Saturday, January 9, 2016

सावधानी हटी, दुर्घटना घटी.... सड़क क्राॅस करने में बच्चे नहीं देखते है दूसरी सवारी

- स्कूल की छुट्टी के साथ शुरू होता है आपाधापी

संवाददाता, पटनासमय - 1:30 बजे. स्कूल के बाहर अभिभावकों की गाड़ियां लगनी शुरू हो जाती है
समय - 1:45 बजे. अभिभावक बच्चे को लेने के लिए गेट के पास खड़े है. वहीं कुमचा वाले भी अपनी जगह बना चुके हैसमय - 2 बजे. स्कूल की छुट्टी के साथ बच्चे बाहर निकलना शुरू करते है. कुछ बच्चे अभिभावक के साथ तो कुछ अकेले होते है. सड़क के दूसरी ओर लगी स्कूली बस, ऑटो और वैन की ओर बच्चे जाते है. स्कूल के दो टीचर बच्चे को सड़क क्रास करवाने के लिए वहां मौजूद रहते है
- समय - 2.20 बजे. जो बच्चे स्कूली बस से जाते है, वो अभी भी अपने बस का इंतजार स्कूल के बाहर कर रहे है. ऐसे बच्चे के लिए ना तो स्कूल प्रशासन होता है और ना ही अभिभावक स्कूल ने इंतजाम कर रखा है. छुट्टी के समय स्कूल के कुछ टीचर सड़क पर आकर खड़े भी होते है. ट्रैफिक पुलिस भी रहती है. लेकिन जिस तरह से इंतजाम होता है और एक साथ स्कूली बच्चे, अभिभावक, आम लोग और सवारियां रहती है, उसे देख कर बस इतना ही कहा जा सकता है कि थोड़ी सी भी लापरवाही होने से कभी भी घटना घट सकती है. सावधानी हटी,दुर्घटना घटी.... कुछ ऐसी ही हालत होते है सेंट जेवियर हाई स्कूल की छुट्टी के समय. स्कूल की छुट्टी होते ही बच्चे दौड़ लगाना शुरू करते है. सड़क क्रास कर अपनी सवारी की तरफ जाते है. आधे घंटे का यह समय बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी टफ होता है. स्कूल कैंपस में ही लगे स्कूली सवारी की आज की कड़ी में प्रभात खबर की ओर से सेंट जेवियर हाई स्कूल की छुट्टी के समय के हालात को देखा गया. स्कूल कैंपस में जगह नहीं देने की खामियाजा स्कूल प्रशासन के साथ आम लोग और ट्रैफिक पुलिस भुगत रही है. अगर स्कूल कैंपस में इन गाड़ियों को लगाने की जगह दे दी जायें तो छुट्टी के समय इस तरह ही आपाधापी नहीं होगी.
- तीन हजार स्टूडेंट एक साथ होते है सड़क पर स्कूल का अपना कंवियेंस नहीं होने के कारण बच्चे प्राइवेट बस, ऑटो, वैन, रिक्शा आदि से स्कूल आते है. ये सारी कंवियेंस सड़क के दूसरी तरफ गांधी मैदान के वाउंड्री वाल की तरफ खड़ा होता है. दो तरफ की व्यस्त सड़क को क्रास करके स्टूडेंट को दूसरी ओर जाना होता है. एक साथ स्कूल से तीन हजार स्टूडेंट निकलते है. कोई इधर तो कोई उधर की ओर भागते रहते है. ऐसे में इंतजाम होने के बावजूद कभी भी कोई घटना घट सकती है.
- चलती बस में बैठते है बच्चेजो बच्चे प्राइवेट स्कूल बस से घर जाते है. वो स्कूल के गेट के पास खड़े होते है. ऐसे में छोटे सवारी वाले बच्चे चले जाते है तो दूसरे साइड से स्कूल के गेट के पास प्राइवेट बस आकर रूकती है. ट्रैफिक जाम ना हो, इस कारण बस धीरे-धीरे चलती रहती है और उसी में बच्चे चढ़ते है. ऐसे में वहां पर खड़ी ट्रैफिक पुलिस भी कुछ नहीं कर पाती है. स्कूल की छुट्टी के आधे घंटे तक ये बच्चे अपने बस का इंतजार सड़क किनारे खड़े होकर करते है.
कोटहमारे लिए बहुत ही टफ होता है. बच्चों की सुरक्षा को लेकर हम इंतजाम करते है. हमारे कैंपस में जगह नहीं है, कहां इतना गाड़ियों को लगाया जायेगा. प्ले स्कूल के बच्चों की गाड़ियां केवल स्कूल कैंपस में लगता है. अभिभावको से हम बार-बार कहते है घर से नजदीक वाले स्कूल में ही बच्चे का नामांकन करवाये. लेकिन ऐसा नहीं होता है.
फादर जैकब, प्रिंसिपल, सेंट जेवियर हाई स्कूल, गाधी मैदान \\B

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