे रहा है. सीबीएसइ से 12वीं में दो सालों का वोकेशनल कोर्स करने के बाद स्टूडेंट्स का नामांकन सेंट्रल इंस्ट्रीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पर्थ आस्ट्रेलिया में डायरेक्ट हो जायेगा. हाल में हुए सीबीएसइ और सेंट्रल इंस्ट्रीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पर्थ के बीच नामांकन को लेकर करार किया गया है. इसके तहत ही नामांकन की प्रक्रिया इस सत्र से शुरू होगा.
- चार विषयों में किया गया शुरू वर्तमान में सीबीएसइ की ओर से 40 वोकेशनल कोर्स चलाये जा रहे है. इसमें से अभी चार विषयाें में नामांकन की प्रक्रिया की जायेगी. स्टूडेंट्स का रिस्पांस आने के बाद 2017 से और भी कई नये या पुराने वोकेशनल कोर्स को इसमें शामिल किया जायेगा. सीबीएसइ की माने तो कैरियर के प्वाइंट से इसे बोर्ड द्वारा शुरू किया जा रहा है. स्कील बेस्ड इन कोर्स को प्लस टू के बाद स्टूडेेंट आसानी से कर पायेंगे.
- 2016 से होगा लागू सीबीएसइ स्टूडेंट्स को यह सुविधा 2016 से मिलने जा रहा है. 2016-18 सत्र के लिए जो भी स्टूडेंट्स प्लस टू में वोकेशनल कोर्स करेंगे, उन्हें यह सुविधा दी जायेगी. प्लस टू करने के बाद ये स्टूडेंट्स आस्ट्रेलिया में संबंधित विषय में नामांकन ले पायेंगे. दो साल प्लस टू करने के बाद उनके विषय को मुख्य विषय के रूप में देखा जायेगा.
- वोकेशनल कोर्स में स्टूडेंट नहीं लेते इंट्रेस्ट सीबीएसइ के अनुसार वोकेशनल कोर्स कई सालों से चल रहा है. लेकिन अभी भी स्टूडेंट्स वोकेशनल कोर्स नहीं करना चाहते है. चुकी वोकेशनल कोर्स की मान्यता बस प्लस टू लेवल तक है. जिन विषयाें में वोकेशनल कोर्स होता है, उन विषयाें में आगे ग्रेजुएशन करने में स्टूडेंट को कई दिक्कतें होती है.
इन विषयों में नामांकन से आस्ट्रेलिया में मिलेगा पढ़ने का मौका - ब्यूटी थेरेपी
- म्यूजिक प्रोडक्शन - बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन
- डिजाइन टू बॉड बेस दी स्ट्रक्चर कोट
वोकेशनल कोर्स के प्रति स्टूडेट्स का रूझान हो, इस कारण इसे 2016 से शुरू किया जा रहा है. स्कील बेस्ड कोर्स को करने के बाद इन कोर्स में दूसरे देश में भी उन्हें हायर एजुकेशन करने का मौका मिल जायेगा. इससे कैरियर संबंधित आप्सन भी आसानी से मिल सकेगा. वाइएसके सेशु कुमार, चेयरमैन, सीबीएसइ \\B

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